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व्यापमं महाघोटाला: किसी सिरे पर पहुंचते, इससे पहले ही ट्रांसफर हो गया केस

एसटीएफ निजी मेडिकल कॉलेज संचालकों के खिलाफ पीएमटी गड़बड़ी केस में सबूत जुटा रही थी।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 26, 2017, 06:53 AM IST

व्यापमं महाघोटाला: किसी सिरे पर पहुंचते, इससे पहले ही ट्रांसफर हो गया केस

भोपाल.एसटीएफ निजी मेडिकल कॉलेज संचालकों के खिलाफ पीएमटी गड़बड़ी केस में सबूत जुटा रही थी। सॉल्वर व स्कोरर पर जांच अटकी हुई थी। इसे सुलझाने के लिए पांच राज्यों के कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों के फोटो में स्कोरर के फोटो तलाश रहे थे, तभी केस सीबीआई को ट्रांसफर हो गया। इस कारण एसटीएफ की जांच में एक भी निजी कॉलेज संचालक का नाम नहीं आ सका। यह बात एसआईटी के चीफ रहे जस्टिस चंद्रेश भूषण ने कही। जांच का और वक्त मिलता तो कई बड़े खुलासे करते..

सवाल- एसटीएफ के पास जब व्यापमं पीएमटी गड़बड़ी की जांच थी, तब तक किसी भी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज का नाम जांच में क्यों नहीं आया था ?
जवाब- एसटीएफ की जांच जारी थी। जांच आगे बढ़ रही थी। उसी दौरान केस सीबीआई को ट्रांसफर हो गया। इस वजह से एसटीएफ की जांच में निजी कॉलेजों के नाम सामने नहीं अा सके थे। जांच आगे बढ़ती तो एसटीएफ भी कई बड़े खुलासे करती।

एसटीएफ की जांच कहां तक पहुंची थी। क्या एसटीएफ को जांच के लिए कम समय मिला था ?
- मामले की जांच करने के लिए एसटीएफ के पास समय कम और काम ज्यादा था। जांच स्टूडेंट्स और सॉल्वर के बीच अटकी हुई थी। दूसरे राज्यों के मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट्स के फोटो कलेक्ट किए जा रहे थे।


सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट्स के फोटो से एसटीएफ क्या पता करना चाहती थी ?
प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए स्टूडेंट्स के फोटोग्राफ्स थे लेकिन, सॉल्वर्स के नहीं। कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के फोटो का मिलान प्रवेश परीक्षा के फॉर्म पर चस्पा फोटो से करके सॉल्वर और स्कोरर तक पहुंचने की कोशिश की जा रही थी।


व्यापमं के पीएमटी गड़बड़ी मामले में पांच राज्यों के मेडिकल स्टूडेंट्स के फोटो क्यों मंगाए गए थे ?
- मध्यप्रदेश, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार और राजस्थान के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे स्टूडेंट्स के फोटो एजेंसी कलेक्ट कर रही थी।
एसटीएफ की पूरी जांच के दौरान गड़बड़ी के क्या किसी भी मामले में निजी कॉलेज और उसके संचालकों के शामिल होने के तथ्य सामने नहीं आए थे?
- एसटीएफ के पास जिन मामलों की जांच थी, उन मामलों में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज संचालकों द्वारा गड़बड़ी किए जाने में उनके नाम सामने नहीं आए थे। डीमेट में गड़बड़ी के संबंध में भोपाल के दो और इंदौर के एक काॅलेज संचालक का नाम आया था।

क्या व्यापमं मामले की जांच कर रही एसटीएफ और एसआईटी दबाव में काम कर रही थी ?
- एसअाईटी पर व्यापमं मामले की जांच की निगरानी के दौरान कभी भी दबाव में काम नहीं किया। हाईकोर्ट ने एसटीएफ बिना दबाव के जांच कर सके, इसके लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। रही बात एसटीएफ की, तो उस पर दबाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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Web Title: vyaapmn mhaaghotaalaa: kisi sire par phunchte, isse pehle hi traansfr ho gaya kes
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