बंदी लेखराम ने किया खुलासा

2 वर्ष पहले
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नीमच जेल ब्रेक मामले में पुलिस के हाथ आए एकमात्र बंदी चंदवासा (मंदसौर) निवासी लेखराम बावरी ने रिमांड रूम में कुछ सख्ती के बाद जेल के भीतर के चौंकाने वाले राज उगले। उसने बताया कि जेल में हर काम ठेके पर ही हाेता है।

प्लान में शामिल रहे पंकित शर्मा, ईश्वरसिंह जैसे कुछ जेल प्रहरियों में तो अवैध कमाई की होड़ लगी रहती है। बाहर से जेल की बिल्डिंग अच्छी दिखती है लेकिन भीतर सबकुछ गलत होता है। उसने बताया कि बड़े अपराधी भीतर कैदियों से काम के बदले वसूली भी करते। पैसे देने पर मोबाइल, बाहर का खाना, नशा सामग्री तक मिलती है। यही कारण रहा कि जेल फांदने के दौरान प्लान में शामिल प्रहरियों-जेल के कतिपय कैदियों से भरपूर मदद मिली और सभी के फरार होेने के कई घंटे बाद मामला उजागर हुअा। इधर, घटनाक्रम में प्रहरी पंकित शर्मा द्वारा कैदियों को भगाने के एवज में 1 लाख रुपए लेने के आरोपों के बाद कार्रवाई करते हुए कलेक्टर अजय गंगवार ने पंकित को निलंबित कर दिया। इस तरह जेल में हफ्तेभर के भीतर ही जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर, 8 प्रहरी मिलाकर कुल 10 का स्टाफ निलंिबत हो चुका है। लेखराम के बयान ने भी जेल के भ्रष्टाचार व मिलीभगत की पुष्टि कर दी। ‘भास्कर’ ने 25 जून के अंक में ही जेल में कैदी रहने वालों के हवाले से कई बिंदुओं पर खुलासा कर दिया था। इधर, पुलिस ने मामले में लेखराम बावरी और कैदियों को फरार करने-छिपाने में मददगार रहे मिट्‌ठू उर्फ लंगड़ा पिता उदयलाल बावरी निवासी ग्राम नारायणी थाना छोटी सादड़ी से फरार अन्य तीनों साथियों को मदद देने वालों की पहचान, स्थान समेत कई विषयों पर पूछताछ की। 23 जून से अब तक के घटनाक्रम से कहानी भी मिलाई। राजस्थान में लगी 12 पुलिस टीमों को निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ व आसपास की बताई लोकेशन संबंधी अपडेट भी कराया।

लेखराम बावरी

कनावटी
जेल ब्रेक

भास्कर ने 25 जून के अंक में ही बता दी थी हकीकत, गिरफ्त में आए एकमात्र बंदी के बयान ने भी कर दी जेल के भ्रष्टाचार व मिलीभगत की पुष्टि, ‘जेल ही ठेके पर’ की सच्चाई सामने आई, प्रहरी पंकित को कलेक्टर ने िनलंबित किया, लेखराम की निशानदेही पर जेल से वे चप्पलें जब्त की जिनमें छिपाकर रखते थे मोबाइल

जेल के प्रहरियों में मची है अवैध कमाई की होड़, उन्हें रुपयों का लालच देकर ही भाग पाए
कलेक्टर : जेल संबंधी रिपोर्ट शासन को भेजी, माहौल सुधारेंगे

कलेक्टर अजय गंगवार ने बताया जेल ब्रेक के बाद से अब तक के तमाम घटनाक्रम की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। मामले में संलिप्तता सामने आने पर शनिवार को एक और प्रहरी पंकित शर्मा को भी निलंबित कर दिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जेल का माहाैल सुधारेंगे। कैमरे, निलंबितों के बदले नया स्टाफ जैसे विषयों पर काम हो रहा है।

तीनों फरार कैदियों तक पहुंचने के प्रयास

एसपी राकेश सगर के मुताबिक पूछताछ में सामने आए तथ्यों के बाद पाइंट पर राजस्थान में हमारी टीमें फरार कैदियों को खोज रही हैं। निश्चित ही जल्द सफलता मिलेगी। एएसपी राजीव मिश्रा के मुताबिक गिरफ्तार कैदी व सहयोगी से पूछताछ में मिले सुराग के बाद फरार तीन अन्य कैदियों तक पहुंचने के प्रयास हो रहे हैं। कैदियों द्वारा प्रहरी पंकित शर्मा को 1 लाख रुपए दिए जाने की बात सामने आने के बाद उसे अरेस्ट कर लिया है। सीएसपी राकेशमोहन शुक्ल ने बताया पुलिस रिमांड में फरार बंदियों के परिजन की भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। जैसे कि इतनी राशि कहां से लाए, कहां-कैसे इस्तेमाल की।

भास्कर ने रखा आगे
25 जून को प्रकाशित खबर जिसमें भास्कर ने वारदात के अगले दिन ही दिन पूर्व कैदियाें से बात करके खुलासा कर दिया था कि पूरी जेल ही ठेके पर चल रही है।

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