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एमपी प्राइवेट स्कूल बिल को कैबिनेट से मंजूरी, 10% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा पाएंगे निजी स्कूल

निजी स्कूल की फीस वृद्धि से जुड़े विधेयक को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

Dainik Bhaskar

Nov 27, 2017, 02:48 AM IST
Private schools will not be able to raise fees

भोपाल. निजी स्कूल की फीस वृद्धि से जुड़े विधेयक को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। अब निजी स्कूल संचालक हर साल 10 फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा पाएंगे। यदि कोई स्कूल इससे ज्यादा फीस वृद्धि करना चाहता है तो उसे कलेक्टर के पास जाना पड़ेगा। सरकार विधेयक में यह प्रावधान कर रही है कि कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी, जो अधिक फीस बढ़ाने के आवेदनों पर निर्णय लेगी। वित्तमंत्री जयंत मलैया के मुताबिक नए सत्र से इसे लागू किया जाएगा।

- विधेयक पर चर्चा के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा कि इसमें आवासीय स्कूलों व कथित तौर पर बड़े स्कूलों को भी शामिल किया जाए।

- इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि विधेयक में आवासीय स्कूल भी जोड़ दिए तो शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करने वाले मप्र से बाहर चले जाएंगे।

- मप्र में कोई स्कूल नहीं खोलेगा। बच्चों को भी फिर बाहर पढ़ना पड़ेगा। इसी शीतकालीन सत्र में यह विधेयक पेश होगा।

16 हजार करोड़ का होगा अनुपूरक

- वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए सरकार 16 हजार करोड़ रुपए का द्वितीय अनुपूरक ला रही है। इसमें सर्वाधिक राशि पंचायत एवं ग्रामीण विकास, भावांतर और महंगाई भत्ता व राहत की है। कैबिनेट ने अनुपूरक को मंजूरी दे दी है।

अभिभावकों को मिलेगी कुछ हद तक राहत

- पालक महासंघ के सचिव प्रमोद पंडया सचिव स्कूल जिस प्रकार की सुविधाएं बच्चों को देते हैं, उसी प्रकार की गाइडलाइन होना चाहिए। बच्चों की सुविधाओं का ध्यान रखना शिक्षण संस्थाओं में जरूरी है।

- निजी स्कूल सरकार से जमीन तो लेते हैं। लेकिन अपने मनमानी तरीके से फीस वसूली जाती थी। इसको सरकार के मंत्री, विधायकों से लेकर कई बार चर्चा की गई। लंबे समय बाद यह फैसला आया है।

- लेकिन यह भी ठीक नहीं है कि स्कूल हर साल 10 फीसदी से ज्यादा फीस न बढ़ाए। सरकार को ऐसा प्रस्ताव तैयार करना चाहिए था कि सारा नियंत्रण उसके हाथ में हो। इस प्रस्ताव से कुछ हद तक अभिभावकों को राहत मिलेगी।

कैबिनेट के अहम फैसले ये भी
- आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास गठित।
- युवा सशक्तिकरण मिशन बना। इसके अधीन होंगे मप्र राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड।
- सहरिया, बैगा और भारिया विशेष आदिम जनजातियों के उम्मीदवारों को पुलिस विभाग के आरक्षक (जीडी) पद के लिए अनुसूचित जनजाति के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाएगा।

सीएम ने मंत्रियों से कहा- कांग्रेस प्रभावित सीट है, फिर भी जुटो
- बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अपने कक्ष में मंत्रियों को बुलाया। उन्होंने कहा कि मुंगावली और कोलारस सीट पर उपचुनाव प्रस्तावित हैं।

- यह कांग्रेस के प्रभाव वाली है। हम यहां जीते भी हैं और भारी मतों से हारे भी हैं, इसलिए इन सीटों पर अभी से जुटो। हमें जीतने में पूरी ताकत लगानी है।

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