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कमर्शियल टैक्स विभाग के दायरे में आएंगे 2.30 लाख व्यापारी

सेंट्रल एक्साइज के दायरे में मुख्य तौर पर बिल्डर्स, रेस्तरां संचालक आएंगे।

Bhaskar News| Last Modified - Nov 15, 2017, 07:15 AM IST

traders will come under the purview of the Commercial Tax Department
कमर्शियल टैक्स विभाग के दायरे में आएंगे 2.30 लाख व्यापारी
इंदौर .  जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारियों को सेंट्रल एक्साइज और वाणिज्यिक कर विभाग के बीच बांटने के लिए मंगलवार को दोनों विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बंटवारे के लिए जीएसटी काउंसिल के आए नियमों के तहत प्रदेश में रजिस्टर्ड करीब तीन लाख व्यापारियों में से 2.30 लाख से ज्यादा वाणिज्यिक कर विभाग के दायरे में आ जाएंगे। सेंट्रल एक्साइज के दायरे में मुख्य तौर पर बिल्डर्स, रेस्तरां संचालक आएंगे। 
 
- डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वाले जितने भी ऐसे व्यापारी हंै जो केवल सर्विस टैक्स का काम करते हैं, वह सेंट्रल एक्साइज के पास चले जाएंगे। बाकी व्यापारियों में से 90 फीसदी वाणिज्यिक कर विभाग के पास रहेंगे। वहीं डेढ़ करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले जो भी व्यापारी रहेंगे, वह दोनों विभागों के बीच कम्प्यूटर के द्वारा एक-एक कर बराबार बांटे जाएंगे।
टर्नओवर के संबंध में कहा गया है कि यदि कोई व्यापारी केवल वेट एक्ट में रजिस्टर्ड था, तो उसका इसी एक्ट के तहत हुए टर्नओवर को देखा जाएगा, जो वेट व सेंट्रल एक्साइज दोनों में रजिस्टर्ड है, उनके वेट के टर्नओवर को देखा जाएगा। यदि केवल वह सेंट्रल एक्साइज में है तो उसी का टर्नओवर मान्य किया जाएगा।  बैठक में वाणिज्यिक कर विभाग से सुदीप गुप्ता, सेंट्रल एक्साइज से अशफाक अहमद व अन्य अधिकारी शामिल थे।
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