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मैंने 16 तेंदुए पकड़े, पर 3 सेकंड का ये हमला जिंदगीभर याद रहेगा, लगा जैसे मौत से भिड़ंत हुई

शहर के पल्हर नगर में शुक्रवार सुबह रहवासी जागे ही थे कि गलियों में तेंदुआ घूमने की सूचना से उनके होश उड़ गए।

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 07:54 AM IST
इंदौर के पल्हर नगर में तेंदुए ने 3 घंटे आतंक मचाया। इस दौरान 3 लोग जख्मी हो गए। इंदौर के पल्हर नगर में तेंदुए ने 3 घंटे आतंक मचाया। इस दौरान 3 लोग जख्मी हो गए।

इंदौर. शहर के पल्हर नगर में शुक्रवार सुबह रहवासी जागे ही थे कि गलियों में तेंदुआ घूमने की सूचना से उनके होश उड़ गए। तेंदुआ छिपने के लिए इधर-उधर भाग रहा था। आखिर में वह एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में घुसकर जा बैठा। वहां दो लोग मौजूद थे। तेंदुए ने एक पर अटैक कर दिया। उसकी पीठ पर पंजे का नाखून लगा। गनीमत रही कि दूसरे ने उसका हाथ पकड़कर कमरे में खींचा और खुद को बंद कर लिया। तेंदुए को पकड़ने की कवायद करीब 11 बजे शुरू हुई। इस दौरान उसने दो फॉरेस्ट एसडीओ पर भी हमला बोल दिया। करीब दो बजे वह काबू में आ सका। घटना का वीडियो dainikbhaskar.com पर देखें। पांच लोगों की आपबीती, जिनका तेंदुए से सीधा सामना हुआ...

'छह फीट की छलांग और हवा में ही मुड़ गया'

- फॉरेस्ट एसडीओ व रेस्क्यू इंचार्ज आरसी चौबे के मुताबिक, मैंने बतौर इंचार्ज अब तक 16 तेंदुए पकड़े हैं। दो-दो दिन तक चली कार्रवाई में भी रहा, लेकिन सीधा सामना कभी नहीं हुआ। उसे पकड़ने से पहले हमने उसका कद और आकार भांपा। वह कद काठी से पांच साल का जवान तेंदुआ दिखा। वह काफी फुर्तिला था। छह फीट की छलांग लगाई और हवा में ही मुड़ गया। इसके बाद सबसे पहले हमने उसे जाल में फंसाने की प्लानिंग की।

'उसकी सुर्ख आंखें देख लगा मुझे खा ही जाएगा'

फॉरेस्ट एसडीओ आरएन सक्सेना के मुताबिक, इंजेक्शन के दो डोज देने के बाद मुझे लगा वह बेहोश हो गया होगा। इस बीच रेंजर बोल रहा था- 'साहब वह अभी पूंछ घुमा रहा है। बेहोश नहीं हुआ है।' लेकिन शोर इतना था कि मुझे उनकी बात समझ में नहीं आई। मैं जैसे ही तेंदुए की ओर बढ़ा, एक सेकंड से भी कम समय में उसने मेरे लेफ्ट कंधे को जोर से पकड़ लिया। उसका मुंह मेरे चेहरे से महज एक-डेढ़ इंच की दूरी ही पर था। उसकी लाल सुर्ख आंखें देख लगा मौत सामने है। मेरी 40 साल की नौकरी अप्रैल में पूरी हो रही है। इतनी लंबी सर्विस में तेंदुए से ऐसा सामना कभी नहीं हुआ।

'हमने ठहाका लगाया तो हड़बड़ा कर लगा दी छलांग'

अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में काम कर रहे कारपेंटर गोपाल के मुताबिक, उसे पता नहीं था कि तेंदुआ उसके आसपास छुपा बैठा है। जैसे ही वह अपने साथ बैठे शख्स के साथ जोरदार ठहाका लगाया, तेंदुआ हड़बड़ा गया। उसने सीधा उसकी पीठ पर पंजा मारा। गनीमत थी कि साथ वाला शख्स उसे खींचकर कमरे में ले गया। गोपाल ने कहा-'कुछ सेकंड की घटना से इतना डर गया कि उल्टियां होने लगीं। ये पल कभी नहीं भुला पाऊंगा।'

'खिड़की पर झपट्टा मारा, स्कूटर गिरा दिया'

पल्हर नगर निवासी बाबी सेन के मुताबिक, राजू भैया के निर्माणाधीन मकान में घुसने से पहले तेंदुए ने उनके घर में घुसने की कोशिश की थी। वह सड़क से छलांग लगाकर उनके बरामदे में आ गया। खिड़की में जाली लगी थी। जिससे टकराकर गिर पड़ा। फिर स्कूटर गिराया और सड़क पर पहुंच गया। उसके भयानक हलके पीले दांत और आंखें देखकर वे सहम गए। फिर घबराते हुए घर के बाकी सदस्यों को बताया।

वह नीचे था, हम दूसरी मंजिल पर 5 घंटे तक भूखे-प्यासे रहे

पल्हर नगर निवासी राजेश शर्मा ने बताया, 'तेंदुआ मेरे सामने दिखा तो 10 मिनट तक कुछ समझ ही नहीं आया। उसने मुझे और कारपेंटर गोपाल को जैसे बंधक बना लिया। रेस्क्यू के दौरान सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक हम घर की दूसरी मंजिल पर भूखे-प्यासे खड़े रहे। धुकधुकी भी लगी रही कि कहीं तेंदुआ कूद-फांदकर ऊपर ना आ जाए। दो बजे जब तेंदुआ पकड़ में आया तो राहत की सांस ली।