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हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा-इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में क्यों नहीं हो रहे छात्रसंघ चुनाव

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्राइवेट कॉलेजों में होने वाले छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।

Danik Bhaskar | Nov 23, 2017, 06:52 AM IST

जबलपुर/भोपाल. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्राइवेट कॉलेजों में होने वाले छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। साथ ही राज्य सरकार से पूछा है कि प्रदेश के मेडिकल, इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे हैं। चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस राजीव कुमार दुबे की खंडपीठ ने सरकार को एक सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए। मामले पर अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी।

- वरुण दुबे व अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सरकार निजी कॉलेजों में चुनाव करा रही है, लेकिन व्यावसायिक, तकनीकी कॉलेजों और निजी विश्वविद्यालयों में चुनाव नहीं हो रहे हैं।

- याचिका में यह भी कहा गया कि सरकार ऐन परीक्षा के समय चुनाव करा रही है, इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई निजी कॉलेजों में परीक्षाएं चल रही हैं।

- इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी ने दलील दी कि लिंगदोह समिति की सिफारिश में कहा गया था कि सत्र शुरू होने के छह से आठ सप्ताह के भीतर छात्र संघ चुनाव होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

- तिवारी ने कहा कि प्रदेश के अधिकतर कॉलेजों में अभी सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में चुनाव कराए जाना अनुचित है। कोर्ट ने कहा कि परीक्षाएं भी होने दें और चुनाव भी कराएं।