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सुखानंद मंदिर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा

सुखानंद मंदिर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। जिला प्रशासन द्वारा यहां प्राकृतिक गार्डन, स्टॉप डेम का...

Dainik Bhaskar

Sep 27, 2016, 04:05 AM IST
सुखानंद मंदिर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा
सुखानंद मंदिर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। जिला प्रशासन द्वारा यहां प्राकृतिक गार्डन, स्टॉप डेम का निर्माण करवाया जा रहा है। तीन स्तरों पर इसका काम होगा। उदयपुर, चित्तौड़गढ और सांवलियाजी जाने वाले लोग यहां पर घूमने आ सकेंगे इससे जिले को आर्थिक लाभ होगा।

जिला मुख्यालय से 32 किमी दूर जावद तहसील में अरावली की पहाडिय़ों में बना सुखानंद तीर्थ धाम मंदिर पर अति प्राचीन शिवलिंग स्थापित है। यह मुनि सुखदेव की तपोस्थली रही है। यहां 61 फीट ऊंचा झरना पर्यटकों को लुभाता है। हर साल श्रावण मास में यहां मेला लगता है। यह एक प्राचीन चट्टानी गुफा में है। इस परिसर में भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है। मनोरम प्राकृतिक दृश्यों के लिए भी जाना जाता है। यहां हरियाली अमावस्या और बैसाख पूर्णिमा को भी मेला लगता है। दूर-दूर से लोग दर्शन करने आते हैं। कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने टीएल बैठक में सुखानंद को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति की बैठक आयोजित कर विकास की कार्य योजना तैयार बनाने के निर्देश दिए थे। इस पर योजना बनाकर काम भी शुरू कर दिया गया है। यहां पर पर्याप्त विद्युत व्यवस्था, फिसल नरोधी टाइल्स ,गार्डन, विश्राम गृह, कैंटीन, सुलभ शौचालय निर्माण, पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।

सुखानंद मंदिर में झरने का प्राकृतिक दृश्य (फाइल फोटो)

विकास के कार्य शुरू कर दिए


सुखानंद मंदिर में हर साल श्रावण मास में 50 हजार लोग आते हैं। प्राकृतिक झरने में लोग स्नान कर शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं। दर्शन स्थल एवं पहाड़ी ऊंचाई पर होकर संकरा रास्ता है जिसमें लोहे की रेलिंग लगाई गई हैं। साथ ही वहां पर अन्य व्यवस्था भी की जा रही है। इससे यहां आने वाले लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

आज विश्व पर्यटन दिवस

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