• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Neemuch
  • ग्रीन बेल्ट में जहां हरियाली होना थी वह गुमटी रखकर किया अतिक्रमण
--Advertisement--

ग्रीन बेल्ट में जहां हरियाली होना थी वह गुमटी रखकर किया अतिक्रमण

शहर में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जों ने ग्रीन बेल्ट भी नहीं छोड़ा। जहां हरियाली और पौधे लहलहाने व गार्डन हाेने थे...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 05:40 AM IST
शहर में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जों ने ग्रीन बेल्ट भी नहीं छोड़ा। जहां हरियाली और पौधे लहलहाने व गार्डन हाेने थे वहां अवैध कब्जे हो रहे हैं। लोगों ने गुमटियां रख कहीं पर पक्के निर्माण कर लिए है। नगरपालिका की कार्रवाई लचर होने से दिनोंदिन अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं।

शिवाजी सर्कल से कलेक्टर कार्यालय तक हाईवे के दोनों ओर करीब 50 फीट चौड़ा और 5 हजार मीटर लंबा ग्रीन बेल्ट है। इसको हराभरा करने की योजना थी। कुछ संगठनों ने काम भी शुरू किया लेकिन इस जमीन पर लोगों ने गुमटियां रख दी गई है और कहीं पर पक्का निर्माण किया जा रहा है। फेंसिंग तो कहीं पर खाई खोदकर कब्जे के प्रयास किए जा रहे है। ग्वालटोली क्षेत्र में भी ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अतिक्रमण हो गया है। कॉलोनियों में ग्रीन बेल्ट की जमीन पर प्लाॅट काट दिए हैं। कॉलोनियों की आरक्षित जगह पर नपा बगीचे नहीं बना सकी। लोगों ने खाली जमीन का वाहन पार्किंग के साथ निजी उपयोग शुरू कर दिया है। नपाध्यक्ष राकेश जैन का कहना है ग्रीन बेल्ट की जमीनों पर अवैध कब्जे हटाएंगे। पक्का निर्माण तोड़ा कर गार्डन विकसित किए जाएंगे। इसमें सामाजिक संस्थाओं की मदद ली जाएगी।

कलेक्टोरेट के आसपास की जमीन पर बना दी पार्किंग

महू नसीराबाद रोड पर ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं।

मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट की जमीन पर नहीं होगा निर्माण

टीएनसीपी के अधिकारी एमएल वर्मा का कहना है मास्टर प्लान में मुख्य मार्गों से कॉलोनियों अौर सार्वजनिक स्थानों के पास ग्रीन बेल्ट की जमीन है। इस पर नगरपालिका को हरियाली के लिए पौधे लगाना है और गार्डन बनाना है। इस जमीन का उपयोग अन्य कार्यों में या कोई निर्माण नहीं किया जा सकता।

कलेक्टर कार्यालय से मैसी शोरूम चौराहे तक सड़क के दोनों ओर 50-50 फीट तक ग्रीन बेल्ट की जमीन पर नपा को गार्डन विकसित कर पौधे लगाने थे। लेकिन जमीन का उपयोग नहीं हो सकता है और लोगों ने पार्किंग स्थल बना लिए। सड़क के दोनों तरफ ट्रकों की लंबी कतारे लगी रहती है। जो आवागमन में बाधा बन रहे हैं। ट्रकों के खड़े रहने से हादसे भी हो रहे हैं। नपा ने वाहनाें को हटाने पर भी ध्यान नहीं दिया।