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भोपाल सर्दी

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Dainik Bhaskar

Nov 14, 2017, 06:47 PM IST
बिजनेस टाइकून कुमार मंगलम बिड बिजनेस टाइकून कुमार मंगलम बिड

भोपाल। अपने सपने पूरे करने के लिए 8 खरब की संपत्ति के मालिक का इकलौता बेटा मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में जगह-जगह घूम रहा है। अब जैसे उसके सपने को एक उड़ान मिल गई है। हम बात कर रहे हैं देश की टॉप बिजनेस फैमिलीज में से एक बिड़ला ग्रुप के वारिस और कुमार मंगलम बिरला के इकलौते बेटे आर्यमन विक्रम बिड़ला की। वह सोमवार को मध्य प्रदेश रणजी टीम के लिए सेलेक्ट हुए हैं। लगातार बेहतरीन परफार्मेंस की वजह से उन्हें एमपी रणजी टीम के लिए चुना गया है। वह इस जुनून को पाने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। अपने क्रिकेट के जुनून की वजह से वह तीन महीने से फैमिली से दूर हैं, उनकी फैमिली मुंबई में रहती है।

dainikbhaskar.com के साथ खास बातचीत में आर्यमन ने कहा कि एमपी रणजी टीम के लिए चुना जाना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। फोन पर बातचीत के दौरान वह टीम के साथ बस में सफर कर रहे थे। उन्होंने कहा, "मुझे गर्व है कि मैं एमपी से क्रिकेट खेल रहा हूं। तीन साल पहले रीवा टीम से उन्हें खेलने का मौका मिला और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया।'


लेफ्ट हैंडेड बैट्समैन व अंडर-23 सीके नायडू ट्राफी के लिए एमपी टीम से उन्होंने लगातार दो शतक और एक दोहरा शतक ठोंककर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचा। उन्होंने उड़ीसा के खिलाफ 153 रन और उत्तर प्रदेश के खिलाफ 140 रनों के साथ ही 5 विकेट भी झटके। सागर में छत्तीसगढ़ के खिलाफ पहली पारी में शानदार दोहरा शतक 230 रन बनाए।

खुद की पहचान बनाने का ड्रीम
- आर्यमन विक्रम बिड़ला को खुद की पहचान बनाने का सपना है। इस ड्रीम के लिए वह जीते हैं। अपने साथ लगे बिरला उपनाम के टैग को वह आसान नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा, मुझे अपने बिजनेस टाइकून पिता कुमारमंगलम बिड़ला के बेटे के नाम से पहचाने जाने के बजाय अपनी खुद की पहचान बनाने के रास्ते पर जाना अच्छा लगता है।


चुनौतियों से प्यार करना सीख गया
कुमार मंगलम और नीरजा बिड़ला के बेटे आर्यमन कहते हैं कि घर से दूर जाना आसान नहीं था, लेकिन मुझे लगता है कि मैंने जो आनंद या कठिनाई उठाई है, वह मेरा खुद का फैसला है। मेरे लिए दो साल बिल्कुल आसान नहीं थे, लेकिन अब मैं इसके लिए तैयार हो चुका हूं। और मुझे चुनौतियों से प्यार है। यह घर से दूर अलग रहा है, लेकिन मैं इन चीजों को अपने कैरियर के लिए अच्छा मानता हूं और आगे बढ़ता जाता हूं। एक लक्जरी लाइफ छोड़कर ज्यादातर साल के लिए एक छोटे से शहर में रहना पड़े तो कैसा होगा। इस पर आर्यमन कहते हैं, मेरा मुख्य उद्देश्य हमेशा अपने क्रिकेट पर काम करना था, इसके बाहर कुछ भी करने को तैयार था। मुझे बहुत ज्यादा परवाह नहीं थी।

जब मुंबई से खेलने का विचार छोड़ा
- आर्यमन विक्रम ने क्रिकेट का पीछा करने का फैसला किया लेकिन जल्द ही पता चला कि बाहर का जीवन कांटे से भरा था। भारत के पूर्व बल्लेबाज बल्लेबाज कोच प्रवीण अमरे और जगदीश शेट्टी के तहत मुंबई के खिलाड़ियों पर अच्छा प्रदर्शन करने और अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें जूनियर लेवल पर मुंबई टीम के लिए नहीं सेलेक्ट हुए। इससे निराश आर्यमन विक्रम ने मुंबई की टोपी पहनने के लिए अपने सपने को छोड़ दिया और इसके बजाय मध्य प्रदेश में जाने का विकल्प चुना। इसके लिए रीवा जैसे छोटे से शहर में जाकर वह क्रिकेट खेले। बिरला कहते हैं, तीन साल पहले एक मौका मिला और मैंने लपक लिया। मैं इसके लिए एमपीसीए का बहुत आभारी हूं। रणजी टीम के लिए चुना जाना निश्चित रूप से खुशी है, अब मेरा सारा ध्यान क्रिकेट पर केंद्रित कर रहा हूं।

आईपीएल मेरी रडार पर
- आर्यमन बिड़ला का सेलेक्शन भले एमपी की रणजी टीम में हो गया हो, लेकिन उनका लक्ष्य नेशनल क्रिकेट टीम में शामिल होना है। इसके पहले उनका लक्ष्य आईपीएल खेलना है। उन्होंने कहा, आईपीएल उनके रडार में है। आईपीएल नए खिलाडि़यों के लिए एक शानदार अंतर्राष्ट्रीय मंच है, जहां पर प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका होता है। किस खिलाड़ी की टेक्नीक को फालो करते हैं, इस सवाल के जवाब में आर्यमन ने कहा, मैं किसी खिलाड़ी को फॉलो नहीं करता, कई खिलाडि़यों का खेल देखकर सीखता हूं। अपनी खुद की तकनीक विकसित करना चाहता हूं।


पूरी जिंदगी क्रिकेट में बिताना चाहते हैं
- बिड़ला के वंशज ने बताया कि क्रिकेट में आना उनके लिए अचानक नहीं हुआ। वह कहते हैं, मैं क्रिकेट के लिए पूरी जिंदगी लगा सकता हूं। आठ साल का था या शायद नौ साल का था जब मैंने खेलना शुरू कर दिया था। कोई निश्चित क्षण नहीं था, जब मुझे एहसास हुआ कि मैं इसे अपना करियर बनाना चाहता हूं, यह पेशेवर रूप से इसे खेलने के लिए क्रिकेट एक शौक था। नेट पर लंबा समय बिताने वाले आर्यमन ने शहर छोड़ने और मध्य प्रदेश में खेलने के लिए जब फोन आया तो मुझे पता था कि नीचे से शुरू करना होगा, और इसके साथ आने वाली बाधाओं के लिए तैयार था।

पापा व मां ने हमेशा सपोर्ट किया
- बहन अनन्या बिड़ला एक पॉप गायिका हैं और उनके दो एलबम लांच हो चुके हैं। जबकि आर्यमन खुद एक क्रिकेटर बन चुके हैं। तो क्या पिता कुमार मंगलम बिड़ला ने उन्हें बिजनेस व प्राॅपर्टी संभालने को नहीं कहा। इस सवाल पर जूनियर बिड़ला कहते हैं, मेरे पिता और मां दोनों बेहद सपोर्टिव हैं। उन्होंने मुझे सपने को जीने की आजादी दी है। वह हमेशा कहते हैं कि आप जो कर रहे हैं, उसे पूरे फोकस के साथ करिए।

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