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MCA Entrance में जितेंद्र मिश्रा एकेडमी देश का नं.1 कोचिंग संस्थान

4 वर्ष पहले
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इस सूत्रवाक्य ने बहुतों का जीवन बदला है। शिक्षकों को वो दर्जा दिया है जो माता-पिता के समकक्ष भी है। ऐसे ही कुछ शिक्षक हैं, जिन्होंने अपने सपनों को पीछे छोड़ बच्चों के भविष्य के लिए खुद को समर्पित किया है। ऐसे ही एक शिक्षक है जितेंद्र मिश्रा। एमसीए इंट्रेस कोचिंग में देश का नंबर 1 संस्थान बन चुकी जितेंद्र मिश्रा एकेडमी की नींव भी बच्चों ने ही रखी और उनके प्यार और विश्वास ने ही जितेंद्र मिश्रा को मजबूर किया कि वे शिक्षक की भूमिका में ही बने रहे।

 

The Visionaries of Madhya Pradesh में Dainikbhaskar.com कुछ ऐसी ही शख्सियतों से आपकी मुलाकात करा रहा है, जिन्होंने मध्यप्रदेश को देश और दुनिया में पहचान दिलाई है। अपने विज़न से नाम रोशन किया है। इन्हीं में से एक हैं इंदौर के जितेंद्र मिश्रा। जितेंद्र मिश्रा एकेडमी से निकले बच्चे आज कई सालों से सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं और यही वजह है कि यहां देश के सभी हिस्सों से बच्चे पढ़ने आते हैं। आइए आपकी उनसे मुलाकात कराते हैं।

 

हमसे बातचीत में जितेंद्र सर ने बताया कि वे कभी टीचिंग फील्ड में नहीं आना चाहते थे, बल्कि डिफेंस में जाना उनका और उनके पिता का सपना था। उनका जन्म इंदौर में हुआ। वे यहीं पढ़े भी। कम्यूटर साइंस में ग्रैजुएशन करने के बाद एमसीए डिग्री इंदौर से ली। पिता आर्मी में थे और उनकी दिली इच्छा भी थी कि जितेंद्र मिश्रा सर भी आर्मी ज्वाइन करें। हालांकि जितेंद्र मिश्रा सर खुद भी यही चाहते थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

 

बच्चों ने ही शुरू की यह एकेडमी

 

जितेंद्र सर ने बताया कि उन दिनों शिक्षा का व्यवसायीकरण होने लगा था। लोग शिक्षा को महज एक व्यवसाय या व्यापार के रूप में लेने लगे थे। शिक्षा का मूल उद्देश्य विलुप्त होते जा रहा था, जिससे मन खिन्न हो गया था। ऐसे माहौल में मेरे लिए पढ़ाना असंभव हो गया था। यह सारी व्यवस्था मुझे मंजूर नहीं थी। मैंने इसका विरोध भी किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अंत में मैंने उस संस्थान, जहां मैं पढ़ाता था, को छोड़ने का मन बना लिया और 13 नवंबर 2006 को मैंने पढ़ाना छोड़ दिया, लेकिन छात्रों को जैसे ही इस बात का पता चला, सारे के सारे छात्र एकत्रित हुए और मुझसे आग्रह किया कि मैं पढ़ाना जारी रखूं नहीं तो हम जैसे छात्रों का क्या होगा।

 

