Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» Bombing Service Road, Big Road Rotary And Bombay Hospital Intersection

​सर्विस रोड, बड़ी रोटरी और ढलान से जानलेवा बना बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा

सोमवार देर रात बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे पर हुए सड़क हादसे को भास्कर ने स्कैन किया।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 22, 2017, 07:03 AM IST

  • ​सर्विस रोड, बड़ी रोटरी और ढलान से जानलेवा बना बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा

    इंदौर.सोमवार देर रात बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे पर हुए सड़क हादसे को भास्कर ने स्कैन किया। विशेषज्ञों की राय ली और यहां के प्रत्यक्षदर्शी दुकानदारों से जाना कि क्या कारण है जिसकी वजह से यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सोमवार रात भी यहां एक अजीबोगरीब सड़क हादसा हुआ, जिसमें दुकान से सामान खरीदने के लिए मात्र कुछ मिनट के लिए रुके कार चालक के ऊपर एक भारीभरकम ट्रक पलट गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई और कार चकनाचूर हो गई। भास्कर की पड़ताल में इस चौराहे पर एक्सीडेंट के तीन प्रमुख कारण सामने आए। रोटरी का चौड़ा होना, सर्विस रोड की गफलत और चौराहे पर सड़क पर ढलान।

    23 नवंबर से होगा चौराहे का सुधार
    - उधर नगर निगम ने अब इस चौराहे को ठीक करने के लिए 23 नवंबर से विकास कार्य शुरू करेगा। इस पर करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए खर्च होंगे। इसमें रोटरी को डेढ़ से दो मीटर छोटा किया जाएगा। सर्विस रोड के लेफ्ट टर्न भी बनाए जाएंगे।

    - महालक्ष्मी नगर की तरफ बीच में डिवाइडर और स्कीम 94 सेक्टर सी का सर्विस रोड भी बनाया जाएगा। वहीं चौराहा के चारों ओर की रोड चौड़ी की जाएगी और फुटपाथ भी बनाया जाएगा।

    सामने का वाहन दिखाई नहीं देता
    - इस रोटरी पर जब निरंजनपुर से भारी वाहन बायपास पर जाने के लिए पहुंचते हैं तो बड़ी रोटरी के कारण उन्हें सामने से आने वाले वाहन स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, चौराहे को क्रॉस करने के लिए इन वाहन चालकों को अपने वाहन लगभग 90 डिग्री का टर्न लेकर मोड़ना पड़ता है तब कहीं जाकर ये अपनी लेन पर वापस पहुंच पाते हैं। इसी टर्न की वजह से गफलत होती है और हादसे हो जाते हैं।

    सर्विस रोड से भ्रमित होते हैं चालक
    - रोटरी को क्रॉस करने के लिए कोई नया वाहन चालक भारी वाहन लेकर पहुंचता है तो वह रेडिसन की ओर जाने वाली सर्विस रोड को मुख्य मार्ग समझ लेता है। क्योंकि वही उसे सामने दिखाई देती है। आधी रोटरी क्रॉस करने के बाद उसे समझ आता है कि यह सर्विस रोड है। फिर वह वाहन को तेजी से मुख्य मार्ग की ओर मोड़ता है, जिससे वाहन का बेलेंस बिगड़ता है और वह अनियंत्रित होकर पलट जाता है।

    सड़क पर आधा फीट की है ढलान
    - रात में सड़क खाली होने से वाहन तेज रफ्तार से यहां से निकलते हैं। जब वे रोटरी पर पहुंचते हैं तो बीच रोटरी पर सड़क में लगभग आधा फीट का ढलान है। यहां लेन में आने के लिए उन्हें वाहन मोड़ना होता है। जब वे वाहन को मोड़ते हैं तो ढलान की वजह से ओवर लोड वाहनों का बेलेंस गड़बड़ा जाता है और वे पलट जाते हैं। साथ ही कोने पर अवैध रूप से खड़े ऑटो रिक्शा को बचाने की वजह से भी वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे हादसे होते हैं।

