Hindi News »Madhya Pradesh News »Bhopal News» Initiated The Signature Campaign To Ban The Film Padmavati In Mp

फिल्म पद्मावती को मप्र में प्रतिंबधित करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया

फिल्म पद्मावती को मप्र में प्रतिंबधित करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया

Sushma Barange | Last Modified - Nov 20, 2017, 10:50 AM IST

भोपाल | मप्र सरकार ने सोमवार को ‘पद्मावती’ फिल्म राज्य में बैन कर दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पद्मावती को ‘राष्ट्रमाता’ की पदवी देते हुए कहा कि रानी पद्मावती के बलिदान का अपमान प्रदेश स्वीकार नहीं करेगा। भले ही सेंसर बोर्ड अनुमति दे दे लेकिन मप्र में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने भोपाल में पद्मावती की शौर्य गाथा को प्रदर्शित करने स्मारक बनाने और महिलाओं के सम्मान के लिए कार्य करने वाले व्यक्ति को ‘राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार’से सम्मानित करने की भी घोषणा की। शिवराज के ऐलान के कुछ देर बाद पंजाब की कांग्रेेस सरकार ने भी फिल्म पर बैन का ऐलान कर दिया। राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार भी फिल्म पर बैन लगाने की बात कह चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सेंसर बोर्ड के काम में दखल नहीं दे सकते हम
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘पद्मावती’ के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा- ‘हम केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के काम में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। सेंसर बोर्ड ने अभी तक फिल्म को प्रमाण पत्र नहीं दिया है। लिहाजा हस्तक्षेप नहीं करेंगे।’


दीपिका का सिर काटने पर 10 करोड़ का ऐलान करने वाले सूरजपाल को नोटिस
भाजपा ने हरियाणा ईकाई के चीफ मीडिया को-ऑर्डिनेटर कुंवर सूरजपाल अम्मू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अमु ने दीपिका पादुकोण और संजय लीला भंसाली का सिर काटने वाले को 10 करोड़ का इनाम देने का ऐलान किया था।
दमोह में गुस्सा... पद्मावती फिल्म के पोस्टर को पैरों से कुचला गया। उधर बड़वानी के अंजड़ की टॉकीज में फिल्म का ट्रेलर दिखाने के बाद तोड़फोड़ हुई।

यह भी पढ़ें: पद्मावती: सिर काटने की धमकी देने वाले दोषी तो भंसाली पर भी कार्रवाई हो- योगी

- सोमवार को शिवराज सिंह चौहान ने राजपूत समाज के चुनिंदा नेताओं से मुलाकात की। सीएम ने इन नेताओं को भरोसा दिलाया कि फिल्म मध्य प्रदेश में रिलीज नहीं की जाएगी।

- तथ्यों से खिलवाड़ कर राष्ट्रमाता पद्मावती जी, उनके सम्मान के खिलाफ जिस फिल्म में दृश्य दिखाए गए उस फिल्म का प्रदर्शन मध्यप्रदेश की धरती पर नहीं होगा।

- शिवराज ने कहा- भारत में नारी हमेशा से पूजनीय रही है। सारी दुनिया को भारत ने वीरता का पाठ पढ़ाया है। पद्मावती के बारे में बचपन से पढ़ते आए हैं। भारतीय नारी का असली प्रतिबिंब थीं रानी पद्मावती। फिल्म में रानी पद्मावती के किरदार और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है, इसलिए इसका प्रदर्शन राज्य में नहीं होगा।

यूपी के डिप्टी सीएम ने कहा, यूपी में नहीं होगी रिलीज

- यूपी में भी पद्मावती का विरोध हो रहा है। इसके बाद राज्य सरकार का बयान आया।

- डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- पद्मावती से विवादित हिस्सा हटाए बिना फिल्म को राज्य में रिलीज नहीं होने देंगे। इस्लामी शासकों ने देश में काफी तबाही मचाई है। रानी ने अपनी मर्यादा और सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर किया था।
- यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा था कि विरोध करने वालों को फिल्म दिखाई जानी चाहिए। ऐतिहासिक तथ्यों से खिलवाड़ सही नहीं है।

वसुंधरा ने रखी ये मांग

- राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी फिल्म पद्मावती को लेकर आईबी मिनिस्टर स्मृति ईरानी को लेटर लिख चुकी हैं। उन्होंने भी पद्मावती से विवादित हिस्सा हटाने की मांग की है।

पूरे समाज की प्रेरणास्रोत हैं पद्मावती

- भाजपा नेशनल वाइस प्रेसिडेंट और राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने पद्मावती के विरोध को जायज ठहराते हुए कहा- चैनलों पर दिखाए गए फिल्म के कई हिस्से आपत्तिजनक हैं। पद्मावती सिर्फ राजपूतों की ही नहीं, पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत रही हैं। 16 हजार महिलाओं के साथ जौहर लेने वाली पद्मावती भारत की आदर्श और अस्मिता की प्रतीक हैं। फिल्म तो लोगों को सुकून पहुंचाने के लिए होती है, समाज की भावनाओं को आहत करने के लिए नहीं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: pdmaavti raastrmaataa, MP mein nahi hone dengae release, bhopaal mein banayegae smaark
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Bhopal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×