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इस लोक गायिका ने 21 सालों से नहीं काटे हैं अपने सिर के बाल, ये है वजह

भारत भवन में स्वास्थ्य और संस्कृति पर केंद्रित निरामय समारोह में ख्यात लोक गायिका पार्वती अपना बाउल गायन पेश किया।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 09, 2018, 10:43 PM IST

इस लोक गायिका ने 21 सालों से नहीं काटे हैं अपने सिर के बाल, ये है वजह

भोपाल.राजधानी के भारत भवन में स्वास्थ्य और संस्कृति पर केंद्रित निरामय समारोह में ख्यात लोक गायिका पार्वती अपना बाउल गायन पेश किया। इस दौरान उन्होंने 50 मिनट की प्रस्तुती दी। प्रस्तुति में उन्होंने नृत्य शैली में गायन और संकीर्तन को एक धागे में पिरोकर पेश किया। आपको बता दें, पार्वती ने अपने गुरू के कहने पर पिछले 21 साल से बाल नहीं कटाए हैं। इस तरह आईं नजर...

- मंच पर पार्वती हाथ में इकतारा, कंधे पर डुग्गी एवं अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्र टांगे बाउल नृत्य करतीं दिखाई दी।

- गर्दन में पुष्पमाला एवं पैरों में पायल के साथ कुमकुम लगाए गेरुई वेशभूषा में भक्ति गीत को सुरीले अंदाज में पेश किया।

- भारत भवन में शुक्रवार को ऐसा ही नजारा अचंभित करने वाला था।

- पार्वती ने रचनात्मक, प्रेम, भक्ति और शांति की महिमा बताते बाउल को संगीत का अधिक उपयुक्त माध्यम बताया।

- इस दौरान पार्वती ने गौरांश महाप्रभु, चैतन्य महाप्रभु और कृष्ण भक्ति रस से जुड़े पांच पदों की प्रस्तुति दी।

वैष्णव दर्वेश परंपरा से जुड़ी हैं

- पार्वती ने बताया कि बाउल गायन में वे वैष्णव दर्वेश परंपरा से जुड़ी हैं। गुरु ने बाल कटाने से मना किया, तो पिछले 21 साल से उन्होंने कभी बाल नहीं कटाए।

- इसके बाद पंडित राजा काले ने गायन पेश किया। वहीं सुबह भोपाल के जावेद खान और अब्दुल हमीद लतीफ ने सारंगी और वायलिन की जुगलबंदी पेश की।

- इससे पहले स्वास्थ्य और संस्कृति विषय पर डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी और डॉ. राधावल्लभ त्रिपाठी ने चर्चा की।

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Web Title: is lok gaaayika ne 21 saalon se nahi kate hain apne sir ke baal, ye hai wajah
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