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मौन मंत्र है तो हास्य महामंत्र, इसलिए हंसते रहिए, तनाव से मुक्ति मिलेगी

योग परिवार ने रविवार को गायत्री मंदिर में हास्य दिवस अनूठे तरीके से मनाया। अतिथि पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डाॅ....

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:10 AM IST
योग परिवार ने रविवार को गायत्री मंदिर में हास्य दिवस अनूठे तरीके से मनाया। अतिथि पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डाॅ. सी.पी. उपाध्याय, पूर्व शिक्षक रमेशचंद्र प्रजापति, योग साधक शिवनारायण वर्मा, पत्र लेखक मंच जिलाध्यक्ष डाॅ. के.के. जैन व समारोह संयोजक योग प्रेमी गुणवंत गोयल ने फूलझड़ी जलाई और अनार छोड़कर कार्यक्रम शुभारंभ किया। समारोह सभी ने मिलकर योग परिवार के वरिष्ठ अमरसिंह मूणत के निर्देशन में ठहाके लगाए।

पत्र लेखक मंच सचिव जगमोहन कटारिया व समाजसेवी नवीन अग्रवाल ने सदन को हनुमानजी का स्मरण कर हनुमान हास्यासन की प्रेरणा दी। डाॅ. उपाध्याय ने हंसी से होने वाले लाभ बताए और हास्य सम्राट काका हाथरसी की रचना सुनाई। डाॅ. केके जैन ने कहा हास्य जीवन का संगीत है। संगीत जीवन का आनंद है। हमें सातों दिन 24 घंटे हंसते-मुस्कुराते रहना चाहिए। ऐसे आयोजन हमें तनाव मुक्ति का मार्ग बतलाते हैं। प्रजापति ने हास्य प्रकट करने वाले क्षेत्रीय गीतों व कविता के माध्यम से उपस्थित जनसमूह का मनोरंजन किया। योग प्रेमी गुणवंत गोयल ने बताया हंसने व मुस्कुराते रहने से रक्त बढ़ता है। क्रोध करने व गुमसुम रहने से रक्त नष्ट होता है। मौन मंत्र है तो हास्य महामंत्र है क्योंकि हंसने और मुस्कुराने से कहीं कठिन है मौन रहना। मीना जायसवाल, शिवनारायण वर्मा, डाॅ. दिनेश पारवानी, जगदीश जोशी, वैध रमेशचंद्र जैन ने हास्ययुक्त विचार प्रकट किए। शांति की हंसी शांतिलाल जायसवाल ने हंसाई। वैध रमेश जैन के डमरू नृत्य को भरपूर ताली व सराहना मिली। बेबी गुनगुन अग्रवाल ने प्रार्थना ‘‘जय हो जग के पालन हार‘‘ को सदन में उपस्थित साधकों ने दोहराया। आभार बंशीलाल प्रजापति ने माना।