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सीएम ने 3 दिन में मांगी है रिपोर्ट, लेकिन इतने वक्त में तो जांच शुरू ही नहीं हो पाएगी

पहले दिन तो शनिवार को समिति के दो सदस्यों के बीच को-आॅर्डिनेशन नहीं हो पाया कि जांच कब से शुरू होगी।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 26, 2017, 06:46 AM IST

सीएम ने 3 दिन में मांगी है रिपोर्ट, लेकिन इतने वक्त में तो जांच शुरू ही नहीं हो पाएगी

इंदौर .एमवाय अस्पताल के एसएनसीयू (सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट) में 47 बच्चों की मौजूदगी में अाग लगने की घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है, लेकिन जांच इस अवधि में पूरी होना तो दूर, शुरू होती भी नहीं दिख रही। पहले दिन तो शनिवार को समिति के दो सदस्यों के बीच को-आॅर्डिनेशन नहीं हो पाया कि जांच कब से शुरू होगी।
कमेटी के सदस्य पूर्व डीन डॉ. अशोक बाजपेयी का कहना है कि रविवार को अवकाश है। सोमवार से जांच शुरू कर सकते हैं। अभी कॉलेज के डीन से को-आर्डिनेशन नहीं हुआ है। वहीं, दूसरे सदस्य पीडब्ल्यूडी इंजीनियर एमके शुक्ला का कहना है कि उनकी डॉ. बाजपेयी से बात नहीं हो पाई है। बात होने के बाद सोमवार या मंगलवार से जांच शुरू कर सकते हैं।

48 घंटे बाद अस्पताल पहुंचे संभागायुक्त, 10 मिनट रुके, स्टाफ को दी शाबाशी

- घटना के दो दिन बाद संभागायुक्त संजय दुबे शनिवार शाम अस्पताल पहुंचे। वे यहां करीब 10 मिनट रुके। पीआईसीयू में भर्ती बच्चों के हालचाल पूछे।

- बच्चों की मां से बात की। इस दौरान अधीक्षक और एमजीएम मेडिकल कॅालेज के डीन भी मौजूद थे। 47 बच्चों की जान बचाने के लिए अधिकारियों को शाबाशी दी और चले गए।

बुलाईं वार्नर मशीनें
- मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पीआईसीयू में व्यवस्था की है। कॉलेज प्रशासनfvd ने शनिवार को सीएमएचओ डॉ. एचएन नायक से बात की। जिला अस्पताल में रखी दो वार्मर मशीनें रविवार को एमवाय भेजी जाएंगी।

- डीन डॉ. शरद थोरा ने बताया कि चार वार्मर बदनावर और दो ठीकरी से मंगवाए हैं। पांच मशीनें दानदाता दे रहे हैं। रविवार तक मशीनें मिल जाएंगी। स्वयंसेवी संस्थाओं से भी मदद ली जाएगी।

पहले भी हुए हादसे, लेकिन दोषियों पर नहीं हुई कार्रवाई

दो बच्चों की मौत :

- अस्पताल के पीडियाट्रिक ओटी में 27 और 28 मई 2016 को दो बच्चों डेढ़ वर्षीय राजवीर प्रजापति (दिवेल गांव, खाचरौद) और पांच साल के आयुष साकल्ले (गरबड़ी गांव, खंडवा) को ऑक्सीजन के बजाय बेहोश करने वाली नाइट्रस ऑक्साइडस गैस चढ़ा दी।

- इससे दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। बाद में खुलासा हुआ कि आठवीं पास कारीगर से गैस पाइप लाइन डलवाई गई, जिसने ऑक्सीजन और नाइट्रस ऑक्साइड गैस के कनेक्शन गलत जोड़ दिए। इससे मासूमों को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल पाई।

ऑक्सीजन सप्लाय रुकी, 24 घंटे में 17 मरीजों की मौत
- अस्पताल की सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाय 25 जून 2017 की रात 15 मिनट तक बाधित हुई, इसी दौरान 24 घंटे में 17 मरीजों की मौत हुई थी, जिनमें से एमआईसीयू में चार मरीजों ने 4 बजे से 4.30 बजे के बीच दम तोड़ा था।

ड्रग ट्रायल; 35 मरीजों की मौत, दोषियों पर कार्रवाई नहीं
- एमवायएच में डॉक्टरों ने मरीजों पर क्लिनिकल ड्रग ट्रायल किए। मरीजों से सहमति नहीं लेने, दवा कंपनी से पैसे लेने, बिना अनुमति विदेश यात्रा करने सहित कई आरोप लगे, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई।

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