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एमपीपीएससी से सात मेडिकल कॉलेजों में पोस्टिंग, 880 पदों पर होगी सीधी भर्ती

मप्र के सात नए मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की जरूरत पूरी करने के लिए कैबिनेट ने सीधी भर्ती का फैसला लिया है।

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2017, 06:31 AM IST
Posting of MPPSC in seven medical colleges
भोपाल . मप्र के सात नए मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की जरूरत पूरी करने के लिए कैबिनेट ने सीधी भर्ती का फैसला लिया है। कैबिनेट ने तय किया है कि शासकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय दतिया, खंडवा, रतलाम, शहडोल, विदिशा, छिंदवाड़ा और शिवपुरी में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 880 रिक्त पदों को मप्र लोक सेवा आयोग के जरिए सीधी भर्ती कराई जाए। बता दें कि इन सात मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर के 185 पद, एसोसिएट प्रोफेसर के 253 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 442 पद रिक्त हैं। सीधी भर्ती एक बार के लिए होगी। कैबिनेट बैठक ने मंगलवार को इस पर मुहर लगा दी।
- कैबिनेट में इसके साथ कई अन्य प्रस्तावों पर तो मंजूरी हो गई है, लेकिन कोलाहल अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंत्रियों के विरोध के बाद टाल दिया गया। मंत्रियों ने कहा कि पहले ही त्योहारों की संख्या घटाकर 15 कर दी गई है, जबकि पहले यह 22 से ज्यादा थे। ऐसे में कोलाहल अधिनियम भी लागू होगा तो यह सही नहीं होगा।
- कैबिनेट में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित प्री मैट्रिक/पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों का जूनियर, सीनियर एवं महाविद्यालयीन छात्रावासों के रूप में युक्तियुक्तकरण करने की मंजूरी दी गई। योजना छात्रावास की तीन श्रेणियों में जूनियर 205 छात्रावास, सीनियर 1189 छात्रावास तथा महाविद्यालयीन 152 छात्रावास कुल 1546 छात्रावास संचालित किए जाएंगे।
जारी रहेगी कन्या विवाह और मुख्यमंत्री निकाह योजना
- सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और मुख्यमंत्री निकाह योजना जारी रहेगी।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना तीन साल और चलेगी।
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक कुल 1168 करोड़ 85 लाख रुपए दिए जाएंगे।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक कुल 591 करोड़ 16 लाख 60 हजार रुपए की मंजूरी दी।
भावांतर पर सीएम ने मंत्रियों से कहा- क्षेत्र में बताओ
- भावांतर भुगतान स्कीम को लेकर कैबिनेट में बात हुई। सीएम ने कहा कि 22 नवंबर को उज्जैन में भावांतर की राशि का भुगतान शुरू किया जा सकता है। आप भी जब प्रभार या अपने जिले में जाएं तो भावांतर को लेकर सभी से बात करें।
आदिवासियों के लिए कैबिनेट में दो फैसले
- अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को 2017-18 से 2019-20 तक संचालन की अनुमति दी। 3 वर्ष में 21 हजार हितग्राहियों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
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