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बाढ़ राशि में हुए भ्रष्टाचार मामले में तहसीलदार तिवारी को नोटिस, प्रभावितों को क्रॉस चेक करने रामपुरा पहुंचे
रामपुरा में बाढ़ आपदा राशि में मनमाने ढंग से राशि बांटने के मामले में जांच के घेरे में तहसीलदार सुधाकर तिवारी आ गए। कलेक्टर कार्यालय ने जावद तहसीलदार तिवारी को नोटिस जारी किया,
उनके रामपुरा पदस्थापना वाले कार्यकाल में कई परिवार में अलग-अलग सदस्यों को नियम विरुद्ध राशि आवंटन का मामला सामने आया था। गुरुवार को तहसीलदार सुधाकर जावद से रामपुरा पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों की गलियों में निजी सर्वे शुरू कर दिया। तहसीलदार पुरानी सूची लेकर मकानों की वास्तविक स्थिति और परिवारों का डिटेल लेते गए। ‘भास्कर’ के सवाल पर उन्होंने कहा नोटिस मिला है, जल्द रिपोर्ट पेश करूंगा।
सितंबर 2019 में गांधीसागर के जलभराव से रामपुरा रिंग वाल का जलस्तर बढ़ने से कई इब्राहिमपुरा मोहल्ला, रायकुंवर मोहल्ला समेत अन्य इलाकों में जलभराव रहा था। नाव चलाकर लोगों की जिंदगी बचाई थी। बाढ़ प्रभावितों का सर्वे कर राशि वितरण हुआ। बाढ़ आपदा राशि आवंटन पर सवाल उठे। लोगों ने सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज जुटाए और प्रशासन के समक्ष पेश किए। नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी ने तत्कालीन कलेक्टर गंगवार और एडीएम वीके धोका पर राशि में भ्रष्टाचार समेत कई संगीन आरोप लगाए थे। शिकायत राष्ट्रपति, पीएम, सीएम समेत कई मंत्रालयों में की। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। 9 लोगों को जारी नोटिस में लिखा कि भ्रामक जानकारी देकर मुआवजा लिया, जिससे शासन को क्षति हुई। मुआवजा राशि की वसूली के साथ संबंधितों को एफआईआर की चेतावनी दी। रामपुरा तहसील न्यायालय ने सभी से जवाब मांगा।
नोटिस मिला इसलिए खुद जांच करने आया
सुधाकर तिवारी, तहसीलदार
फेसबुक टिप्पणी पर जांच, नई जांच की शंका में गंगवार देर रात विदा
9 माह में ही नीमच से हटाए गए तत्कालीन कलेक्टर अजय गंगवार का देर रात नीमच से रवाना हो जाना गुरुवार को सुर्खियों में रहा। 2 माह पहले कमिश्नर का दर्जा पा चुके गंगवार नीमच में डटे थे। आदेश आते ही उन्होंने सागर में ज्वाइन कर लिया। दरअसल बाढ़ आपदा राशि में भ्रष्टाचार का मामला राष्ट्रपति, पीएम, सीएम कार्यालय मंत्रालय तक पहुंच गया। अधीनस्थ कर्मचारी ने प्रताड़ना के आरोप लगाए। इसके पहले उनके फेसबुक कमेंट को लेकर केंद्र के नोटिस के बाद चीफ सेक्रेटरी जांच शुरू करवा चुके हैं। जिले के 16 वें कलेक्टर रहे गंगवार को शंका थी कि नए मामलों के चलते व प्रदेश की राजनीति के बदले समीकरणों के बीच उन पर जांच बैठ सकती थी, ऐसे में देर रात ही वे विदा हा़े गए।
मुआवजा लेने वाले नौ लोगों को नोटिस देकर जवाब मांगा
राशि वितरण में इनके नामों पर उठे सवाल- ओमप्रकाश कन्हैयालाल, गोरधन मांगीलाल, मोइन पिता असगर, हकीमउद्दीन, इशाक नोमानी, मुस्तफा नोमानी कुआंखेड़ावाला, नफीसा अकबर भाई जलवाला, शब्बीर अली हुसैन, मुस्तफा ताहेर अयाजीवाला। इन पर आरोप हैं कि परिवार सदस्यों के नाम से सभी ने अलग-अलग मुआवजा लिया। जिस पर जांच हो रही है। वर्तमान तहसीलदार गिरीश सूर्यवंशी ने संबंधितों को उक्त नाेटिस जारी किए।
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पहली बार किसी कलेक्टर ने सुबह 8 बजे किया ज्वाइन, जिले के 17वें कलेक्टर बने जितेंद्रसिंह राजे
31 मई 1998 को नीमच को जिले का दर्जा मिला। 22 साल के इतिहास में पहला मौका रहा जब किसी कलेक्टर ने ऑफिस टाइम से पहले सुबह 8 बजे पदभार संभाला हो। जितेंद्रसिंह राजे गुरुवार को नीमच के 17 वें कलेक्टर बने। राजे के समक्ष 3 बड़ी चुनौतियां हैं। सिस्टम को पारदर्शी बनाना। भादवामाता मास्टर प्लान, पर्यटन, सीवरेज समेत डेवलपमेंट के अधूरे काम पूरे कराना। साथ ही सत्ता पक्ष-विपक्ष में तालमेल रख प्रशासन की छवि सुधारना। ट्रांसफर ऑर्डर की सूचना के साथ ही राजे देर रात नीमच आ गए थे। पदभार संभालने के बाद वे भादवामाता के दर्शन करने पहुंचे और प्रोजेक्ट का जायजा लिया। इसी तरह शहर के आधे हिस्से को देखा। इसके बाद जिला अधिकारियों की बैठक में स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। इरादा साफ किया कि कोई भी काम लंबित ना रहे। शिकायतों का तत्काल निपटारा हो। ‘भास्कर’ को राजे ने बताया सुबह जल्दी उठ गया था और समय का उपयोग करने के मान से जल्दी ज्वाइन कर लिया। इसके बाद भ्रमण किया। बैठक व निरीक्षण में पहला दिन गुजरा। जनभावना मुताबिक पारदर्शी सिस्टम को प्राथमिकता दूंगा।
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रामपुरा में सूची से मिलान करते जावद तहसीलदार तिवारी।