गांधीसागर में सफारी व वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए प्रयास किए शुरू

Neemuch News - गांधीसागर बांध व अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। जंगल क्षेत्र में कई प्राचीन मंदिर व हिल पाइंट...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:20 AM IST
Mandsore News - mp news gandhiji39s efforts to safeguard safaris and wild animals
गांधीसागर बांध व अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। जंगल क्षेत्र में कई प्राचीन मंदिर व हिल पाइंट है लेकिन जंगल में आम जनता को जाने की अनुमति नहीं है। पर्यटन को बढ़ावा देने व वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने 5 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। इसमें वन्य प्राणियों के 15 किमी क्षेत्र में बाउंड़्रीवॉल तथा लोगों के भ्रमण के लिए सफारी की योजना है। इसके लिए दो ओपन वाहन की मांग की गई है। शासन से मंजूरी मिलने पर आगे का काम शुरू होगा।

गांधीसागर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग तैयारी कर रहा है। इसके लिए 5 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर उज्जैन सीसीएफ व वहां से शासन को भेजा है। विभाग इसके लिए गांधीसागर के मध्य 15 किमी एरिया को कवर करने के लिए बाउंड्रीवाल बनाएंगा। इसमें हिरण व अन्य जीव रहेंगे। इसी में इनके चारागाह तैयार किया जाएगा। इसके आसपास सफारी के लिए कच्चे मार्ग तैयार किए जाएंगे। लोग ओपन जीप में बैठ कर जंगल भ्रमण का आनंद लेते हुए वन्य जीव को पास से देख सकेंगे।

कई पर्यटन के स्थल मौजूद- गांधीसागर अभयारण्य के मध्य अभी चौरासी गढ़ महादेव, कुंती नदी, केची नदी, डायली नाला, धांगा बगचास जैसे कई पाइंट है जहां ट्रेकिंग के साथ जंगल व छोटे झरने नदी का आनंद ले सकते हैं। अभी यहां लोगों को जाने की अनुमति नहीं है। सफारी शुरू होने के बाद वन विभाग लोगों को इन पाइंट पर भी ले जाएगा। विभाग चतुरभुज नाला व हिंगलाजगढ़ के किला व जंगल को भी शामिल किया है।

गांधीसागर के जंगलों में भी आनंद ले सकेंगे आम लोग।

प्रस्ताव काे मंजूरी मिलने का इंतजार


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