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​नेशनल हाईवे से झाबुआ के युवा कपड़ा व्यापारी का बंदूक की नोक पर अपहरण

सूचना मिली तो घरवाले मल्हारगढ़ पहुंचे और उन्हें अपने साथ लेकर आए।

Dainik Bhaskar

Nov 22, 2017, 07:31 AM IST
Jhabua youth garment merchant kidnapped


झाबुआ . इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर धार के समीप गौतम इंटर नेशनल स्कूल के समीप से सोमवार रात झाबुआ के युवा कपड़ा व्यापारी हार्दिक कोठारी, उनके ड्राइवर शादाब अली व साथी कामरान अली को 7-8 बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर उनकी इनोवा कार सहित अगवा कर लिया। वे करीब 5 घंटे तक तीनों को बंधक बनाकर अपने साथ घुमाते रहे और रात करीब साढ़े तीन बजे मंदसौर के नजदीक मल्हारगढ़ में उतारकर उनकी कपड़ों से भरी इनोवा, मोबाइल और नकद राशि लेकर चले गए। इसके बाद घरवाले मल्हारगढ़ पहुंचे और उन्हें अपने साथ लेकर आए।


- हार्दिक सोमवार को अपनी इनोवा कार (जीजे 06 जेएम 1239) से दुकान के लिए कपड़ों की खरीदी करने गया था। उसके साथ ड्राइवर शादाब अली व कामरान अली मौजूद थे। हार्दिक के जेब में करीब 80 हजार रुपए रखे थे।

- इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर स्कॉर्पियो सवार 7-8 बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया और इनोवा सहित अगवा कर ले गए। उधर, रात साढ़े 10 बजे जब घरवालों ने हार्दिक को फोन लगाया तो बंद था। फिर ड्राइवर से संपर्क किया तो उसका भी मोबाइल बंद मिला।

- ऐसे मेें किसी गड़बड़ी की आशंका के चलते घरवाले घबरा गए। जब आधे घंटे से अधिक समय तक मोबाइल पर संपर्क नहीं हुआ तो हार्दिक के अंकल पंकज कोठारी अपने दास्तों के साथ एक गाड़ी लेकर इंदौर की तरफ रवाना हुए।

- वहीं इंदौर से एक गाड़ी बदनावर वाले रुट की तरफ निकली। ताकि कहीं कोई दुर्घटना हुई हो तो पता चल जाए। परंतु कोई सुराग नहीं मिला। मोबाइल की लास्ट लोकेशन लेबड़ की आ रही थी। इस बीच जब बदनावर टोल नाके पर पूछताछ की तो वहां से बताया कि एक इनोवा और एक स्कॉर्पियो निकली है।

- ऐसे में तत्काल रतलाम, मंदसौर व नीमच पुलिस को भी सूचना दी गई। उधर, रात में इनोवा की तलाश चल रही थी कि करीब साढ़े 3 बजे हार्दिक ने मल्हारगढ़ से किसी दूसरे के मोबाइल से अपने अंकल को फोन कर बताया कि कुछ बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया था। वे लोग सुरक्षित है लेकिन गाड़ी और पैसा बदमाश लूट ले गए। घरवाले मल्हारगढ़ पहुंचे और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
- एसपी ने रात में ही पता की लोकेशन- हार्दिक व अन्य दो युवकों के इनोवा कार सहित इस तरह अचानक गायब हो जाने से घबराए घरवालों ने रात करीब सवा 12 बजे एसपी महेशचंद जैन को सूचना दी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए रात में ही सायबर सेल वालों को बुलवाया।

- इसके बाद मोबाइल की लास्ट लोकेशन पता की गई। 10.22 बजे लेबड़ में आखिरी बार उनकी बात हुई थी और फिर उसके बाद से मोबाइल बंद हो गए। लिहाजा उसी रुट पर खोजबनी शुरू की गई। बदनावर की तरफ टोल नाके पर पूछताछ की गई तो वहां से इनोवा और स्कॉर्पियों के गुजरने की पुष्टी की गई। इसके बाद रतलाम, मंदसौर व नीचम जिले में भी पुलिस को सूचना दी गई।

हमारी गाड़ी के आगे बदमाशों ने अपनी गाड़ी अड़ाई और पिस्टल से धमका रहे थे कि शोर मचाया तो गोली मार देंगे
- हम लोग रात साढ़े 9 बजे इंदौर से अपनी इनोवा कार में कपड़े लेकर चले। मेरे साथ ड्राइवर शादाब अली और उसका साथी कामरान अली मौजूद था। कुछ दूर के बाद हमारे पीछे-पीछे एक स्कॉर्पियो चलने लगी।

- गौतम इंटर नेशनल स्कूल के करीब स्कॉर्पियो के चालक ने हमारी गाड़ी को हल्की सी टक्कर मारी और आगे निकलकर अपनी गाड़ी रास्ते में अड़ा दी। जैसे ही हमने अपनी इनोवा रोकी, स्कार्पियो में से 7-8 लोग उतरे और उन्होंने हमारे साथ मारपीट करते हुए पिस्टल की नोक पर अपनी स्कॉर्पियों में बैठा दिया। हमारे हाथ-पैर बांध दिए और मुंह कपड़े से ढंक दिया। मेरी जेब में 80 हजार रुपए रखे थें जो उन्होंने छीन लिए।

- हम तीनों को उन्होंने पैरों के नीचे दबा दिया और गाड़ी आगे बढ़ा ली। उनके कुछ साथी हमारी इनोवो लेकर साथ चल रहे थें। रास्ते में दो-तीन टोल आए जहां उन्होंने पिस्टल अड़ाकर धमकाते हुए कहा यदि जरा भी आवाज की तो गोली मार देंगे। वे आपस में राजस्थानी भाषा में बात कर रहे थें और एक-दूसरे का नाम लेने की बजाए बॉस, मालिक और सेठजी जैसे संबोधन से पुकार रहे थें। लगभग पांच घंटे तक गाड़ी चलाने के बाद उन्होंने पहले मुझे एक खेत में उतार दिया।

- कुछ आगे शादाब और फिर कामरान को नीचे उतारा। जैसे-तैसे हम एक-दूसरे को मिले। फिर दो-तीन ढाबों पर मदद मांगने पहुंचे लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया। इस बीच एक ढाबे पर एक व्यक्ति ने अपना मोबाइल दे दिया। मैंने घर पर मोबाइल से सूचना दी कि हम सुरक्षित है और आप लोग जल्दी आ जाओ।
(जैसा हार्दिक कोठारी ने पुलिस को बताया)

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