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हाॅस्पिटल में घुसकर भीड़ ने नर्स, गार्ड और वार्ड ब्वॉय को पीटा, अफरा-तफरी मच गई

नवजात बच्चे की मौत के दो दिन बाद बदला लेने पहुंचे परिजनों ने जमकर मचाया उत्पात।

Dainik Bhaskar

Mar 09, 2018, 04:36 AM IST
पुलिस ने शिशु रोग और मेटरनिटी पुलिस ने शिशु रोग और मेटरनिटी

भोपाल. जेपी अस्पताल की एसएनसीयू बिल्डिंग में गुरुवार सुबह 11.45 बजे करीब 20 लोगों की भीड़ ने हंगामा कर दिया। सिक्युरिटी गार्ड के साथ मारपीट करते हुए इन लोगों ने नर्स और वार्ड ब्वॉय को भी पीटा। देखते ही देखते अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। कैबिन में मरीजों को देख रहे डॉक्टर भी भागकर अधीक्षक के कमरे में पहुंच गए। अन्य स्टाफ भी यहां-वहां छिपता नजर आया। अस्पताल की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शिशु रोग विभाग और मेटरनिटी वार्ड में घुसे लोगों को समझा-बुझाकर बाहर निकाला।

अस्पताल में भर्ती नहीं करने से हुई थी मौत, इसलिए नाराज थे परिजन
पंचशील नगर निवासी निकिता पगारे ने 28 फरवरी को जेपी में बच्चे को जन्म दिया था। दो मार्च को उनकी छुट्टी कर दी गई। सोमवार को बच्चे को उल्टी-दस्त होने लगे। परिजन मंगलवार को बच्चे को जेपी ले गए। एसएनसीयू में मौजूद चिकित्सक डॉ. मंजू ने जांच के बाद बच्चे को घर ले जाने को कहा। हालांकि परिजन उसे भर्ती करने पर जोर दे रहे थे तो डॉक्टर ने कहा कि उसे भर्ती करने की जरूरत नहीं है। घर पहुंचते ही बच्चे की नाक से खून बहने लगा। अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने दो दिन पहले भी अस्पताल में हंगामा किया था।

पुलिस ने शिशु रोग और मेटरनिटी वार्ड से उपद्रवियों को निकाला
अस्पताल में हंगामा और सुरक्षा गार्ड से मारपीट की सूचना मिलने पर हबीबगंज पुलिस ने उपद्रवियों को शिशु रोग और मेटरनिटी वार्ड से बाहर निकाला। अस्पताल के कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने पंचशील नगर में रहने वाले चार लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है। अस्पताल में हंगामा होने का खामियाजा विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भरना पड़ा। उन्हें अस्पताल में कर्मचारियों से मारपीट की घटना के कारण दोपहर 1 बजे के बाद इलाज मिला। इसकी वजह विवाद की सूचना मिलने पर कैबिन में बैठकर मरीजों को देख रहे डॉक्टर्स का ड्यूटी छोड़कर ओपीडी ब्लाॅक के सामने इकट्ठे हो गए थे। इसके चलते दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक ओपीडी में मरीजों का इलाज पूरी तरह से बंद रहा।

पहले बच्चे की मां को कराया भर्ती, फिर 20 लोगों ने किया हंगामा

अस्पताल अधीक्षक डॉ. आईके चुघ ने बताया कि मंगलवार को नवजात बच्चे की हुई मौत के मामले में उसके परिजनों को बातचीत के लिए बुलाया था। नवजात की मां को कमजोरी से चक्कर आ रहे थे। उन्होंने महिला को मेटरनिटी वार्ड में जांच और इलाज कराने भेजा था। तभी उनके साथ आई 20 लोगों की भीड़ ने सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों से मारपीट शुरू कर दी। बताते हैं कि भीड़ एसएनसीयू में पदस्थ डॉक्टर को ढूंढ रही थी। उनका कहना था कि अगर डॉक्टर बच्चे को भर्ती कर लेती तो उसकी मौत नहीं होती। उनकी लापरवाही के कारण ही हमारा बचा नहीं रहा। ऐसे में वार्डों में मौजूद डॉक्टर इधर-उधर छुपते रहे।

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पुलिस ने शिशु रोग और मेटरनिटी पुलिस ने शिशु रोग और मेटरनिटी
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