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निलंबित जज ने सुप्रीम कोर्ट को लिखा पत्र, कहा-मेरे मामले की सुनवाई दूसरे राज्य में हो

नीमच | निलंबित तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके श्रीवास ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा है। इसमें उनके विरुद्ध...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:05 AM IST

नीमच | निलंबित तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके श्रीवास ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा है। इसमें उनके विरुद्ध अनुशासनहीनता के मामले की सुनवाई दूसरे राज्य के न्यायालय में की जाए।

श्रीवास ने बताया जबलपुर हाईकोर्ट के उच्च अधिकारियों द्वारा उच्चतम न्यायालय के निर्देशों में उल्लंघन किया जा रहा है। अनुशासनात्मक कार्रवाई में उपस्थिति के लिए पेशी 8 सितंबर 2017 नियत की गई थी। निलंबन के दौरान विभाग द्वारा 7 सितंबर 17 तक तक जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान नही किया गया था, इस कारण से प्रार्थी अनुशासनात्मक कार्यवाही में उपस्थित नहीं हुआ। जांचकर्ता अधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया था, अनुपस्थिति का पर्याप्त कारण होनेे के उपरांत भी जान बुझकर प्रार्थी के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई दवाब बनाने के आशय से की थी, जबकि उच्च न्यायालय द्वारा कई निर्णयों में कहा कि निलंबन अवधि के दौरान जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान नहीं किया जाना कर्मचारी को अनुशासनात्मक कार्रवाई में उपस्थित होकर समुचित रूप से पक्ष रखने के अधिकार से वंचित करना है। जांच के दौरान 23 मार्च 2018 को अपचारी अधिकारी द्वारा बताए जाने के बावजूद न्याय दृष्टांतों को नोटशीट में नहीं लिखा गया। माह में दो बार पेशी नियंत्रणकर्ता अधिकारी के दवाब में लगाई जा रही है, प्रार्थी का मुख्यालय जबलपुर से नीमच लगभग 800 कि.मी की दूरी पर होकर आने व जाने में ही करीब 36 घंटे का समय लगता है। बार-बार पेशी से परेशानी हो रही है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। श्रीवास ने बताया सुप्रीम कोर्ट को पत्र भेज परेशानी बताई है।

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