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भागवत कथा सद्कर्म की प्रेरणा देती है- पं. नागदा

भागवत सद्कर्म की प्रेरणा देती है धर्म की रक्षा बिना राष्ट्र का विकास नहीं । कर्मों का फल अगले जन्म में भोगना...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:25 AM IST
भागवत सद्कर्म की प्रेरणा देती है धर्म की रक्षा बिना राष्ट्र का विकास नहीं । कर्मों का फल अगले जन्म में भोगना पड़ेगा। यह विधि का विधान है। मनुष्य जन्म मुश्किल से मिलता है। इसलिए सद्कर्म करना चाहिए ऐसा पुण्य कर्म करो जो भगवान को अर्पण होता है। भागवत का मूल्य नहीं करना चाहिए, यह अनमोल है। अच्छे पुण्य कर्मों का फल है कि भागवत श्रवण का अवसर मिलता है।

यह बात भगवताचार्य पं. घीसालाल नागदा बरुखेड़ा में नवगृह शनि महाराज मंदिर के चतुर्थ स्थापना दिवस पर भागवत कथा के दौरान कही। उन्होंने माखन चोरी मटकी फोड़ प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा हम सांप के काटने से बच सकते हैं लेकिन पाप के काटने से नहीं। वर्तमान में लोग धार्मिक सत्संग के नियमों को भूल रहे हैं। जब जीव मन, वचन, काया से स्मरण करता है तो प्रभु कृपा कर देते हैं। हर व्यक्ति को कर्म तो करना चाहिए, प्रभु भक्तों से दूर नहीं रह सकते हैं। लोग चरण वंदन करना भूल गए हैं जो चिंतन का विषय है। भगवान कृष्ण के जमाने में गाय और माखन की कमी नहीं थी। इसके बावजूद गोपियों के अटूट प्रेम के चलते भगवान कृष्ण माखन चोर कहलाए ।

बारुखेड़ में नवगृह शनि महाराज मंदिर के चतुर्थ स्थापना दिव पर आयोजित कथा में माखन चोरी मटकी फोड़ प्रसंग सुनाया

कथा की कृष्ण गोपी रास में श्रीकृष्ण और रुक्मिणी ने नृत्य की प्रस्तुति दी बालिकाएं, श्रद्धालु भाव विभोर हुए श्रद्धालु।

कृष्ण- गोपी महारास उत्सव मनाया

पं. नागदा ने कृष्ण गोपी महारास उत्सव का प्रसंग व वृंदावन रास बिहारी कहां से आये एक दिन नारी भोले त्रिपुरा मुरारी कहां से आ गए.. भजन सुनाया तो महिलाओं नृत्य किया । राधेश्याम नागदा, नारायण नागदा द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका में श्रीकृष्ण सीमा माली, राधा शिव कन्या माली, सखियां योगिता माली, दिव्या माली, कृष्ण माली, दीपिका माली, शिव कन्या माली, मनीषा माली, पूजा माली, अंजू शर्मा ने अभिनय प्रस्तुत किया।