19 नवंबर 2006 में शिक्षा के क्षेत्र में कुछ सकारात्मक करने के इरादों को और बल देते हुए सभी छात्रों ने मिलकर अपने गुरू जितेंद्र मिश्रा सर के नाम पर ही इंदौर के गीता भवन क्षेत्र में जितेंद्र मिश्रा एकेडमी की नींव रखी। शुरुआत में तो बैठने के लिए टेबल कुर्सी भी नहीं थी। 20 रुपए रोज की किराए की दरी से पढ़ाने का कार्य शुरू किया। प्रथम वर्ष में छात्रों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की। जीवन में वह पल भी आया, जब छात्रों की खातिर उन्होंने अपने परिवार का त्याग कर दिया औऱ अपने निजी जीवन को पूरी तरीके से छात्रों को शिक्षित करने में समर्पित कर दिया। सुविधाओं का अभाव था, लेकिन लक्ष्य निश्चित था और दृढ़ विश्वास था कि छात्रों को उनके लक्ष्य तक पहुंचा कर ही रहेंगे। चाहे कितनी भी विध्न बाधाएं या परेशानी क्यों न आए। मार्ग में बहुत सारी बाधाएं भी आईं। कुछ विध्नसंतोषी लोग नहीं चाहते थे कि एकेडमी चले उन्होंने बहुत ज्यादा अड़चनें भी पैदा कीं लेकिन जितेंद्र मिश्रा अडिग रहे, दृढ़ संकल्पित थे कि छात्रों को उनके लक्ष्य तक पहुंचाकर ही रहेंगे।

 

कहते हैं जहां सत्य है वहां श्रीकृष्ण हैं और जहां श्रीकृष्ण हैं वहां विजय है। आखिर विजय हुई और एकेडमी की स्थापना के पहले ही साल में एमसीए एंट्रेस एक्जाम में जितेंद्र मिश्रा एकेडमी के ऑल इंडिया टॉप 10 रैंक में 8 विद्यार्थी, साथ ही ऑल इंडिया टॉप 100 रैंक के अंदर 80 विद्यार्थियों का चयन हुआ। साथ ही संपूर्ण देश में सर्वाधिक सिलेक्शन भी इसी एकेडमी से हुए। उसके बाद साल दर साल एकेडमी का रिजल्ट बढ़ते चला गया और आज जितेंद्र मिश्रा एकेडमी एमसीए एंट्रेस में सर्वाधिक ऑल इंडिया टॉपर AIR-1 एवं सबसे ज्यादा सिलेक्शन देने वाले इंस्टीटट्यूट के साथ पूरे देश की नंबर-1 एमसीए कोचिंग संस्थान के रूप में जानी जाती है।

 

 

गुरूकुल शिक्षा पद्धति पर आधारित है जितेन्द्र मिश्रा एकेडमी में पढाई:-

जितेन्द्र मिश्रा एकेडमी में शिक्षा प्रणाली गुरूकुल शिक्षा पद्धति पर आधारित है जहां जितेंद्र सर की क्लास के बाद विद्यार्थी एकेडमी में रुककर अध्ययन का कार्य करते है साथ ही कड़ी मेहनत एवं अनुशासन के साथ छात्र अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए अग्रसर हैं। नियमित रूप से योग, ध्यान-प्रणायाम, राष्ट्रवंदना, सरस्वती वंदना भी गुरूकुल शिक्षा पद्धति का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से छात्रों को आने वाले जीवन की चुनौती के लिए तैयार करता है कॉम्पिटिटिव एक्जाम में सिलेक्शन और रिजेक्शन में एक गलती का फासला होता है। छात्रों की साल भर की मेहनत और त्याग दांव पर लगा होता है। वर्षों के तर्जुबे एवं सिलेबस की संपूर्ण समझ के साथ जितेंद्र सर नियमित रूप से छात्रों को पर्सनल काउंसलिंग लेते है, जिससे छात्रो की स्ट्रेंथ और विकनेस का पता चल जाता है, परिणामस्वरूप परीक्षा के नतीजे ज्यादातर छात्र सफल होकर निकलते हैं।

 

