नेपानगर

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लापरवाही: आज होंगे महिला के बयान

मामला सोमवार को नसबंदी ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक द्वारा पीड़ित महिला से मारपीट का भास्कर संवाददाता | नेपानगर ...

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 04:50 AM IST
मामला सोमवार को नसबंदी ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक द्वारा पीड़ित महिला से मारपीट का

भास्कर संवाददाता | नेपानगर

सोमवार को नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला के साथ डॉ. जीडी महारिक द्वारा मारपीट के मामले में तहसीलदार मुकेश काशिव से आज बयान लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे। तहसीलदार ने बताया महिला के पिता मयाराम चौहान ने शिकायत की है।

जिसमें बताया गया बेटी को नेपा लिमिटेड चिकित्सालय में शासन की योजना के तहत ऑपरेशन कराने के लिए ले गए थे लेकिन ऑपरेशन कक्ष में बेटी के साथ डॉ. जीडी महारिक ने अभद्रता करते हुए बाहर निकाल दिया। जिससे मेरी बेटी भी मानसिक रूप से परेशान हुई। डॉ. महारिक के कृत्य से नर्स एवं अन्य स्टाफ के साथ भी इस प्रकार से व्यवहार करना गलत है। उन्होंने तहसीलदार से शिकायत करते हुए शीघ्र ही उचित कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार रविवार को डॉ. महारिक ने खकनार में नसबंदी ऑपरेशन किए थे। सोमवार को जिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद वे नेपानगर पहुंचे और 42 महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन किए।

चिकित्सक पर चाहती हूं कार्रवाई -ममता इस मामले में डॉ. महारिक पर कार्रवाई चाहती है। चिकित्सक के इस प्रकार के रवैये से उन्हें मानसिक परेशानी हुई है। ममता ने बताया उसे एक बेटा ढाई साल का व छोटी बेटी एक माह से कम की है। इसके पश्चात शासन की योजना के तहत नसबंदी ऑपरेशन कराया लेकिन डॉ. जीडी महारिक के मारपीट एवं अभद्रता करने से आहत हुई है।

आॅपरेशन के चलते डॉ. महारिक से चर्चा नहीं की-तहसीलदार मुकेश काशिव ने बताया शिकायत पर मौके पर पड़ताल की। चूंकि ऑपरेशन में किसी प्रकार की कोई रुकावट नहीं आए इस लिए डॉण्जीडी महारिक से बात नहीं की। वे बाहर से आते हैं। महिला को ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया दिया गया था। इसमें बयान ठीक से नहीं हो पाएंगे। दो दिन बाद बुधवार को बयान दर्ज कर पंचनामा बनाया जाएगा। इसके बाद ही जो भी दोषी होगा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुझे थप्पड़ मारकर टेबल से धक्का दिया

ममता चौहान का आरोप है कि ऑपरेशन के पहले सभी प्रकार की जांच पूरी कर ली गई थी। इसके अलावा 5 इंजेक्शन भी लगा दिए गए थे। सिर्फ ऑपरेशन करना बाकी था। कक्ष में ले जाने पर डॉ. महारिक दूसरे टेबल पर एक अन्य महिला का ऑपरेशन कर रहे थे। उसके ऑपरेशन करने के बाद मेरे पास आते ही 2-3 थप्पड़ जड़ दिए और कपड़े ढीले करने के संबंध में गुस्सा करने लगे। मुझे टेबल से धकेल दिया। मैं गिरते हुए बची। मेरा ऑपरेशन किए बगैर ही मुझे कक्ष से बाहर निकाल दिया। अन्य कर्मचारियों के साथ भी अभद्रता की। मुझे बाहर निकालकर अन्य महिलाओं के ऑपरेशन किए। करीब 8 ऑपरेशन करने के बाद मुझे बुलाकर ऑपरेशन किया गया। इस दौरान उनका व्यवहार सामान्य रहा।

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