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250 ने दिए फसल उखाड़ने के आवेदन

औसत पूरा न कर पाने की आशंका के चलते ढाई सौ किसानों ने अफीम की फसल उखाड़ने के लिए आवेदन दिए हैं। सोमवार तक आवेदन जमा...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:30 AM IST
औसत पूरा न कर पाने की आशंका के चलते ढाई सौ किसानों ने अफीम की फसल उखाड़ने के लिए आवेदन दिए हैं। सोमवार तक आवेदन जमा किए जाएंगे। इसके बाद विभाग फसल उखाड़ने की कार्रवाई करेगा।

नारकोटिक्स विभाग ने अफीम औसत पूरी नहीं करने वाले किसानों को फसल उखड़वाने का अवसर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा 56 किलो प्रति हेक्टेयर की औसत से अफीम देने के वाले किसानों को अगली बार भी पट्टे दिए जाने की घोषणा नई नीति में की थी। इस बार नीमच, मंदसौर व रतलाम जिले में 28310 किसान को 15 नवंबर 2017 तक पट्टे जारी किए थे। पिछले वर्ष नीति में दो बार परिवर्तन के कारण कई किसानों को पट्टे देरी से मिले। ऐसे में फसल बुवाई भी लेट हुई। अफीम फसल पर फूल आने व डोडे बनने के बाद अफीम का औसत पूरा नहीं होने का डर किसानों को सताने लगा। विभाग ने औसत पूरी नहीं करने वाले किसानों को राहत देते हुए 17 फरवरी से फसल उखाड़ने के आवेदन लेना शुरू किया। अब तक करीब ढाई सौ किसानों ने विभाग को आवेदन जमा किए है। पांच मार्च तक प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विभाग फसल उखाड़ने की कार्रवाई शुरू करेगा। इससे अफीम का रकबा तीन हजार के करीब रह जाएगा। 2014-15 में तीनों जिले में एक हजार तथा वर्ष 2015-16 में सर्वाधिक 18143 किसानों ने फसल उखड़वाने के दिए थे। इस वर्ष मौसम की मार के कारण उत्पादन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था और तीनों जिले के 548 किसानों ने ही विभाग को अफीम सौंपी थी।

नारकोटिक्स विभाग ने टीमों का किया गठन

नारकोटिक्स विभाग के अनुसार किसानों द्वारा दिए जा रहे आवेदनों के आधार पर फसल उखाड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। सात मार्च से विभाग की टीम खेतों में पहुंचकर संबंधित किसान के यहां फसल उखाड़ने की कार्रवाई शुरू करेंगी। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है। जो संबंधित खेत की वीडियोग्राफी कर रिकॉर्ड तैयार करेगी। फसल उखाड़ने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग को फसल का वास्तविक रकबा व उत्पादन की स्थिति पता चलेगी।