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12 साल में बीमारू से देश का अग्रणी राज्य बना मध्यप्रदेश नई उड़ान के लिए तैयार : शिवराज

इन बारह वर्षों में क्या नया हुआ और अभी क्या बाकी है? मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से खास बातचीत ।

Danik Bhaskar | Nov 29, 2017, 05:51 AM IST
शिवराज सरकार के 12 साल पूरे होने पर मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीएम को बधाई दी। शिवराज सरकार के 12 साल पूरे होने पर मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीएम को बधाई दी।

भोपाल. इन बारह वर्षों में क्या नया हुआ और अभी क्या बाकी है? मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से खास बातचीत ।

सवाल: हर व्यक्ति एक लक्ष्य तय करता है। मुख्यमंत्री के रूप में आपके क्या लक्ष्य थे? उस मैमाने पर आप अपने आप को कहां पाते हैं?

उत्तर: जब मैं मुख्यमंत्री बना उस समय सड़क, बिजली और पानी की स्थिति अत्यंत खराब थी। प्रदेश की पहचान एक बीमारू राज्य के रूप में थी। मैंने सर्वप्रथम सड़क, बिजली और पानी की स्थिति को बेहतर किया, उसके बाद कृषि उत्पादन बढ़ाने, कौशल विकास व स्वरोज़गार पर ध्यान दिया। आज मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन गया है। कुल कृषि उत्पादन 214 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 545 लाख मीट्रिक टन और नहरों से सिंचित रकबा साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर है। किसानों को रोज दस घण्टे बिजली मिल रही है। प्रति व्यक्ति आय 14 हजार रुपये से बढ़कर 72 हजार रुपये से अधिक हो गई है।

इन 12 साल में सबसे बड़ी चुनौती क्या लगी? वह क्या चीज है, जिसने इस चुनौती से लड़ने की ताकत दी?
- मध्यप्रदेश को विकसित और अग्रिम पंक्ति के राज्यों में शामिल करना सबसे बड़ी चुनौती थी। प्रदेश की कृषि विकास दर पिछले 4 वर्षों से 20 प्रतिशत से अधिक है। जनता से मिले प्यार ने लड़ने की ताकत दी। जनता का ही प्रेम था, कि वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा को 143 सीटें मिली थीं, वहीं वर्ष 2013 में 165 सीटों पर विजयी बनाया। वोट प्रतिशत भी बढ़ा।

व्यापमं,डंपर कांडं जैसे कई आरोप सामने आए जो बाद में गलत सिद्ध हुए, क्या कभी ऐसा नहीं लगा कि राजनीति की गंदगी से दूर हो जाएं?
- सत्य की सदैव जीत होती है। मुझ पर जो भी आरोप लगाये गए थे, वे सभी एक-एक करके गलत साबित हुए हैं। एक प्रकरण में मैंने स्वयं मानहानि का दावा न्यायालय में प्रस्तुत किया था। माननीय न्यायालय ने मिथ्या आरोप लगाने के कारण उन्हें दो साल की सजा एवं 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। मेरे लिये राजनीति धर्म है,। राजनीति ने मुझे सिखाया है कि जब तक समाज का एक भी व्यक्ति दुःखी है, तब तक आप चैन की नींद नहीं सो सकते हैं।

आपने बिजली, सड़क, पानी के मुद्दे पर सरकार शुरू की थी। सरकार इन मुद्दों से बाहर क्यों नहीं है?
- आपका ऐसा कहना उचित नहीं है। प्रदेश में आज 20 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। बिजली के मामले में सरप्लस राज्य है। 12 साल में डेढ़ लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ है। पेयजल और सिंचाई के लिए पानी पर्याप्त है। कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ा है।

किसानों में असंतोष है। मंदसौर आंदोलन और प्याज खरीदी में अव्यवस्थाएं इसका सबूत हैं? क्या भावांतर योजना से किसानों की स्थिति सुधरेगी?
- प्रदेश में किसान पूरी तरह संतुष्ट है। मंदसौर आंदोलन किसानों का आंदोलन नहीं था। यह कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया सुनियोजित षड्यंत्र था। प्याज खरीदी से किसान बहुत संतुष्ट थे। प्याज की बम्पर पैदावार होने के बाद बाजार में किसानों को 2 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा था। प्याज का भंडारण भी संभव नहीं होता है, इसलिए सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए 8 रुपए प्रतिकिलो की दर से किसानों की प्याज खरीदी थी। इससे प्रदेश के किसानों को 512 करोड़ रुपए का लाभ हुआ। खरीदी गई 90 प्रतिशत प्याज का उचित उपयोग हुआ है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्थिति विकट है। हर जिले मेंं सेवाओं की स्थिति खराब है, इसे कैसै ठीक करेंगें?
- एचएमआईएस के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में संस्थागत प्रसव बढ़कर 91 प्रतिशत और पूर्ण टीकाकरण बढ़कर 82 प्रतिशत हो गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार को देखें, तो प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थाओं में बिस्तरों की संख्या 4 हजार 448 से बढ़कर 42 हजार 659 हो गई है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में तेजी से गिरावट आई है। यह दर हालांकि राष्ट्रीय औसत के समान तो नहीं है, किन्तु इस दिशा में प्रदेश में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में 114 अंक और शिशु मृत्यु दर में 53 अंक की गिरावट आई है।

