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सुख में भगवान को याद करने से दु:ख नहीं आता-पं. शास्त्री / सुख में भगवान को याद करने से दु:ख नहीं आता-पं. शास्त्री

Bhaskar News Network

Dec 09, 2018, 04:05 AM IST

Neemuch News - इंसान हृदय में प्रभु को समाए तो वह कभी दु:खी नहीं होता। संसार के रिश्ते-नाते एक दिन यही छूट जाते हैं। मानव के साथ...

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इंसान हृदय में प्रभु को समाए तो वह कभी दु:खी नहीं होता। संसार के रिश्ते-नाते एक दिन यही छूट जाते हैं। मानव के साथ उसके पुण्य कर्म और भक्ति भगवान ही साथ रहते हैं। सत्य ईश्वर है जो स्त्री निष्ठा से पति वृत धर्म का पालन करें उनका जीवन सार्थक होता है।

यह बात पं. पंकज कृष्ण शास्त्री ने आंबेडकर कॉलोनी स्थित नारायणगिरी बाबा मंदिर परिसर में कथा के छठे दिन कृष्ण रुक्मिणी प्रसंग सुनाते हुए कही। उन्होंने भगवान कृष्ण की कथा के साथ कृष्ण गोपी संवाद वृतांत सुनाया। उन्होंने कहा कि पति सेवा सबसे बड़ा धर्म है। जो सुख में भी भगवान को याद करता है उसके दु:ख नहीं आता है। जीवन में गरीबी-अमीरी, दु:ख-सुख, दिन-रात, धूप-छांव का आना जाना लगा रहता है। भक्ति सत्संग का धन कभी चोरी नहीं होता है। जहां प्रेम होता है वह समय का पता नहीं चलता है। अनुसुइया, कालिया देह नाग मोक्ष, ग्वालपाल गेंद, शेषावतार अगस्त मुनि, काल यमन, मूल द्वारका, विश्वकर्मा, द्वारिका, देवऋषि नारद आदि विषय पर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महत्व प्रतिपादित किया। कूदे यमुना में कन्हैया लेकर मुरलिया..., कृष्ण दीवानी रे श्याम दीवानी मीरा..., मोहन आओ तो सही माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी..., आज मेरे श्यामा की शादी है..., भजन सुनाए तो उपस्थित श्रद्धालु झूम उठो। कथा आरती व पूजन में यादव समाज के अध्यक्ष सुनील अम्ब, योगेश कोटा, दीपक कर्णिक, रेखा यादव उपस्थित थे ।

सजाई आकर्षक झांकी- कथा के दौरान विवाह प्रसंग पर आधारित झांकी सजाई गई। ढोल ढमाकों के साथ भगवान कृष्ण की बारात पंडाल में पहुंची। जहां विवाह की रस्म निभाई। झांकी में श्रीकृष्ण नेहा डूंगरवाल व रुक्मिणी कशिश पंवार, सखी में माही सागर, नंदनी सोन, विनिता जैन, नेहा चौहान, भूमिका पंवार, नेहा डूंगरवाल राधिका माताजी ने अभिनय किया। भगवान के रूप में सजे बच्चों का श्रद्धालुओं ने उपहार सामग्री एवं नकद राशि कन्यादान कर पूजन किया।

आंबेडकर कॉलोनी नारायणगिरी मंदिर में कथा सुनती महिलाएं।

आज होगा कथा का विश्राम

सात दिनी कथा के अंतिम दिन रविवार को द्वारिका लीला दर्शन, परीक्षित मोक्ष, कृष्ण सुदामा मिलन का प्रसंग सुनाया जाएगा। आकर्षक झांकी के साथ सजीव चित्रण होगा। इसके साथ कथा का विश्राम होगा।

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