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केमिकल मिले रंगों से नहीं हर्बल कलर से खेलें होली

जिले में सूखी होली व केमिकल मिलाकर तैयार किए गए रंगों से लोगों को बचाने के लिए सामाजिक संस्थाएं लोगों को जागरूक कर...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 04:50 AM IST
केमिकल मिले रंगों से नहीं हर्बल कलर से खेलें होली
जिले में सूखी होली व केमिकल मिलाकर तैयार किए गए रंगों से लोगों को बचाने के लिए सामाजिक संस्थाएं लोगों को जागरूक कर रही हैं। साथ ही हर्बल (प्राकृतिक) रंगों से होली खेलने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

इसी क्रम में नगर के कुछ लोग फूलों से रंग बनाकर इनका उपयोग करेंगे। साथ ही लोगों को भी फूलों से रंग बनाने की विधि बताकर इन्हें बनाकर इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वहीं नगर की सांई फ्रेंडशिप ग्रुप भी प्राकृतिक रंगों के साथ होली खेलेगा। लोगों को भी प्रेरित करेेंगे ग्रुप के मुकेश धनगर व राजशेखर जायसवाल ने बताया प्राकृतिक रंगों से होली खेलने से त्वचा को नुकसान नहीं होता है। मेंणीमाता के निचला फलिया में आपसिंह मुजाल्दे, रामा मुजाल्दे, दसू बारिया, सुआलाल पलाश के फूलों को तोड़कर रंग बनाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन्हें पानी में उबाल कर रंग तैयार करते हैं।

फूलों से घर पर तैयार कर सकते हैं सातों रंग, सामाजिक संस्थाएं व सांई फ्रेंडशिप ग्रुप लोगों को कर रहे जागरूक

पलाश के फूलों को एकत्रित करते आपसिंह मुजाल्दे व अन्य।

ऐसे तैयार कर सकते है पसंदीदा रंग

नारंगी रंग: हल्दी पाउडर में चार चम्मच बेसन मिलाएं। टेसू के फूलों को उबाल लें। उबालने पर नारंगी रंग बनेगा।

लाल रंग: लाल गुलाल व बोगनबीलिया चंदन, अरारोट को मिलाकर बनेगा। गुलाब के फूलों को सुखाकर उसे आटे में मिलाने से भी लाल गुलाल बनेगी।

गुलाबी रंग: लाल कनेर के फूलों को सुखाकर पीस ले। इसके बाद इसमें गेहूं का आटा मिलकर गुलाल तैयार कीया जा सकती है।

हरा रंग: मेहंदी पाउडर में बेसन या आटा मिलाएं, इससे हरे रंग का गुलाल बनेगा। इसके अलावा गेहूं धनिया पुदीना, पालक की पत्तियों से भी हरा रंग बनाया जा सकता है।

संतरा रंग: केसर की कुछ पत्तियों को दो चम्मच पानी में मसलकर कुछ देर रखें। पेस्ट को पानी में मिलाकर इस्तेमाल करें। एक चम्मच हल्दी पाउडर को दो लीटर पानी में मिलाकर उबालें रंग तैयार होगा।

काला रंग: काले अंगूर के रस को पानी में मिलाएं या हल्दी पाउडर को थोड़े से बेकिंग सोडा पाउडर में मिलाकर काला रंग तैयार किया जा सकता है।

नीला रंग: जकरांदा के फूलों को सुखाकर अरारोट या आटे में मिलाएं।

भूरा रंग: कत्था को बारीक पीसकर गेहूं के आटे में मिलाकर उपयोग कर सकते है। उपयोग की गई चायपत्ती का पेस्ट बनाकर भूरा रंग तैयार होगा।

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