एकेडमी में वन मेन आर्मी की नीति:-

जितेन्द्र मिश्रा एकेडमी में कोई फेकल्टी न रखकर जितेंद्र मिश्रा सर ही अकेले सभी विद्यार्थियों को पढ़ाते है एवं एमसीए प्रवेश प्रशिक्षण के क्षेत्र में 16 वर्ष के अनुभव के साथ वन-मैन आर्मी की नीति शिक्षा क्षेत्र में अपनायी, जहां वह स्वयं सभी विषयों को खुद ही पढ़ाते है, जितेंद्र सर का मानना है कि कोई भी छात्र अत्यधिक कमजोर या अतिबुद्धिमान नहीं होता। जरुरत होती तो सिर्फ सही मार्गदर्शन की, सही वातावरण की। जैसे कि बीज में कितनी गुणवत्ता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि वह किस ज़मीन पर बोया गया है और उसकी देखरेख करने वाला व्यक्ति उससे कितना जुड़ाव रखता है। इस बात का ध्यान रखते हुए पढ़ाई में किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक, चारित्रिक व अध्यात्मिक ज्ञान का भी समावेश करता हूं, जिसमें गीता, रामायण, महाभारत व अन्य पौराणिक ग्रंथों के प्रसंगों को आज के भौतिक जीवन से जोड़कर समझाने का प्रयास करते हैं।

 

जितेंद्र मिश्रा सर जो कि लगातार 16 वर्षों से MCA Entrance Exam में छात्रों को प्रशिक्षण दे रहे हैं एवं इस दौरान उन्होंने सर्वाधिक ऑल इंडिया टॉपर (AIR-1) के साथ ऑल इंडिया टॉप 10 रैंक एवं टॉप 100 रैंक पूरे देश में सबसे अधिक ऑल इंडिया टॉपर प्रोड्यूस किए जो आज देश के उच्च शिक्षण संस्थान (NIT, IIT, JNU, BHU, BIT, HCU, PUNE, VIT) आदि में अध्ययनरत हैं एवं विश्व की शीर्ष IT कंपनी जैसे कि Microsoft, Google, Oracle, Amazon, Samsung, Credit Suisse, Morganstanley, Cisco, Infibeam आदि में लाखों के पैकेज में कार्यरत हैं।

 

जितेंद्र मिश्रा एकेडमी के बारे में

  • एमसीए इंट्रेंस कोचिंग में पूरे देश में नंबर 1
  • लगातार 4 सालों से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी NIMCET (NIT) में पूरे देश से चुने गए ऑल इंडिया टॉप 10 में सभी स्टूडेंट्स (AIR-1 से AIR-10)  जितेंद्र मिश्रा एकेडमी से साथ ही पूरे देष में सर्वाधिक सिलेक्शन।
  • पिछले 10 सालों से एमसीए की सभी शीर्ष प्रवेश परीक्षा NIT, JNU, BHU, HCU, PUNE, BIT आदि में ऑल इंडिया टॉपर (AIR-1) के साथ ऑल इंडिया टॉप 10 रैंक में एवं टॉप 100 रैंक में सबसे ज्यादा विद्यार्थी जितेंद्र मिश्रा एकेडमी से।
  • NIMCET (NIT) 2017 में ऑल इंडिया टॉपर (AIR-1) के साथ ऑल इंडिया टॉप 10 रैंक में पूरे 10 (AIR-1 से AIR-10), टॉप 100 रैंक में 72, साथ ही एनआईटी की समस्त 812 सीटों में 412 विद्यार्थियों का चयन जितेन्द्र मिश्रा एकेडमी से।
  • JNU MCA 2017 में ऑल इंडिया टॉपर (AIR-1) के साथ JNU- MCA  की सम्पूर्ण 46 सीटों में 30 विद्यार्थियों का चयन जितेन्द्र मिश्रा एकेडमी से।
  • BIT MCA ENTRACE 2017 में ऑल इंडिया टॉपर (AIR-1) के साथ ही ऑल इंडिया टॉप 10 रैंक में पूरे 10 विद्यार्थी, ऑल इंडिया टॉप 20 रैंक में पूरे 20 विद्यार्थी एवं ऑल इंडिया टॉप 30 रैंक में पूरे 30 विद्यार्थी, ऑल इंडिया टॉप 50 रैंक में 47 विद्यार्थी, ऑल इंडिया टॉप 100 रैंक में 93 विद्यार्थी साथ ही 400 विद्यार्थियों का चयन जितेंद्र मिश्रा एकेडमी से।
  • PUNE UNI-MCA-2017 एवं HCU MCA 2017 में ऑल इंडिया टॉपर (AIR-1) के साथ पूरे देश में सर्वाधिक सिलेक्शन जितेंद्र मिश्रा एकेडमी से।

