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टोल पर फर्जी कर्मचारी वसूली करते पकड़ाए, वार्ड प्रभारी व क्लर्क सस्पेंड

क्लर्क नरेंद्र मेश्राम को तैनात किया था उसने वहां दो फर्जी कर्मचारियों की ड्यूटी लगा रखी थी

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2017, 06:02 AM IST
Finding fake employees recovery on toll, ward in-charge and clerk suspend
भोपाल . नगर निगम ने भदभदा टोल नाके पर जिस क्लर्क नरेंद्र मेश्राम को तैनात किया था उसने वहां दो फर्जी कर्मचारियों की ड्यूटी लगा रखी थी। दोनों ही 12-12 घंटे की ड्यूटी करते हैं। यहां टोल टैक्स की बजाय पार्किंग शुल्क वाली हैंड हेल्ड डिवाइस से रसीदें काटी जा रही हैं। यानी 50 और 100 रुपए की बजाय 2 और 5 रुपए की रसीदें काटी जा रहीं हैं। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रभारी आयुक्त वीके चतुर्वेदी और उपायुक्त बीडी भूमरकर द्वारा की गई छापामार कार्रवाई में यह बात सामने आई है। चतुर्वेदी और भूमरकर ने मेश्राम को बुलाया लेकिन वह शाम तक हाजिर नहीं हुआ। मेश्राम और वार्ड प्रभारी शंकर नील को निलंबित कर दिया गया है। जोन- 6 के जोन अधिकारी बाबूलाल शिकरी को नोटिस जारी किया गया है।
- मंगलवार सुबह 9:15 बजे रमेश रावत नामक व्यक्ति वसूली कर रहा था। निगम के अफसरों के सामने ही उसने ट्रक से 30 रुपए लिए, लेकिन रसीद नहीं दी। जब चतुर्वेदी ने टोका तो रावत ने 20 रुपए और ले लिए और रसीद दी। पूछताछ में उसने बताया कि वह निगम का कर्मचारी नहीं है। वह सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यहां ड्यूटी करता है। शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक गौरव यादव नामक व्यक्ति की ड्यूटी यहां रहती है।
डेढ़ साल से विभागीय वसूली
- डेढ़ साल पहले तक इस नाके पर वसूली का कांट्रेक्ट त्रिशूल ट्रांसपोर्ट के संचालक राजेश शर्मा के पास था। उन्होंने सालभर में 45 लाख रुपए में यह ठेका लिया था। निगम राजस्व विभाग के सूत्र बताते हैं कि घाटे के कारण शर्मा ने इसे आगे नहीं बढ़ाया। उसके बाद से यहां विभागीय वसूली हो रही है। वसूली के नाम पर नगर निगम के कर्मचारियों, अधिकारियों और कुछ पार्षदों का गठजोड़ यहां सक्रिय हो गया।
जोन अफसरों को बचाता है निगम
- तीन महीने में भास्कर ने जोन अधिकारियों द्वारा की जा रही गड़बड़ियाें का यह तीसरा मामला उजागर किया है। दो मामलों में जोन अधिकारी को नोटिस देकर छोड़ दिया गया।। जोन-8 के अधिकारी खलिल खान का नाम गरीबी रेखा की सूची में है। उन्होंने स्वीकार कर लिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जोन-18 के जेडओ शैलेष चौहान द्वारा विज्ञापन बोर्ड लगाने पर 40 व्यापारियों पर 62 लाख पेनाल्टी लगाई गई।

उन्हें भी नोटिस और चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। बताया जाता है कि भदभदा टोल टैक्स मामले में भी जोन अधिकारी शिकरी को बचाने के लिए कुछ लोग पर्दे के पीछे सक्रिय हो गए हैं।
प्रभारी आयुक्त पहुंचे भदभदा टोल नाके पर
टोल नाके से होने वाली कमाई का गणित
- एक चक्कर लगाने वाले ट्रक और बस से वसूली - 50 रुपए
- एक से अधिक चक्कर लगाने वाले वाहन से वसूली- 100 रुपए
- एक दिन में यहां से गुजरते हैं -250 वाहन
- स्कूल- कॉलेज बसों को टोल टैक्स से छूट
- नियमित वाहनों को 2200 रुपए का पास
- औसत अनुमानित वसूली - रोजाना 15 से 20 हजार रुपए
- नगर निगम के खाते में जमा हो रहे - 7 से 10 हजार रुपए
- रोजाना का घाटा - 10 हजार रुपए
- एक महीने का घाटा - 3 लाख रुपए
पार्किंग की हैंडहेल्ड डिवाइस मिली
- यहां पार्किंग शुल्क वसूली वाली हैंडहेल्ड डिवाइस मिली। जिससे दो और पांच रुपए की रसीद मिलती है। रावत ने स्वीकार किया कि कुछ ट्रकों और बसों को यह रसीद दी जा रही है।
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