पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Mandsore News Mp News You Are Being Promoted You Will Not Mind The Scolding You Are Ready Pramukhsagar39s Question

तुम्हारा प्रमोशन किया जा रहा है, डांट का बुरा तो नहीं मानाेगे, तुम तैयार हो : प्रमुखसागर जी का सवाल

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

दिगंबर जैन समाज की मंदसौर में पहली बार एेलक दीक्षा हुई। दो दिनी आयोजन में इटावा के शिवम जैन को छुल्लक से एेलक दीक्षा दी। आचार्य प्रमुखसागर ने दीक्षा के पहले पूछा कि एेलक दीक्षा के लिए तैयार हो, मेरी डांट का बुरा तो नहीं मानोंगे। दीक्षार्थी ने कहा - कभी नहीं। आचार्य के कहने के साथ प्रभाकर सागर ने अपना दुपट्टा फेंका। पहली बार अंजली में भोजन लेकर आहार किया।

ऐलक दीक्षा में मंगलवार को छुल्लक प्रभाकरसागर की गोद भराई रस्म की गई। रात में भक्ति संगीत कार्यक्रम हुअा। बुधवार सुबह चल समारोह के बाद दीक्षा का आयोजन हुआ। सुबह 11.45 बजे दीक्षा के लिए प्रमुख सागर मसा ने छुल्लक प्रभाकरसागर से पूछा तुम्हारा प्रमोशन किया जा रहा है। मेरी डांट का बुरा तो नहीं मानाेंगे, तुम तैयार हो। छुल्लक ने जी गुरुदेव कहकर दुपट्टे को फेंक दिया। प्रमुखसागर ने कहा पद परिर्वतन के साथ नाम परिर्वतन किया जाता है। यह नाम गुरु पुष्पदंत सागर का दिया है आज से यह ऐलक प्रभाकरसागर के नाम से जाने जाएंगे। दीक्षा के बाद संत ने पहली बार बिना पात्र के अंजली में भोजन लेकर पाट पर बैठ आहार किया। मुनि दीक्षा के बाद खड़े होकर भोजन करना होगा। तार बंगला में विराजित संत आचार्य प्रमुखसागर मसा, मुनि प्रतीकसागर मसा व ऐलक प्रभाकरसागर मसा ने शाम 4 बजे जावरा के लिए विहार किया।

दुपट्टा उतारते संत व दीक्षा देते प्रमुखसागरजी।


बिना पात्र के भोजन करते एलक प्रभाकर सागर।


प्रभाकरसागर से पूछा तुम्हारा प्रमोशन किया जा रहा है। मेरी डांट का बुरा तो नहीं मानाेंगे, तुम तैयार हो। छुल्लक ने जी गुरुदेव कहकर दुपट्टे को फेंक दिया। प्रमुखसागर ने कहा पद परिर्वतन के साथ नाम परिर्वतन किया जाता है। यह नाम गुरु पुष्पदंत सागर का दिया है आज से यह ऐलक प्रभाकरसागर के नाम से जाने जाएंगे। दीक्षा के बाद संत ने पहली बार बिना पात्र के अंजली में भोजन लेकर पाट पर बैठ आहार किया। मुनि दीक्षा के बाद खड़े होकर भोजन करना होगा। तार बंगला में विराजित संत आचार्य प्रमुखसागर मसा, मुनि प्रतीकसागर मसा व ऐलक प्रभाकरसागर मसा ने शाम 4 बजे जावरा के लिए विहार किया।

अब यह होगा - पहले संत छुल्लक से ऐलक बने संत को एक ही वस्त्र धारण करना होगा। भोजन के लिए पात्र का उपयोग नहीं कर सकेंगे। केश लोच स्वयं करना होगा, वाहन का उपयोग नहीं कर सकेंगे।

इन्होंने ली बोलियां-इसमें पिच्छी की बोली 51 हजार 151 रुपए की बोली विजयेंद्र सेठी परिवार ने, कमंडल की बोली 51 हजार 151 रुपए में वीरेंद्र गांधी परिवार व शास्त्र की बोली सीहोर निवासी समरथमल जैन ने 15 हजार 115 रुपए में ली।
खबरें और भी हैं...