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धर्मसभा... संतोषी सुखी रहता है- जीतरतन सागरजी

नीमच | गृहस्थी व्यक्ति को सदैव धैर्य, विन्रम व साहसी रहना चाहिए। संतोषी सदासुखी जीवन जीता है। संत को ब्रहमचर्य वृत...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 04:15 AM IST
धर्मसभा... संतोषी सुखी रहता है- जीतरतन सागरजी
नीमच | गृहस्थी व्यक्ति को सदैव धैर्य, विन्रम व साहसी रहना चाहिए। संतोषी सदासुखी जीवन जीता है। संत को ब्रहमचर्य वृत का गृहस्थी को संतोषीव्रत का पालन करना चाहिए तभी आत्मा का कल्याण हो सकता है। भगवान महावीर ने जो उपदेश दिए उनके बताएं सिद्धांतों पर चले तो सभी का आत्म कल्याण हो सकता है। यह बात आचार्य जीतर|सागर सूरिश्वर महाराज ने कही। सोमवार को पुस्तक बाजार स्थित आराधना भवन में सामूहिक वर्षी तप आराधकों के पारणा एवं पंचान्हिका महोत्सव के दाैरान आचार्यश्री ने कहा भोजन ग्रहण करते समय एक दाना व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। अहिंसा को हमने सिद्धांत बना लिया उसके विरुद्ध में लोग जा रहे हैं । श्री 108 पार्श्वनाथ पूजन का धर्म लाभ बालचंद कोठारी, रूपचंद कोठारी परिवार ने लिया 108 दीपक प्रज्जवलित किए । शांति कलश पूजन एवं 108 दीपक से महाआरती की गई ।

भक्तामर महापूजन आज - महोत्सव की श्रृंखला में आचार्य जितर|सागर सुरिश्वर जी के सान्निध्य में मंगलवार सुबह 10 बजे आराधना भवन पुस्तक बाजार पर श्री भक्तामर महापूजन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके धर्म लाभार्थी राजकुमारी विनयचन्द चौरडिय़ा परिवार होंगे । स्वामी वात्सल्य सुबह 11.30 बजे जैन भवन पर आयोजित होगा। शाम 7 बजे जैन भवन पर चौबीसी आयोजित होगी । स्वामी वात्सल्य एवं चौबीसी के धर्म लाभार्थी हमीरमल अखेसिंह कोठारी परिवार होंगे । मेहंदी वितरण रात्रि 8 बजे होगा । लाभार्थी मनोहरलाल अनिल संजय, युवराज बैगानी परिवार होंगे ।

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