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स्वाइन फ्लू से मृत महिला के परिजन जांच कराने जिला अस्पताल पहुंचे, साढ़े 4 घंटे तक डाॅक्टर ही नहीं मिले

3 वर्ष पहले
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जिले में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। जीवागंज निवासी महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य कर्मचारी शुक्रवार सुबह उनके निवास पहुंचे अाैर सर्वे किया। परिवारजन की जानकारी ली और जांच के लिए जिला अस्पताल आने को कहा। दोपहर में परिजन जिला अस्पताल पहुंचे तो यहां कोई नहीं मिला। इलाज व जांच में लापरवाही करने से परिजन आक्रोशित हो गए व अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। परिजन ने स्वाइन फ्लू वार्ड के बाहर धरना देकर आक्रोश जताया।

जिले में स्वाइन फ्लू से पिछले दो दिन में दो महिलाअाें की मौत हो चुकी है। बुधवार को जीवागंज भूरिया महादेव मंदिर के पास निवासी महिला की मौत हाेने के बाद गुरुवार को एएनएम संगीता व्यास ने टीम के साथ वहां सर्वे किया। परिजन से चर्चा कर आसपास के 10 घरों में सर्वे कर जानकारी ली। महिला स्वास्थ्य कर्मचारी ने परिवारजन को दोपहर 1 बजे जिला अस्पताल में जांच कराने को कहा। दोपहर में महिला के परिवारजन जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। यहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। इससे वे आक्रोशित हो गए। परिवारजन ने पहले अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर विरोध किया। 20 मिनट तक कोई सुनवाई नहीं होने पर सभी स्वाइन फ्लू वार्ड के पास पहुंचकर धरना देने लगे। कुछ देर बाद पुलिस जवान मौके पर पहुंचे। वे भी चिकित्सक के आने का इंतजार करने लगे लेकिन करीब दो घंटे तक कोई नहीं पहुंचा। सुनवाई नहीं होने पर शाम करीब 5 बजे कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मो. हनीफ शेख जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सीएमएचओ से चर्चा की तो उन्होंने परिजन को इमरजेंसी रूम नंबर 9 में लाने को कहा। आक्रोशित परिजन चिकित्सकों को स्वाइन फ्लू वार्ड के यहीं बुलाने पर अड़ गए। शेख ने जानकारी कलेक्टर धनराजू एस. को भी दी। करीब 4.30 घंटे बाद शाम 5.30 सिविल सर्जन डॉ. ए.के. मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने विभाग की गलती मानते हुए परिजन से माफी मांगी व सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया।

यहां इलाज में लापरवाही की, उदयपुर में पता चली बीमारी
मृत महिला के रिश्तेदार उस्मान मंसूरी ने बताया कि हम भाभी को 4 मार्च को जिला अस्पताल लाए थे। यहां किसी ने जांच नहीं की। कुछ देर बाद कोई बच्चों का डॉक्टर आया तो उसने भाभी को बच्चों के वार्ड में भर्ती कर दवाइयां दीं। हालत में सुधार नहीं हुआ, हमने रैफर लेटर लिखवाया। उदयपुर में तब पता चला कि स्वाइन फ्लू था। जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से महिला की मौत हुई। इसके लिए मंसूरी ने न्यायालय में जिला प्रशासन व जिला अस्पताल प्रबंधन के - खिलाफ मामला दर्ज कराने की बात भी कही है।

एक की रिपोर्ट का इंतजार-इधर, अस्पताल प्रबंधन द्वारा 5 संदिग्ध लोगों के सैंपल भोपाल भेज रखे थे। इसमें से 4 की जांच रिपोर्ट गुरुवार शाम को जिला अस्पताल प्रबंधन को मिली जो निगेटिव रही। एक मरीज की रिपोर्ट आना बाकी है।

पीड़ित परिवार के सदस्य से माफी मांगते सीएमएचओ।

जांच कराने आए मृतक महिला के परिजन ने जिला अस्पताल के मुख्य द्वार के पास दिया धरना।

एहतियात के तौर पर टेमी फ्लू टेबलेट दी है
परिवारजन की सभी की जांच पूरी कर ली है। 9 लोगों की जांच कर 5 लोग जो महिला के साथ संपर्क में रहे, उन्हें एहतियात के तौर पर टेमी फ्लू टेबलेट दी है। किसी में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं हैं। -सौरभ मंडवारिया, चिकित्सक, जिला अस्पताल

सीएमएचअाे बीमारी को लेकर गंभीर नहीं लग रहे थे
हमने परिजन की जांच के लिए सीएमएचओ महेश मालवीय से चर्चा की लेकिन उन्होंने इमरजेंसी रूम में बुलाने को कहा। उनकी बातों से वह बीमारी को लेकर गंभीर नहीं लग रहे थे। स्थिति के बारे में कलेक्टर को अवगत कराया है। सुधार नहीं होता है तो हम भी धरना देंगे। हनीफ शेख, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष

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