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पीएससी छात्रा गैंगरेप केस : टीआई, एसआई जीआरपी, एमपी नगर एसआई की लापरवाही

मेडिकल भी आठ घंटे बाद करवाया गया। ऐसा इन तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही से हुआ है।

Danik Bhaskar | Nov 18, 2017, 05:04 AM IST

भोपाल . पीएससी छात्रा से सामूहिक ज्यादती की एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी के लिए जीआरपी टीआई मोहित सक्सेना, एसआई भवानी प्रसाद उइके और एमपी नगर एसआई आरएन टेकाम को जिम्मेदार माना गया है। एक नवंबर की सुबह हबीबगंज पुलिस के साथ छात्रा दोपहर साढ़े 12 बजे मौके पर पहुंची और एफआईआर रात साढ़े आठ बजे दर्ज की गई। मेडिकल भी आठ घंटे बाद करवाया गया। ऐसा इन तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही से हुआ है।

- इस मामले में बरती गई लापरवाही की जांच कर रहे एसआईटी चीफ (डीआईजी महिला सेल) सुधीर लाड़ ने विस्तृत जांच रिपोर्ट शुक्रवार शाम एडीजी महिला सेल अरुणा मोहन राव को सौंप दी है।

- डीजीपी आरके शुक्ला इन दिनों बैठक के सिलसिले में दिल्ली में हैं, जो संभवत: सोमवार सोमवार को लौटेंगे। राव का कहना है कि रिपोर्ट की जानकारी डीजीपी के लौटने पर ही मिलेगी।

टीआई हबीबगंज ने शून्य पर दर्ज नहीं की एफआईआर

- सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में हबीबगंज टीआई रवींद्र यादव को भी कर्तव्य के प्रति लापरवाह माना गया है। दोपहर 12 बजे छात्रा माता-पिता के साथ थाने पहुंची। शाम साढ़े चार बजे तक टीआई उन्हें लेकर घूमते रहे। फिर भी उन्होंने एफआईआर दर्ज नहीं की।

- मौका मुआयना करने के फौरन बाद टीआई को चाहिए था कि शून्य पर प्रकरण दर्ज कर केस डायरी जीआरपी को भेज देते। टीआई एमपी नगर को इसलिए जिम्मेदार माना गया है, क्योंकि उनका स्टाफ पर नियंत्रण नहीं है। उनके एसआई ने इस घटना की जानकारी अपने थाना प्रभारी को क्यों नहीं दी? ऐसी ही लापरवाही सीएसपी एमपी नगर ने भी की है।

एसपी रेल ने एसीएस होम के सामने रखा अपना पक्ष
- एसपी रेल अनीता मालवीय ने घटनाक्रम पर एसीएस होम केके सिंह के सामने पक्ष रखा है। एसपी ने बताया है कि वे दोषी नहीं हैं। घटना पर हंसते हुए जो वीडियो दिखाया गया, वह गलत है। कुछ दिन पहले हुई इस मुलाकात के वक्त एसीएस ने पूछा तो एसपी ने जवाब दिया कि इस संबंध में उन्होंने पुलिस मुख्यालय के अफसरों को भी जानकारी दी है।

डीजीपी करेंगे अगली कार्रवाई पर फैसला
- डीआईजी महिला सेल इस मामले में अंतरिम रिपोर्ट पहले ही सौंप चुके हैं। इसी रिपोर्ट को आधार मानते हुए तीन टीआई, दो सब इंस्पेक्टर को निलंबित और सीएसपी एमपी नगर को हटाने के आदेश किए गए थे। माना जा रहा है कि रिपोर्ट देखने के बाद डीजीपी इन पुलिस अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच या अन्य कार्रवाई को लेकर फैसला करेंगे।

सरकारी वकील 20 को पेश करेंगे ट्रायल प्रोग्राम
- बीएससी की छात्रा से गैंगरेप के चार आरोपियों को जेल से शुक्रवार को सेशन कोर्ट में पेश किया गया। सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र शुक्ला के मामले को न्यायाधीश सविता दुबे की अदालत में भेज दिया है।

- 20 नवंबर को होने वाली पेशी पर सरकारी वकील ट्रायल प्रोग्राम तैयार कर कोर्ट को सौंपेंगे। अदालत में किस तारीख को कितने गवाहों को हाजिर रखना है, यह सुनिश्चित किया जाएगा।