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महिला आयोग की सिफारिश गलत रिपोर्ट देने वाले डाॅक्टरों के रजिस्ट्रेशन हों रद्द

आप इतने संवेदनशील मामले में गलत मेडिकल रिपोर्ट कैसे दे सकती हैं। आप भी महिला हैं।

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2017, 05:55 AM IST
The recommendation of the Womens Commission
भोपाल . आप इतने संवेदनशील मामले में गलत मेडिकल रिपोर्ट कैसे दे सकती हैं। आप भी महिला हैं। आपकी रिपोर्ट से एक बेटी कितनी आहत हुई है, आपको इसका अंदाजा भी नहीं है। इससे पीड़िता ही नहीं, बल्कि देश की हर महिला आहत हुई है। आपके माफी मांगने से और गलती स्वीकार करने से अपराध कम नहीं हो जाता। यह फटकार महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े ने मंगलवार को सुल्तानिया अस्पताल अधीक्षक करण पीपरे, डॉ. संयोगिता सेहलम और डॉ. खुशबू गजभिए को लगाई। आयोग ने शासन से दोनों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश की है। आयोग में आयोजित बेंच में मंगलवार को गैंगरेप में गलत मेडिकल रिपोर्ट देने के मामले में सुल्तानिया के अधीक्षक पीपरे और मेडिकल रिपोर्ट जारी करने वाली रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) खुशबू और सीनियर रेसिडेंट संयोगिता को तलब किया था।
आरएमओ के भरोसे कैसे छोड़ दी संवेदनशील मामले की मेडिकल रिपोर्ट
- आयोग ने इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डाॅ.एमसी सोनगरा, असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ.सुरभि पोरवाल, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अरुणा कुमार को भी जिम्मेदार माना है।
- आयोग का मानना है कि रिपोर्ट जारी करते समय सभी को उसे चैक करना था।
- आयोग ने पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ज्यादती जैसे संवेदनशील मामले की मेडिकल रिपोर्ट एक आरएमओ के भरोसे कैसे छोड़ी जा सकती है।
- आयोग ने इस मामले में डीन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अधीक्षक ने बताया- कर दिया है दोनों को सस्पेंड
- महिला आयोग ने सुल्तानिया अस्पताल के अध्यक्ष पीपरे से जानकारी मांगी कि अभी तक दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
- उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं शासन और विभागीय स्तर पर मामले की जांच चल रही है।
डॉ. खुशबू की सफाई - फाइनल रिपोर्ट में हुई गलती
- डॉ. खुशबू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने पहले रफ पेज पर मेडिकल रिपोर्ट ड्राफ्ट की थी। उसे लिखकर एसआर डॉ. संयोगिता को दिखाई।
- उन्होंने पूरा ड्राफ्ट पढ़ा और ओके कर दिया। उसके बाद वे ओटी में चली गई। डॉ. खुशबू ने कहा कि फाइनल रिपोर्ट लिखते समय गलती हो गई।
- आयोग ने जब अधीक्षक से पूछा कि रिपोर्ट जारी करते समय आपने क्यों नहीं पढ़ा। उन्होंने आयोग को बताया कि मेडिकल रिपोर्ट उनके पास नहीं आती। वे केवल सुल्तानिया अस्पताल का प्रबंधन संभालते हैं।
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