MCA Placement Year 2017 में देश की टॉप NIT-NIT Tiruchirappalli से जितेंद्र मिश्रा एकेडमी के विद्यार्थियों का विश्व की Top Company Microsoft, Amazon, Cisco, Oracle, Credit Suisse, Morganstanley, Samsung, Infibeam में Highest Package के साथ चयन। जिसमें शामिल हैं

 

Lakesh Patle  28 Lacs P.A. , Microsoft (NIT Tiruchirappalli, JMA Batch - 2015),
Surya Gupta  28 Lacs P.A. , Microsoft (NIT Tiruchirappalli, JMA Batch - 2015),
Shreya Jain   28 Lacs P.A. , Microsoft (NIT Tiruchirappalli, JMA Batch - 2015),
Balvant Singh  28 Lacs P.A. , Microsoft (NIT Tiruchirappalli, JMA Batch - 2015),
Shubham Jain  18 Lacs P.A. , KLA - Tencor (NIT Tiruchirappalli, JMA Batch - 2015),
Pooja Sabnani  16.75 Lacs P.A. , Morgan Stanley (NIT Tiruchirappalli, JMA Batch – 2015)

 

जितेंद्र मिश्रा एकेडमी का मिशन

 

जितेंद्र सर का मिशन है कि शिक्षा के साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी में राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना ताकि शिक्षा सिर्फ पेट भरने का साधन ना होकर अपने राष्ट्र एवं समाज के कल्याण में काम आए। परम देश भक्त जितेंद्र सर आचार्य चाणक्य, सुभाषचंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद एवं चंद्रशेखर आजाद को अपना आदर्श मानते है एवं अपने लेक्चर्स में छात्रों के भीतर देशभक्ति का जज़्बा जगाने के लिए इन देशभक्तों की जीवनी के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी में राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करते हैं। जितेंद्र सर का मानना है कि कोई राष्ट्र गौरवशाली तब होगा, जब शिक्षक प्रत्येक विद्यार्थी में राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करने में सफल व सक्षम होगा। अतः वेद-वंदना के साथ-साथ राष्ट्रवंदना का स्वर भी सभी दिशाओं में गूंजना आवश्यक है एवं व्यक्ति, समाज व राष्ट्र को एक सूत्र में बांधना होगा और वह सूत्र सिर्फ राष्ट्रीयता हो सकती है।

 

जितेंद्र मिश्रा एकेडमी से निकले बच्चे आज देश के हर क्षेत्र डिफेंस, एविऐशन, एरनॉटिक्स, रोबोटिक्स आदि में राष्ट्र के निर्माण में अपना  योगदान दे रहे है एवं अपने देश को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पूरे विश्व में शक्तिशाली बनाने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध हैं। और यही कारण है कि एकेडमी में सभी विद्यार्थियों के हीरो सुभाषचंद्र बोस, मंगल पांडे, स्वामी विवेकानंद, भगत सिंह हैं और इन्हीं के आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर शिक्षा के इस क्षेत्र के माध्यम से राष्ट्र को गौरवशाली बनाना चाहते है एवं भारत को पुनः विश्वगुरू बनाना चाहते है बस यही एकेडमी का मिशन है।

 

अंत में जितेंद्र सर कहते है-

 

जब तक रहे फड़कती नस एक भी बदन में

हो रक्त बूंद भर भी जब तक हमारे तन में

छीने न कोई हमसे प्यारा वतन हमारा

छूटे स्वदेश के ही सेवा में तन हमारा.......

वंदे मातरम्

 

 

वीडियो में– जितेंद्र मिश्रा और उनकी एकेडमी के बारे में नज़दीक से जानिए 

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