--Advertisement--

आदेश से बांझ शब्द हटाने के लिए सरकार को पत्र लिखेगा महिला आयोग

महिला आयोग सदस्य का कहना है कि हम खुद संज्ञान लेकर शासन को पत्र लिखेंगे कि इसे हटाया जाए।

Dainik Bhaskar

Nov 18, 2017, 06:15 AM IST
Womens Commission to write letter to government

इंदौर. सरकार प्रदेशभर में रोशनी क्लिनिक चलाकर महिला व पुरुषों का संतानहीनता का इलाज करवा रही है लेकिन सरकारी कागज में महिला केे लिए ही बांझ शब्द का इस्तेमाल हो रहा है। नारी हितों की पैरवी करने वाली प्रबुद्ध महिलाओं ने इसे हैरान करने वाला बताया। महिला आयोग सदस्य का कहना है कि हम खुद संज्ञान लेकर शासन को पत्र लिखेंगे कि इसे हटाया जाए।

अपमानजनक शब्द है बांझ, संज्ञान लेंगे


- यह अपमानजनक भाषा है। किसी भी महिला केे लिए बांझ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

- हम खुद संज्ञान लेकर शासन को अनुशंसा करने जा रहे हैं कि शासकीय पत्रों से ऐसे शब्द को हटाया जाए।
- गंगा उइके, सदस्य राज्य महिला आयोग

‘संतान इच्छुक’ है सकारात्मक शब्द
- कमी किसी में भी हो, लेकिन महिला के लिए बांझ शब्द उसकी भावना को आहत करता है। इसके बजाय "संतान इच्छुक' सकारात्मक शब्द है।
डॉ. सविता इनामदार, पूर्व अध्यक्ष मप्र महिला आयोग

सरकार माफी मांगे और शब्द हटाए
- सरकार एक तरफ दंभ भरती है कि बेटी बचाओ तो दूसरी तरफ महिलाओं के लिए बांझ शब्द का इस्तेमाल कर रही है, जो उसकी मानसिकता को बताता है। सरकार इसके लिए माफी मांगकर शासकीय पत्रों से इसे हटाए।
शोभा ओझा, पूर्व अध्यक्ष राष्ट्रीय महिला कांग्रेस

पुरुष में कमी हो तब भी महिला ही बांझ
- पुरुष में कमी हो तब भी महिला ही बांझ कहलाए, यह समाज की मानसिकता बन गई है। यह गलत है, जब कि समय के साथ जिन शब्दों का उपयोग गलत लगा, उसे बदला गया है। इसे भी बदला जाना चाहिए।
उमाशशि शर्मा, पूर्व महापौर

बांझपन की मानसिकता में उलझी सरकार
सरकार पहले से कैसे तय कर रही है कि कमी महिला में ही है। वह ऐसे शब्द लिखकर महिला के स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुंचाए। समय के साथ कई शब्द चलन से बाहर हुए हैं, लेकिन सरकार बांझपन की मानसिकता में उलझी है।
- अर्चना जायसवाल, नोडल अधिकारी रोशनी क्लिनिक कार्यक्रम

X
Womens Commission to write letter to government
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..