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10 मिनट की आंधी में 40 हजार केली के पेड़ जमींदोज, 17 बिजली के पोल टूटे

बुधवार शाम आंधी तूफान ने अंबाड़ा क्षेत्र में केली की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसमें करीब 40 हजार केली के पेड़ा...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 05:45 AM IST
10 मिनट की आंधी में 40 हजार केली के पेड़ जमींदोज, 17 बिजली के पोल टूटे
बुधवार शाम आंधी तूफान ने अंबाड़ा क्षेत्र में केली की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसमें करीब 40 हजार केली के पेड़ा बर्बाद हो गए हैं। 17 बिजली के पोल टूट गए। जिससे क्षेत्र की बिजली भी गुल हो गई सिंचाई के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। आंधी थमने के बाद से बिजली कंपनी के कर्मचारी सुधार के कार्य में लगे हुए हैं। जमींदोज फसल को हटाने के पूर्व शासन से सर्वे काम कराकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। जिससे कुछ हद तक नुकसान को कम किया जा सके। इसमें किसानों ने बैंकों से लोन लेकर फसल की है।

बुधवार शाम 5.30 बजे अचानक चक्रवाती आंधी आई। करीब 10मिनट में ही क्षेत्र में क्षेत्र में केली की फसल आड़ी हो गई। अधिकांश किसान गांव में ही थे। लेकिन आंधी से नुकसान का पता चला ताे ग्रामीण भी खेतों की ओर दौड़े। फसल बर्बाद होते देख किसानों ने सिर पकड़ लिया। उनके सामने ही केली की फसल आड़ी हो गई कई केली तो जड़ से उखड़ गई। अंबाड़ा और आसपास के कुछ गांवों में बिजली के पोल टूट कर तारों में अटके हैं। शाम से देर रात तक किसान कुछ हद तक जो केली के पौधों को सहारा देकर बचाया जा सकता है जद्दो जहद में लग गए। लेकिन कुछ तो हाथ लगाते ही जमीन पर आडे हो गए।

किसानों ने बताया पहले ही गर्मी से फसल को बचाने के जतन कर रहे थे। इस पर अब आंधी ने पूरा नुकसान कर दिया। सैकड़ों पेड़ खत्म हो गए तो कई पेड़ बीच से ही टूट कर एक दूसरे पर आड़े पड़े हैं। नुकसान सारोला, महलगुलआरा और हनुमंतखेड़ा में हुआ है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्राें में भी नुकसान का आकलन आरआई-पटवारियों द्वारा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है बीते एक सप्ताह से दोपहर के बाद तेज हवां आंधी का मौसम बन रहा है।

10 मिनिट की आंधी में आड़ी हुई केली की फसल।

बिजली के पोल

उमरदा में 11 केवी के 6 पोल, एलटी के 6 पोल, महलगुलआरा में 11केव्ही के 3 पोल खराब हुए हैं। सांडसखुर्द में एलटी के 2 पोल उखड़ गए हैं। इस स्थिति में क्षेत्र में सिंचाई की बिजली पूरी तरह से बंद पड़ी है। किसान बचे हुए पेड़ों की सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं। इन हालातों में उन्हें दोहरी मार झेलना पड़ रही है। फसलों को काफी हद तक नुकसान होगा। उन्हाेंने तहसील कार्यालय एवं बिजली विभाग से काम में तेजी लाकर नुकसान का आकलन करने एवं बिजली शुुरु कराने की मांग की है।

एक पौधे पर 150 का खर्च

किसानों ने बताया एक पौधे पर करीब 150 रुपए का खर्च होता है। पेड़ों पर केली अधपकी है। ऐसे में इसका कहीं भी उपयोग नहीं होगा। किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। वहीं बर्बाद हुई केली की फसल को भी खेतों से हटाने में भी खर्च आएगा।

11 कर्मचारी सुधार करने के काम में लगे हैं


इन गांवों में भी हुआ नुकसान

सारोला, किसान सीताराम राठौर के 4 हजार में से 3 हजार केली खराब। बाडू सुखदेव पाटील के 20 हजार में से 8 हजार का नुकसान। मुकेश जगन्नाथ 3 हजार में से एक हजार केली गिरी। सचिन नामदेव 4 हजार में से 1500, मधुकर भाउराव महाजन 30 हजार में से 8 हजार, रेखाबाई सुरेश महाजन 6 हजार में से 2 हजार का नुकसान हुआ है।

महलगुलआरा, किसान रविंद्र बाबूराव पाटील के 500 में से 1500 केली गिरी, देवराम बलीराम पाटील के 9 हजार में से 2500, रविकांत पटेल की 6 हजार में से 1500 का नुकसान, रज्जाक बिस्मील्ला का 4000 में से 1 हजार का नुकसान, प्रकाश महाजन 3000 में से 500 का नुकसान हुआ है।

हनुमंतखेड़ा, किसान यशवंत नारायण 4000 में से 1500 केली का नुकसान, सचिन पाटील के 15000 में से 2 हजार का नुकसान, जगन्नाथ रघुनाथ महाजन 4 हजार में से 1500 का नुकसान, अरुण प्रजापति 10 हजार में 1 हजार का नुकसान, संजय महाजन10 हजार में से 1500 केली के खोड़ का नुकसान हुआ।

तीन पटवारियों को सर्वे काम में लगाया है


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