Hindi News »Madhya Pradesh »Palsud» झिरी के पानी से 38 लोगों को उल्टी व दस्त

झिरी के पानी से 38 लोगों को उल्टी व दस्त

पलसूद के पास स्थित बोरी के जामन्या फल्या में झिरी का पानी पीने से 6 परिवार के 38 लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। जिन्हें...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 20, 2018, 04:35 AM IST

झिरी के पानी से 38 लोगों को उल्टी व दस्त
पलसूद के पास स्थित बोरी के जामन्या फल्या में झिरी का पानी पीने से 6 परिवार के 38 लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। जिन्हें मेणीमाता स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए ले जाया गया। घटना की जानकारी लगते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वे करने के लिए गांव पहुंची। वहीं एसडीएम, तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने पानी के सैंपल लिए हैं।

जिला महामारी नोडल अधिकारी डॉ. जीएस बारेला ने बताया झिरी का पानी पीने से लोग बीमार हुए थे। जिन्हें इलाज के लिए मेणीमाता लाया गया था। कुछ का इलाज गांव में ही किया गया। अस्पताल से सभी को छुट्टी दे दी गई है और स्थिति काबू में है। सभी मरीजों की हालत सामान्य है। गांव के अन्य लोगों को उल्टी-दस्त न हो, इसके लिए गांव के लोगों को पानी उबालकर पानी की सलाह दी गई है। 108 एंबुलेंस के चालक निर्दोश माली ने बताया सुबह करीब 9 बजे घटना की सूचना मिली। इसके बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया। सिलावद बीएमओ डॉ. ओंकारसिंह कनेल ने बताया दूषित पानी पीने से लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आए है।

फल्या के मरीज 2 किमी पैदल चले, तब 108 एंबुलेंस तक पहुंचे। पीड़ित रुकमा गोखरिया, कमली भाया, दुरली खेबड़ा, अनिता रणछोड़ ने बताया पीड़ित मरीजों को दो किमी पैदल इसलिए चलकर आना पड़ा। क्योंकि फल्या तक 108 एंबुलेंस के पहुंचने का मार्ग नहीं था।

परेशानियों के बीच अस्पताल पहुंचे मरीज

मरीजों को अस्पताल ले जाते हुए।

पांच लोगों की टीम गठित

बीमारी फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पांच लोगों की टीम गठित कर गांव भेजा। टीम ने पूरे गांव में ओआरएस के पैकेट बांटे और पीड़ित मरीजों का इलाज किया। टीम में मेडिकल ऑफिसर, एक सुपरवाइजर, दो एमपीडब्ल्यूए, एक एनएम शामिल थी। जिला महामारी नोडल अधिकारी ने बताया बुधवार जिला मुख्यालय से टीम गांव पहुंचकर मरीजों का इलाज करेगी। शुद्ध पानी उपलब्ध कराने टंकियां रखवाकर सप्लाय करेगी। इस क्षेत्र के सभी जलस्रोतों में दवा का छिड़काव कराया जाएगा।

सुबह कर ली थी व्यवस्था

बोरी गांव में उल्टी-दस्त की बीमारी फैलने की सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल स्थित टीबी वार्ड में मरीजों को भर्ती करने के लिए तैयारी कर ली गई थी। हालांकि मरीजों को जिला अस्पताल तक आने की जरूरत नहीं पड़ी।

1 साल पहले इसी गांव के फल्या में फैली थी बीमारी

पिछले साल भी झिरी के पानी से बोरी गांव के वहलवार फल्या में उल्टी-दस्त की बीमारी फैली थी। इस दौरान एक बच्चे की मौत भी हुई थी। बड़ी संख्या में मरीजों को जिला अस्पताल लाया गया था। कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने गांव का दौरा किया था और पेयजल को लेकर कार्य योजना तैयार की गई थी।

ये लोग हुए पीड़ित

स्वास्थ्य विभाग जानकारी के अनुसार फलिया के रुकमा गोखरिया, कमली भाया, दुरली खेबड़ा, खेबड़ा गोखरिया, रीता रणछोड़, अनिता रणछोड़, हसिया रणछोड़, सुनील खेबड़ा, निरमा गुदा, सुनील गुदा, रवीना गुदा, सविता गुदा, सुनीता गुदा, व्यापारिया नगरिया, द्वारकी नगरिया, जनादि सुरेश, रेसलि श्याम सहित अन्य लोग पीड़ित है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Palsud

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×