Hindi News »Madhya Pradesh News »Bhopal News »News» Debt In Guna And Harassment Of Moneylender In Damoh Took The Lives

गुना में कर्ज और दमोह में साहूकार की प्रताड़ना ने ले ली दो किसानों की जान

Bhaskar News | Last Modified - Nov 15, 2017, 06:48 AM IST

बमोरी के उकावद कला में 13-14 नवंबर की दरमियानी रात 32 साल के एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उस पर 8 लाख का कर
  • गुना में कर्ज और दमोह में साहूकार की प्रताड़ना ने ले ली दो किसानों की जान
    गुना/दमोह(भोपाल) .बमोरी के उकावद कला में 13-14 नवंबर की दरमियानी रात 32 साल के एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उस पर 8 लाख का कर्ज व बिजली कंपनी का बकाया था। मृतक किसान सुमेर सिंह पिता सीताराम धाकड़ के परिजनों के मुताबिक पिछले तीन-चार दिन के दौरान एचडीएफसी बैंक द्वारा उसके ट्रैक्टर की जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके अलावा बिजली कंपनी ने भी बकाया बिल जमा न करने पर उसका ट्रांसफाॅर्मर उठाने की चेतावनी दी थी। दूसरी ओर इस साल उसकी उड़द की फसल बेहद खराब हुई थी। पिछले साल भी फसल का नुकसान हुआ था, लेकिन उसे बीमा राशि का भुगतान नहीं हुआ। रही सही कसर पिछले साल बेची गई गन्ने की फसल का पैसा न मिलने ने पूरी कर दी।
    चार बैंकों का कर्ज था किसान पर
    - परिजनों के मुताबिक सुमेर पर यूनियन बैंक का 1.86 लाख, एचडीएफसी का एक लाख, मध्यांचल ग्रामीण बैंक का एक लाख और सेवा सहकारी बैंक का 60 हजार रुपए बकाया था। पिछले साल उसने 1300 क्विंटल गन्ना बेचा था, जिसके 2 लाख रुपए तो उसे मिल गए थे, लेकिन 41000 आज तक नहीं मिल पाए थे। किसान के छोटे भाई प्रताप धाकड़ व अन्य लोगों ने बताया दो-तीन दिन से बैंक और बिजली कंपनी का दबाव बढ़ रहा था।
    नोटबंदी के दौरान किसान ने बदलवाए थे साहूकार के 2 लाख के नोट, फिर भी तकाजा
    - दमोह जिले में एक किसान ने साहूकार की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। किसान द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में दो व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। इसके आधार पर एसपी विवेक अग्रवाल एसडीओपी स्तर के अधिकारी से मामले की जांच करा रहे हैं।
    - पुलिस ने बताया कि भोजपुर खेरा निवासी किसान रामा पटेल 57 ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली है। उसे जिला अस्पताल लाया गया था, जहां पर उसकी मौत हो गई। पुलिस को किसान के पलंग से एक सुसाइड नोट मिला है।
    - जिसमें किसान ने साहूकार दमोह निवासी मुकेश यादव और साबर खान पर जान से मारने की धमकी देने और रास्ते में रोककर प्रताड़ित करने की बात लिखी है। किसान के दोनों बेटे हरिराम और भुवानी ने पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में मुकेश यादव का नाम लिया है।
    - उनका कहना है कि मुकेश ने नोटबंदी के समय दो लाख रुपए पिता के खाते में डाले थे, नोट बदलकर ले भी लिए थे, मगर उस वक्त मुकेश ने ब्लैंक चेक और स्टांप पर हस्ताक्षर करा लिए थे। चेक बैंक में लगाकर कर्ज के नाम पर दोबारा राशि बैंक में जमा करने के लिए मुकेश गुंडों के साथ दबाव बना रहा था। राशि जमा न करने पर जमीन खाली करने की धमकी दे रहा था।

    - किसान का सुसाइड नोट पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस संबंध में जांच अधिकारी एसडीओपी प्रवीण भूरिया का कहना है कि अभी मर्ग कायम किया गया है। कल परिजनों के बयान लिए जाएंगे। जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
    रामा ने सुसाइड से पहले लिखी यह इबारत
    -चिट्‌टी लिख रहे श्री रामा पटेल वल्द बलू पटैल मेरो को मुकेश यादव दमोह उसके साथ साबर खान रहता, उसने मेरो को जान से मारने की धमकी दी, फिर उसने मेरो को किल्लाई नाके पे छेका, मैं आटो से आ रहा था, तो उसने कहा कल से दूध देने आए तो जान से मरवा देंगे, तो मैंने अपने लड़कों को नहीं बताया मैंने जाना बंद कर दिया। जबकि कोपरा में भी धमकी देने आया साबर और मुकेश दो चार लोग मोहन की दुकान पे हथे।
    -द: रामा पटेल, जैसा कि सुसाइड नोट में लिखा हूबहू
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Debt In Guna And Harassment Of Moneylender In Damoh Took The Lives
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×