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​इंजीनियर कर रहे क्लर्क का काम साफ नहीं आ रही ‘आकाशवाणी’

200 किलोवॉट क्षमता का आकाशवाणी इंदौर का मीडियम वेव चैनल जो लगभग 200 किलोमीटर तक सुनाई देना चाहिए, वह अब शहर में भी साफ स

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 07:31 AM IST

इंदौर. 200 किलोवॉट क्षमता का आकाशवाणी इंदौर का मीडियम वेव चैनल जो लगभग 200 किलोमीटर तक सुनाई देना चाहिए, वह अब शहर में भी साफ सुनाई नहीं दे रहा है। इसका कारण है- ट्रांसमीटर को पूरी क्षमता से नहीं चलाया जाना। असल में इसे मेंटेन करने वाले 4 असिस्टेंट इंजीनियर शिफ्ट में ड्यूटी करते थे। इनमें से तीन इंजीनियरों काे अब क्लेरिकल स्टाफ का काम सौंप दिया है। ऐसे में ट्रांसमीटर पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है।

- आकाशवाणी इंदौर के कार्यालय में पहस्थ हेड क्लर्क अशोक सिंह का पिछले दिनों तबादला इंदौर से भोपाल हो गया था। इसके बाद स्थानीय कार्यालय में एडमिनिस्ट्रेशन का काम दो लोगों के जिम्मे आ गया। इस पर केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर जनरल सेठूमाधवन ने ट्रांसमीटर का काम देख रहे तीन इंजीनियरों की ड्यूटी क्लेरिकल काम के लिए लगा दी।

- ऐसे में वे राऊ के ट्रांसमीटर के मेंटेनेंस में तीन शिफ्ट की ड्यूटी छोड़कर इंदौर स्थित कार्यालय में काम करने लगे। इसके बाद टांसमीटर की देखरेख अब केवल एक एरिया इंजीनियर और जूनियर लेवल के कर्मचारी कर रहे हैं।

- इसमें हैरत की बात यह है कि एडमिनिस्ट्रेशन के काम के लिए पहले से ही वहां पर स्टाफ मौजूद है। उनकी मदद के लिए अन्य कैज्यूअल स्टाफ भी लगा रखा है। ऐसे में इन इंजीनियरों की ड्यूटी क्लेरिकल काम के लिए लगाना आश्चर्य का विषय है। डिप्टी डायरेक्टर जनरल सेठूमाधवन का कहना है कि उन्होंने नियम के मुताबिक ही स्टाफ की ड्यूटी लगाई है।

क्लर्क के काम के लिए लगाई इनकी ड्यूटी
- एरिया इंजीनियर एमके पामेचा को दिए काम में ऑफिस के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री का ऑडिट करना, स्टोर में मौजूद स्टेशनरी की एंट्री बहीखाते में करना है। साथ ही हाऊसकीपिंग के स्टाफ की रिपोर्टिंग लेना होगी।

- एरिया इंजीनियर एए हाशमी को दिए काम में स्टूडियो के चार्ज के साथ ही स्टाफ की ड्यूटी लगाने को लेकर कोऑर्डिनेशन करना है। इसके अलावा एरिया इंजीनियर सुरेश घुंगरवाल को इंजीनियरिंग स्टोर का प्रभार दिया है।