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गलत तरीके से प्रमोशन कराने के मामले में सीएम ने मांगी रिपोर्ट

एक संस्था जन शिक्षा अधिकार सरंक्षण समिति द्वाराआरटीआई के तहत निकाली गई जानकारी में यह खुलासा हुआ था।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 15, 2017, 06:41 AM IST

  • गलत तरीके से प्रमोशन कराने के मामले में सीएम ने मांगी रिपोर्ट
    भोपाल.राज्य शिक्षा सेवा के तहत नियमविरुद्ध हुए 50 अफसरों के प्रमोशन मामले में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रमुख सचिव से रिपोर्ट तलब की है। स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। एक संस्था जन शिक्षा अधिकार सरंक्षण समिति द्वाराआरटीआई के तहत निकाली गई जानकारी में यह खुलासा हुआ था।
    जानकारी में यह सामने आया था कि राज्य शिक्षा सेवा से संबंधित कैबिनेट की संक्षेपिका से छेड़छाड़ की गई है। 2013 में राज्य शिक्षा सेवा का गठन किया गया। कैबिनेट ने 6 जुलाई 2013 को इसका प्रस्ताव मंजूर किया था। इसमें -संयुक्त संचालकों के 29 पद, अपर संचालकों के 7 पद मंजूर किए गए थे। संचालक का एक पद पुराना था। इसमें बढ़ाकर तीन पद कर दिए गए थे। 25 जुलाई 2013 को गजट नोटिफिकेशन हुआ था। प्रमोशन के बाद उप संचालक से संयुक्त संचालक बनाए।
    - पिछले साल संयुक्त संचालक से अपर संचालक पद पर पांच अधिकारियों को प्रमोशन भी दे दिया। प्रमोशन के बाद 29 संयुक्त संचालक भी बन गए। मई 2017 में अपर संचालकों की पदस्थापना के आदेश तक जारी कर दिए गए थे। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही प्रमुख सचिव को जांच करने के लिए कहा है। जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
    इन विभागों ने दिया था अभिमत:
    - विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वित्त विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग।
    इन बिंदुओं पर हो सकती है जांच
    - कंडिका- 7 में संक्षेपिका के ऊपरी क्रम में एईओ, सहायक संचालक के पद फिर दर्शा दिए। कंडिका 6 एवं 7 की मंजूरी मांगी गई, लेकिन केबिनेट ने सिर्फ 6 की ही अनुमति दी। विभाग के कुछ अधिकारियों ने संक्षेपिका बदल दी और मसौदा बदलकर राजपत्र में प्रकाशित तक करा दिया। नियमानुसार मंत्री परिषद के निर्णयों में बदलाव मंत्री परिषद ही कर सकती है। इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। दस्तावेजों में हेरफेर कर उसे मंत्रिपरिषद से अनुमोदित होना दर्शा दिया।
    जांच में शामिल रहेंगे ये भी बिंदु
    -
    प्रमोशन से शिक्षकों को व्याख्याता और व्याख्याताओं को हाई स्कूल प्राचार्य और हाई स्कूल प्राचार्यों को हायर सेकंडरी प्राचार्य हायर सेकंडरी प्राचार्यों को सहायक संचालक के पदों पर प्रमोशन देकर 131 विकासखंडों एवं 50 जिलों में सहायक संचालकों की नियुक्ति कैसे हुई?
    - जन शिक्षकों के रुप में अध्यापक , वरिष्ठ अध्यापक, शिक्षक जो कार्यरत हैं उन्हें पदनाम बदलकर एरिया एजुकेशन आफिसर बनाने और 40-50 स्कूलों में नियुक्ति कैसे दी गई?
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