रोजगार बढ़ाने के लिए जीआईएस (इन्वेस्टर्स मीट) की गई, लेेकिन यह सफल क्यों नहीं हो पाई?
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सफल रही हैं। पिछली जीआईएस में हमें 4.75 लाख करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 80 लाख करोड़ का उत्पादन शुरू हो गया है। शेष का कार्य प्रक्रिया में हैं।

ज्यादा पापुलिस्ट फैसले करना सरकार के लिए नुकसानदेह नहीं होता है?
- जब जनता को राहत मिलती है, तो वह प्रसन्नता भी व्यक्त करती है। प्रसन्नता को लोकप्रियता कहना शायद प्रासंगिक नहीं होगा। हमारा लक्ष्य सिर्फ जन कल्याण है।

चित्रकूट, अटेर उपचुनाव चिंता नहीं बढ़ाते हैं?
- चुनाव किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग है।ं इनमें हार या जीत एक सामान्य प्रक्रिया है। जनता का निर्णय हमें स्वीकार्य है। हम परिणामों की समीक्षा कर रहे हैं। चित्रकूट में बीजेपी को मिले वोटों को देखें तो 2008 के चुनाव में 35 हजार वोट मिले थे। इस विधानसभा चुनाव में 52 हजार वोट मिले हंै। बीएसपी का उम्मीदवार नहीं होने के कारण उसका लाभ कांग्रेस को मिला।

मध्यप्रदेश पर कर्ज़ 1.75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, क्या यह चिंंतित नहीं करता?
- बिल्कुल चिंताजनक नहीं है। कुल अनुमानित कर्ज़ 1 लाख 55 हजार 800 करोड़ है, जो तय मानकों के अनुसार जीएसडीपी के 25 प्रतिशत से भी कम है। हमारे बेहतर वित्तीय प्रबंधन को देखते हुए ही चौदहवें वित्त आयोग ने राज्य को जीएसडीपी के 0.5 प्रतिशत की अतिरिक्त ऋण सीमा जारी की है। जीएसडीपी में निरंतर वृद्धि हुई है।

नोटबंदी और जीएसटी को कैसे देखते हैं?
- नोटबंदी और जीएसटी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए दो दो ऐतिहासिक फैसले हैं। इनसे देश एक विकसित अर्थव्यवस्था की तरफ तेजी से बढ़ने में सफल हुआ है। नोटबंदी से सबसे ज्यादा कालेधन का पर्दाफाश हुआ है। आतंकवाद और नक्सलवाद की कमर टूटी है। टैक्स पेयरर्स की संख्या में वृद्धि हुई है। गरीबों के लिए रोज़गार बढ़े हैं। देश कैशलेस अर्थव्यवस्था की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। जीएसटी से बहुत सारे करों को समाप्त करके एक कर लगाया गया है। इससे लोगों को सुविधा बढ़ी है। सभी चौकियां समाप्त हो गई हैं, इन पर लगने वाले समय की बचत हो रही हैं।

अलग हट कर कुछ सवाल

फुर्सत में क्या पसंद ?
- पुरानी पसंदीदा फिल्मों के गाने सुनता हूं। प्रदेश की बेहतरी के लिए विचार करता हूं। परिवार सहित किसी पर्यटन स्थल पर सैर।

पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस?
- हनुवंतिया

पसंंदीदा पेय ?
छाछ

पसंदीदा खाना?

दाल-बाटी, चने की भाजी, मिस्सी रोटी और कढ़ी

सबसे अच्छा दोस्त कौन है ?
प्रदेश के जन-जन और मेरी पत्नी

किससे डरते हैं?
ईश्वर से

सबसे अच्छी फिल्म ?
- समय ही नहीं मिलता, फिर भी देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों जुड़ी फिल्में अच्छी लगती हैं।

अगर खेलने का मौका मिले तो कौन-सा खेेल खेलेंगे?
- वॉलीबाल और कबड्डी

विधानसभा में सीएम शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते अजय सिंह। विधानसभा में सीएम शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते अजय सिंह।