    सेट डिजाइनर था संदीप
    - सोमवार को हादसे में मरने वाला युवक संदीप (36) निवासी ग्वालियर था। वह बॉलीवुड में फिल्म के सेट डिजाइन करता था। कजिन भाई सोनू ने बताया दो दिन पहले वह दोस्त कपिल के साथ इंदौर आया था। मंगलवार को उसे मुंबई फिल्म के सेट के संबंध में बात करने जाना था। रिवाल्वर रानी, तेवर व सात उचक्के फिल्मों में सेट डिजाइन कर चुका था।

    पुलिस से पता चला मौत का
    - दोस्त कपिल ने बताया रात 10 बजे संदीप ब्रेड-अंडे लाने निकला था। 12 बजे तक नहीं लौटा तो तलाश में निकले। एक्सीडेंट वाली जगह पहुंचे। भीड़ देख रुके नहीं। सोचा किसी और का एक्सीडेंट हुआ है। 2 बजे फोन पर पुलिस से पता चला कि संदीप की मौत हो गई है।

    ट्रक में ही पी थी शराब
    - पुलिस के अनुसार ट्रक ड्राइवर जितेंद्र (18) पिता लालसिंह चौहान निवासी नागलवाड़ी, बड़वानी को गिरफ्तार किया है। हादसे के कुछ देर पहले ट्रक में शराब पी कर कर्नाटक के लिए निकले थे। उसके पास से लाइसेंस नहीं मिला है।

    जो रोज यहां से गुजरते हैं

    देवास नाके से दिनभर ट्रक निकलते हैं, यहां छोटे हादसे होते रहते हैं

    - बॉ म्बे हॉस्पिटल चौराहे को क्राॅस कर महालक्ष्मी नगर जाना या अपने घर से एबी रोड की ओर जाना काफी मुश्किलभरा होता है। एक बार मेरी कार भी टकरा गई थी। मैं दिन में दो बार यहां से गुजरता हूं। कार की स्पीड पहले ही 20 कर लेता हूं। यहां भारी वाहन, ट्रक बेकाबू तरीके से आते हैं। देवास नाके की ओर कई गोदाम हैं। वहां से माल भरकर लगातार ट्रक निकलते हैं और यह चारों दिशाओं में जाते हैं। कई बार कार, दोपहिया वाहन भी जल्दी में निकलने की कोशिश करते हैं। ट्रक की गति काबू में नहीं होती। ऐसे में छोटी घटनाएं तो आए दिन होती रहती हैं। अब यहां घनी बसाहट हो गई है तो कोशिश यही होना चाहिए कि ट्रकों का निकलना बंद हो या ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएं। नहीं तो किसी दिन और बड़ा एक्सीडेंट होगा।

    ट्रक की स्पीड कम करने की कोई व्यवस्था नहीं, लगता है ऊपर ही चढ़ जाएंगे

    बॉ म्बे हॉस्पिटल चौराहे को क्राॅस करना अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाने वाली बात है। यहां दोनों तरफ (देवास नाका और रेडिसन चौराहा) से तेजी से ट्रक आते हैं। कई बार चौराहे पर मेरी कार दोनों तरफ से ट्रकों से घिर जाती है। लगता है ट्रक कार पर चढ़ेगा। तकनीकी रूप से बात करें तो कॉलोनी और रिंग रोड या हाईवे जहां भी मिलते हैं, वह जंक्शन एक्सीडेंट वाले स्पॉट होते हैं। इन स्पॉट पर जरूरी रहता है कि भारी वाहनों की गति कम से कम की जाए। इसके लिए स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक सिग्नल जरूरी होते हैं। खास तौर से स्पीड ब्रेकर, क्योंकि रात में सिग्नल बंद हो जाते हैं और वाहनों की गति काबू में करने की जरूरत है। इस चौराहे पर इसकी व्यवस्था नहीं है। इसे कर दिया जाए तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Indore News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Bombing Service Road, Big Road Rotary And Bombay Hospital Intersection
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×