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डिस्पेंसरी और ढाई लाख पर हाॅस्पिटल होने थे, मगर कागजों पर ही रहा प्लान

हमीदिया अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग बनकर तैयार है। 15 दिसंबर के बाद इसे मरीजों के लिए शुरू किया जाना है।

Dainik Bhaskar

Nov 25, 2017, 06:36 AM IST
Dispensaries and hospitalized for two and a half lakhs

भोपाल. हमीदिया अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग बनकर तैयार है। 15 दिसंबर के बाद इसे मरीजों के लिए शुरू किया जाना है। गुरुवार को यहां पर एमआरआई मशीन लगाने के लिए टेंडर फाइनल हो गए हैं। लेकिन जिस जगह पर मशीन लगाई जाना हैं, उसकी ऊंचाई 9 फीट है। जबकि मशीन लगाने के लिए करीब 13 फीट ऊंचाई की जरूरत पड़ती है। ठीक यहीं स्थिति सीटी स्कैन मशीन को लेकर है। अब सवाल यह है कि मशीनें कैसी लगेंगी। प्रबंधन ने पहले ही इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया। हकीकत सामने आने के बाद अब जीएमसी प्रबंधन मशीन को नई जगह पर लगाने की तैयारी कर रहा है।

- पीआईयू के अफसरों का कहना है कि जनवरी 2017 से यह बिल्डिंग उनके सुपरविजन में बन रही है। जबकि इसके पहले यह काम पीडब्ल्यूडी के डिवीजन 1 के अंडर में चल रहा था। पिछले 9 साल से यह काम चल रहा था। लेकिन अचानक काम बंद हो जाने के चलते यह काम पीआईयू को सौंप दिया गया।

- करीब 37 करोड़ की लागत से यह बिल्डिंग तैयार हुई है। पीआईयू के अफसरों का कहना है कि शुरुआत में बिल्डिंग को 150 बेड के अस्पताल के लिए डिजाइन किया गया था। लेकिन अचानक कहा गया कि यहां पर सीटी और एमआरआई मशीन लगाई जाना है।

- अभी नई बिल्डिंग के बेसमेंट में एमआरआई, एक्स-रे और सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए जगह बनाई गई थी। लेकिन अब दोनों मशीनें सर्जिकल ओपीडी के पास लगाई जाएंगी।

- पहले सीटी और एमआरआई मशीन लगाने के लिए नहीं बताया गया था। इसलिए बिल्डिंग की डिजाइन को उसके हिसाब तैयार नहीं किया गया था। बिल्डिंग में कई बार प्लानिंग को लेकर बदलाव किए गए। इसके चलते यह गफलत हुई। जगह की कमी के चलते अब मशीनों को दूसरी जगह भी शिफ्ट किया जा सकता है।
शशिकांत निमाड़े, चीफ आर्किटेक्ट, पीआईयू

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