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गायत्री मंदिर में मुल्तानी मिट्‌टी से खेली होली ढोल डीजे की धुन पर झूमे युवा

नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह के साथ धुलेंडी मनाई गई। सुबह से गली, मोहल्लों में बच्चों और युवाओं ने...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:30 AM IST
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह के साथ धुलेंडी मनाई गई। सुबह से गली, मोहल्लों में बच्चों और युवाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया। महिलाओं और युवतियों ने उत्साह से होली खेली। पुलिस जवानों ने नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखी। महिलाओं ने सूखे रंगों से होली खेली। शनिवार को नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी सामुदाय द्वारा लोक गीत पर नृत्य कर दुकानों से फाग मांगा। गायत्री शक्ति पीठ मंदिर में टेसू के फूल, अरबी, मुलतानी मिट्‌टी और प्राकृतिक रंग बनाकर होली खेली। इसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए।

युवाओं और बच्चों ने ढोल-ताशों के साथ गली-मोहल्लों में घूमकर एक-दूसरे को गुलाल लगाया। यह सिलसिला दोपहर 1 बजे तक चला। मातापुर बाजार, शिवाजी नगर, 90 प्लाट और शास्त्री नगर, भवानी नगर, एमजी नगर में धुलेंडी पर ढोल-ताशों की धुन सुनाई दी। कुछ जगह डीजे बजे। धुलेंडी पर वार्षिक परीक्षाओं का असर भी रहा। युवाओं, बच्चों ने फेसबुक, वाट्सएप सहित अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट पर धुलेंडी के फोटो अपलोड किए। बुजुर्गों ने परंपरागत तरीके से होली मनाकर शहर में आपसी सद्भाव और भाईचारे की मिठास घोली। शहर के हर मोहल्ले के बच्चे होली के रंगों से सरोबार नजर आए। होली पर शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में भी चौकन्नी रही। नेपा मिल सिक्यूरिटी गार्ड, नगर सैनिक और पुलिस कर्मचारीयों ने शांति व्यवस्था बनाए रखी।

गायत्री शक्ति पीठ में मुलतानी मिट्‌टी से खेली होली।

समुदाय ने दो दिन मनाया त्योहार

इधर, टेसू के सूखे रंग से तिलक लगाकर मनाई होली

बोदरली | आदर्श ग्राम बोदरली में वृक्ष गंगा अभियान समिति द्वारा सुगंधित अष्टगंध, मुल्तानी मिट्‌टी, टेसू फूल से बनाए सूखे रंग से तिलक लगाकर होली मनाई। संजय राठौड़ ने कहा पहले होली पर केमिकल रंगों का उपयोग युवा करते थे लेकिन इस साल प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया। पानी की बचत हुई। फिल्मी गीत नहीं बजाए, भगवान के भजनों पर झूमे। व्यसन मुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान मुकुंदा चौधरी, हंसराज सुगंधी, राजीव महाजन, मनोज चौधरी, सीताराम महाजन सहित अन्य मौजूद थे।

पानी बचाने के लिए खेली सूखी होली

दाहिंदा | दाहिंदा में शुक्रवार शाम को होलिका दहन हुआ। शनिवार सुबह से धुलेंडी का उत्साह रहा। नवयुवकों ने नई पहल की। सूखी होली खेलकर पानी बचाने का संदेश दिया। क्षेत्र में ज्यादातर लोगों ने सूखी होली मनाई। शनिवार को लगे हाट बाजार में आदिवासी समाजजन ने ढोल-ताशे बजाकर फगवा मांगा। युवकों की टोलियों ने पारंपरिक गीत गाए।

ग्राम डाभियाखेड़ा में गुरुवार को लेवा पाटील समाज और शुक्रवार सुबह बंजारा समाज द्वारा होली दहन किया गया। क्षेत्र पांच इमली, बड़ीखेड़ातांडा, हिवरा और अंबाड़ा में समाजजन ने होली दहन कर शुक्रवार को धुलेंडी खेली। होली पर पूरणपोली, खीर, हार, कंगन और नारियल का भोग लगाकर देर रात तक होली दहन चला। अगले दिन आदिवासी समुदाय के लोगों ने गांवों में सामूहिक रूप से होली मनाई। ग्राम देवरी, शंकरपुरा, सारोला, बदनापुर, सीवल, नावरा, हैदरपुर, दुधियाखेड़ा, केरपानी, आमुल्ला और चांदनी, बोरसल, रतागढ़ में होली उत्साह के साथ मनाई गई।

सूखे रंगों से होली खेल दिया पानी बचाने का संदेश

निंबोला | क्षेत्र में लोगों ने सूखे रंगों से होली खेलकर पानी बचाने का संदेश दिया। निंबोला सहित अन्य गांवों में लोगों ने सूखे रंगों से होली खेली। ग्रामीणों ने बताया पलाश के फूलों से रंग बनाए थे। केमिकल रंगों का उपयोग नहीं किया। क्षेत्र में जलसंकट है। इसलिए लोग जागरूक हुए। पानी का उपयोग नहीं किया। निंबोला, झिरी, बोरी, नसीराबाद सहित अन्य गांवों में लोगों ने पानी बचाने का संदेश दिया।