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पुलिस की अनूठी पहल शर्मिंदा हुए गांव वाले, वर्दी उतारकर हाथों करने लगे कचड़ा साफ

पुलिस की इस अनूठी पहल पर जहां गांव वाले शर्मिंदा हुए वहीं कचरा फेंकने पर चल रहा आपसी विवाद अपने आप शांत हो गया।

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 11:05 PM IST

विदिशा (मध्यप्रदेश). शरीर पर पुलिस की वर्दी और हाथों में लाठियां लेकर गांव गोहर में गांव के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने गए पुलिस के तीन जवानों ने आपस में सहमति बनाने के लिए वर्दी उतारकर बाकायदा श्रमदान किया। पुलिस की इस अनूठी पहल पर जहां गांव वाले शर्मिंदा हुए वहीं कचरा फेंकने पर चल रहा आपसी विवाद अपने आप शांत हो गया।

- प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर डायल 100 पर सूचना मिली थी कि गांव गौहर में ग्रामीणों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। दो पक्ष आमने- सामने भिड़ने के लिए तैयार है। किसी भी पल गंभीर विवाद खूनी संघर्ष में बदल सकता है।

- विवाद का कारण एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों के घर के सामने कचरा फेंका जाना था। सूचना पर डायल 100 पर तैनात प्रधान आरक्षक मोहन कुशवाह, आरक्षक दीपक शुक्ला, पायल इमरान खान मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।

- समझाने के बाद भी जब विवाद का हल नहीं निकला तो तीनों पुलिस जवानों ने अपनी वर्दी उतार कर एक तरफ रखी और हाथों में फावड़े- तगाड़ी थामकर वह कचरा विवादास्पद स्थान से उठाकर अन्यत्र फेंक दिया। पुलिस जवानों की इस अनूठी कार्यप्रणाली को देख गांव वाले शर्मिंदा हो गए तथा उन्होंने भी पुलिस जवानों को सहयोग किया।

- इस तरह जो विवाद बात से नहीं सुलझ रहा था वह जवानों ने अपनी कार्यप्रणाली से हल कर दिया। इतना ही पुलिसकर्मियों ने विवाद करने वालों को चेतावनी भी दी है कि यदि फिर विवाद की जानकारी मिली तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

- जब बीना विधायक महेश राय को पुलिस की इस अनूठी कार्यप्रणाली की जानकारी मिली तो उन्होंने एसपी सागर सत्येंद्र शुक्ला से चर्चा कर तीनों पुलिस कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की है।