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इनाम के लालच में दूसरे थाने के वारंटी को पकड़ा तो एफआरवी में ही खाया जहर, मौत

पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के बाद मामले की न्यायिक जांच के आदेश हुए हैं। हवलदार को भी निलंबित कर दिया गया है।

Dainik Bhaskar

Nov 25, 2017, 06:09 AM IST
caught the second warranty of the police station

भोपाल . ऐशबाग थाने की फास्ट रिस्पांस व्हीकल (एफआरवी) में शुक्रवार दोपहर एक स्थायी वारंटी ने सल्फास खा लिया। इनाम के लालच में हनुमानगंज थाने के स्थायी वारंटी को ऐशबाग थाने के हवलदार ने पकड़ा था। अफसरों को सूचना देकर हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, जहां दो घंटे चले इलाज के बाद आरोपी की मौत हो गई। पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के बाद मामले की न्यायिक जांच के आदेश हुए हैं। हवलदार को भी निलंबित कर दिया गया है।

- करोंद निवासी 48 वर्षीय नीरज शर्मा इन दिनों बेरोजगार थे। सीएसपी जहांगीराबाद भारतेंदू शर्मा के मुताबिक वर्ष 2006 में नीरज पर चेक बाउंस का मामला बना था। सुनवाई के बाद वर्ष 2013 में अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया।

- उन दिनों नीरज हनुमानगंज थाना क्षेत्र में रहते थे, इसलिए हनुमानगंज पुलिस को तभी से उनकी तलाश थी। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ऐशबाग थाने की एफआरवी 53 में पदस्थ हवलदार राजेश जामलिया को वे पद्मनाभ नगर में नजर आए।

- राजेश ने उन्हें एफआरवी में बिठा लिया। उनकी बाइक अपने हमराह छन्नूलाल को दी और लेकर थाने जाने लगे। पद्मनाभ नगर स्थित पार्क के पास पहुंचते ही नीरज ने जेब में रखी सल्फास की दो गोली खा लीं।

- राजेश ने इसकी सूचना अफसरों को दी और नीरज को लेकर हमीदिया अस्पताल पहुंचे। यहां करीब दो घंटे तक चले इलाज के बाद डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। नीरज के खिलाफ वर्ष 2006 में हनुमानगंज थाने में आर्म्स एक्ट का केस भी दर्ज है।

चार साल पहले पत्नी से हुआ था तलाक

- नीरज मूलत: सागर के रहने वाले थे। मौत की सूचना पर उनके एक रिश्तेदार हमीदिया अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि नीरज किसी से भी रकम उधार ले लेते थे और लौटाते नहीं थे। इस तरह की हरकतों से परेशान होकर पत्नी ने भी करीब चार साल पहले तलाक ले लिया था। अब वे अपने मायके में ही रहती हैं। नीरज अपनी पत्नी को भी ऐसे ही एक मामले में परेशान कर चुके हैं।

नेता के नाम का भी किया गलत इस्तेमाल
- सूत्रों के मुताबिक नीरज इससे पहले लक्ष्मी टॉकीज के पास रहते थे। वे शहर के एक नेता को खुद का रिश्तेदार बताते थे। हालांकि, नेता ने इससे इनकार किया है। उनके नाम का इस्तेमाल कर नीरज ने कई लोगों से पैसे भी ले लिए थे।

- इधर, मामला पुलिस अभिरक्षा में मौत का है, इसलिए न्यायिक जांच के आदेश कर दिए गए हैं। सीएसपी शर्मा ने बताया कि अभिरक्षा में लेते ही सबसे पहले पुलिस को आरोपी की तलाशी लेनी चाहिए थी, लेकिन राजेश ने ऐसा नहीं किया। इस लापरवाही के लिए एसपी साउथ ने हवलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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