पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Story Of Suspicious Death In Every House Here

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

यहां हर घर में संदिग्ध मौत और पुलिस प्रताड़ना की कहानी, पढ़े ऐसे कुछ मामले

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

भोपाल. पुलिस प्रताड़ना से तंग होकर खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगाने वाली इंदरमल बाई की मौत के बाद पारदी भड़के गए थे। दरअसल इस गुस्से के पीछे पिछले 10 साल से हो रही पुलिस प्रताड़ना की कहानियां हैं। गांधीनगर में 200 पारदियों की बस्ती के हर घर में किसी न किसी सदस्य ने आर्थिक परेशानी, पुलिस प्रताड़ना या फिर बीमारियों का इलाज न मिलने के चलते दम तोड़ा है। इस समुदाय की सबसे बड़ी समस्या ही यह है कि कहीं भी कोई अपराधिक हुआ इन्हें सबसे पहले संदिग्ध मानकर हिरास्त में ले लिया जाता है। पारदी समुदाय की बस्तियों में लंबे समय से काम कर रहे एनजीओ मुस्कान का कहना है कि पिछले एक दशक में यहां 20 से अधिक लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई हैं।


इस घुमंतू जाति के 80 फीसदी से ज्यादा लोग धार्मिक मेलों में सिंदूर, मोती माला और जड़ी-बूटियां बेचने का काम करते हैं। जब ये लोग पैसा कमा कर लौटते हैं तो पुलिस की नजरों में चढ़ जाते हैं। इनका आरोप है कि महिलाओं के कान और गले से सोने के जेवर तक उतरवा लिए जाते हैं। स्कूल में पढ़ने वाले हमारे बच्चों तक को पुलिस कई बार उठा ले जाती है। बीते दस साल से पारदियों के बीच काम कर रहीं मुस्कान एनजीओ की संचालिका शिवानी का कहना है कि पारदियों पर चोरी का ठप्पा है। स्कूल जाने वाले बच्चों तक को यह सुनना पड़ता है कि यहां चोरी के कौन से तरीके खोजने आए हो। अव्वल तो इन्हें काम नहीं मिलता। अगर मिल भी जाए तो पुलिस पीछे लग जाती है। निराशा बचपन से ही हावी हो जाती है।

 

 

बेरोजगारी... नहीं मिलता सरकारी योजना का लाभ
गरीब लोगों को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त सिलेंडर मिले, लेकिन पारदियों की बस्ती में किसी को इस योजना का लाभ नहीं मिला। जनधन योजना के तहत बैंक खाते तो खोले दिए गए, लेकिन कौशल विकास केंद्र में यहां के एक भी बेरोजगार युवक को स्वरोजगार का प्रशिक्षण नहीं मिला। इन्हें जड़ी-बूटी में महारथ हासिल है, लेकिन मप्र में इस जाति को सिर्फ अपराधियों की तरह ही देखा जाता है।

 

प्रताड़ना के कुछ मामले

- अजब सिंह: चोरी का इल्जाम लगाकर पुलिस ने मुझे पकड़ा था। मुझेे छुड़ाने आए बेटे को भी पकड़ लिया। पत्नी छुड़ाने आई तो उसे खूब पीटा। इससे आहत हो कर उसने फांसी लगा ली।

- गीता बाई: पति किराना दुकान चलाते थे। कर्ज हुआ तो सड़क के किनारे ठेला लगाने लगे। पुलिस ने उन्हें वहां से उठा लिया। मारपीट कर छोड़ दिया। परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।

- अमित पंवार: गैस कनेक्शन लेने 7000 रुपए लेकर गैस एजेंसी गया था, लेकिन पुलिस ने चोरी के मामले में उठा लिया। जांच में कुछ नहीं मिला तो 10 हजार लेकर तीन दिन बाद छोड़ा।

 

यह तबका मुख्यधारा से जुड़े, पुलिस का भी यही प्रयास है

हम सभी पारदियों को अपराधी नहीं मानते। जो लोग छोटे-मोटे अपराधों में लिप्त हैं, उन्हें नियमित रूप से जाकर समझाइश देते हैं। अगर पुलिस के किसी अधिकारी ने किसी को गलत तरीके से परेशान किया है और यह साबित होता है तो हम उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे। यह तबका समाज की मुख्यधारा में आए, यह चिंता समाज के साथ ही पुलिस की भी है। - हेमंत चौहान, एसपी, भोपाल नॉर्थ

 

जंगलों को खत्म करने का रचा जा रहा है षड़यंत्र

एडिशनल पीसीसीएफ (वन भू-अभिलेख) के पद से रिटायर हुए 1980 बैच के आईएफएस जगदीश प्रसाद शर्मा ने वन भूमि को राजस्व में बदलने पर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, शर्मा का आरोप : खत्म हो रहे जंगलों के लिए वन विभाग के एसीएस और पीएस जिम्मेदार

 

 

 

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- दिन उत्तम व्यतीत होगा। खुद को समर्थ और ऊर्जावान महसूस करेंगे। अपने पारिवारिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन करने में सक्षम रहेंगे। आप कुछ ऐसे कार्य भी करेंगे जिससे आपकी रचनात्मकता सामने आएगी। घर ...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser