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सिर्फ कृषि, शहरी और ग्रामीण विकास के लिए 82.5 फीसदी राशि का किया प्रावधान

सरकार की महत्वाकांक्षी भावांतर भुगतान योजना के लिए इसमें प्रावधानित किए गए हैं। इस पर चर्चा गुरुवार को होगी।

Dainik Bhaskar

Nov 30, 2017, 05:45 AM IST
Provision of 82.5% amount for agriculture

भोपाल. वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बुधवार को विधानसभा में चालू वित्तीय वर्ष (2017-18) के लिए 15,556 करोड़ रुपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश कर दिया है। इसमें से 82.5 फीसदी राशि का प्रावधान सिर्फ तीन विभाग कृषि, शहरी व ग्रामीण विकास के लिए किया गया है, जबकि शेष 57 विभागों के लिए मात्र 17.5 फीसदी यानी मात्र 2724 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इन विभागों से ज्यादा राशि 4 हजार करोड़ रुपए तो सरकार की महत्वाकांक्षी भावांतर भुगतान योजना के लिए इसमें प्रावधानित किए गए हैं। इस पर चर्चा गुरुवार को होगी।

- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने द्वितीय अनुपूरक के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन प्रावधान 6483 करोड़ रुपए का किया गया है। शहरी विकास एवं आवास विभाग ने 1915 करोड़ रुपए मांगे थे, लेकिन वित्त विभाग ने इसे लगभग आधा कर दिया है।

- अब चार माह के लिए अनुपूरक बजट में सिर्फ हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम के लिए 1049 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। दरअसल, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से 60 फीसदी पैसा मिल चुका है, लेकिन राज्य के हिस्से (40 फीसदी) की राशि नहीं मिलने से योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र केंद्र को नहीं भेजे जा सके हैं।
- दूसरी योजनाओं का पैसा लगाया: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पहले अनुपूरक बजट में मैचिंग ग्रांट की मांग की थी, लेकिन यह राशि अभी तक नहीं मिल पाई। इसके चलते अन्य योजनाओं से करीब 200 करोड़ रुपए लेकर आवास योजना में लगाए गए।

- विभाग के एक अफसर ने दावा किया है कि केंद्र की सबसे महत्वाकांक्षी योजना सस्ते मकानों का निर्माण के लिए प्रति दिन करीब 55 करोड़ रुपए की जरूरत है।

पहले अनुपूरक से तीन गुना
- सरकार ने पहले अनुपूरक बजट में 5059 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। जबकि दूसरे अनुपूरक में यह राशि गुना कर दी गई है। हालांकि इस पर वित्त विभाग के एक अफसर का कहना है कि केंद्रीय योजनाओं के लिए मैचिंग ग्रांट(40 प्रतिशत) की राशि का पहले अनुपूरक में नहीं हो पाया था, इसलिए दूसरे अनुपूरक में यह राशि विभागों को दी जा रही है। यह पहला मौका है, जब द्वितीय अनुपूरक बजट के लिए इतनी राशि का प्रावधान किया गया है।

सिंहस्थ के 150 करोड़ भी मांगे
- नगरीय विकास विभाग ने अनुपूरक बजट में पिछले साल हुए सिंहस्थ मेले में खर्च हुए 150 करोड़ रुपए मांगे हैं। रियल स्टेट रेग्युलेटरी अथारिटी (रेरा) के लिए भी राशि मांगी है।

जीएसटी के बाद घटा 1806 करोड़ राजस्व

- जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद अगस्त, सितंबर व अक्टूबर में मप्र का राजस्व 1806 करोड़ कम हो गया है। वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम छह माह के दौरान बजट से संबंधित आय और व्यय की प्रवृत्तियों का विवरण पेश किया है।

पहली बार राजस्व विभाग ने सभी 101 प्रश्नों के जबाव दिए : राजस्व विभाग ने पहली बार विधायकों के सभी प्रश्नों के जबाव दिए हैं। इस सत्र में विधायकों ने राजस्व विभाग से संबंधित 101 प्रश्न पूछे थे। राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सभी प्रश्नों का जवाब दिया है। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि शीतकालीन सत्र में राजस्व विभाग से कुल 138 प्रश्नों का जवाब मांगा गया था। इसमें से 101 प्रश्नों के जवाब बुधवार को दिए गए हैं।

टॉप 5 विभाग, जिन्हें ज्यादा राशि मिलेगी
विभाग राशि
ग्रामीण विकास 6483
कृषि 4000
ऊर्जा 1409
राजस्व 1300
नगरीय विकास 1049
(करोड़ रुपए में)
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Provision of 82.5% amount for agriculture
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