इंदौर

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एमवायएच में बार-बार क्यों हो रही हैं ऐसी घटनाएं, 10 दिन में मांगा जवाब

एसएनसीयू में आग लगने और एक बच्ची का जला हुआ शव मिलने की घटना को लेकर दायर जनहित याचिका पर कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई

Danik Bhaskar

Nov 30, 2017, 05:48 AM IST

इंदौर . एमवाय अस्पताल में नवजातों की एसएनसीयू में आग लगने और एक बच्ची का जला हुआ शव मिलने की घटना को लेकर दायर जनहित याचिका पर कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि आखिर एमवाय अस्पताल में बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं? अदालत ने प्रदेश सरकार व एमवायएच प्रशासन को याचिका में उठाए मुद्दों पर 10 दिन में जवाब देने के लिए कहा है। जस्टिस पीके जायसवाल और जस्टिस विरेंदर सिंह की डिविजन बेंच के समक्ष याचिका की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शन्नो शगुफ्ता खान पैरवी कर रही हैं। याचिका में उल्लेख किया है कि एमवाय की एसएनसीयू में कई लापरवाही उजागर हुई है।

- नेशनल बिल्डिंग कोड के हिसाब से एसएनसीयू में इमरजेंसी के दो गेट नहीं थे। वार्ड में स्मोक सेंसर शॉवर भी नहीं लगे हैं। स्टाफ को भी आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग नहीं दी गई। अस्पताल के हर वार्ड में यही हाल हैं।

- अस्पताल में सरकार की ओर से करोड़ों का बजट हर साल आ रहा है। कायाकल्प के दौरान भी जनता ने लाखों रुपए दिए। इसके बावजूद इतना बड़ा हादसा हो गया। वार्ड की बिजली वायरिंग की भी कभी जांच नहीं हुई।

- लाइन पर कितना लोड आ रहा था। इसका भी आकलन कभी नहीं किया गया। प्रसव के बाद कई माताओं को एक-दो दिन ही वार्ड में आए हुए थे। उन्हें बच्चों को लेकर भागना पड़ा। इससे उनके शरीर में आंतरिक रूप से परेशानी हो सकती थी। इतने संवेदनशील मामले में भी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई।

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