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500 भक्तों ने नर्मदा जल से किया भोले का अभिषेक

सावन के दूसरे सोमवार शहर सहित पलसूद के कावड़ यात्रियों का जत्था नर्मदा जल लेने के लिए राजघाट पहुंचा। सोमवार सुबह 11...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 07, 2018, 04:51 AM IST

500 भक्तों ने नर्मदा जल से किया भोले का अभिषेक
सावन के दूसरे सोमवार शहर सहित पलसूद के कावड़ यात्रियों का जत्था नर्मदा जल लेने के लिए राजघाट पहुंचा। सोमवार सुबह 11 बजे मां रेवा कावड़ यात्रा ने राजघाट से सेगांव टेकड़ी तक यात्रा निकाली। इसमें 500 से अधिक श्रध्दालु शामिल हुए। शहर के विभिन्न मार्गों से होकर यात्रा सेगांव टेकड़ी स्थित मंदिर पहुंची। कावड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। सेगांव के 50 से अधिक महिला-पुरुष व बच्चों ने भी राजघाट से कावड़ यात्रा निकाली। सेगांव स्थित शिव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया। 13 अगस्त संकट मोचन हनुमान मंदिर कावड़ यात्रा राजघाट से निकालेगी। शहर के मुख्य शिवालयों में अभिषेक किया जाएगा।

डाइट परिसर में 20 से अधिक महिलाएं कर रही सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण

राजघाट से नर्मदा जल लेकर निकले कावड़ यात्री।

महिलाओं ने बनाए 75 हजार पार्थिव शिवलिंग

राजघाट रोड स्थित डाइट परिसर में जानकीवल्लभ शर्मा के निवास के बाहर सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। अभी तक 75 हजार शिवलिंग बनाए हैं। शर्मा ने बताया समाज की सुख-समृद्धि के लिए सावन माह की शुरुआत से मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग बनाए जा रहे हैं। जिसमें नार्मदीय ब्राह्मण समाज के महिला मंडल की 20 से अधिक महिलाएं व युवतियां रोजाना 10 से 15 हजार शिवलिंग बना रही हैं। शाम को पूजन व आरती के बाद नर्मदा नदी में विसर्जन किया जा रहा है। सोमवार तक 75 हजार से अधिक शिवलिंग का निर्माण हो चुका है।

इधर...नर्मदा जल से स्नान करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं- प्रेमरसाचार्य महाराज

रणजीत चौक स्थित शीतला माता मंदिर से नर्मदा पुराण कथा के दूसरे दिन भोपाल के प्रेमरसाचार्य महाराज ने नर्मदा स्नान का महत्व बताया। उन्होंने कहा नर्मदा जल से स्नान करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। वस्त्र बनाना, झाडू लगाना, भोजन बनाना व ताली बजाकर भगवान का भजन करना भी भगवान की सेवा है। एक ब्राह्मण को भोजन कराने से भी 1 हजार ब्राह्मण को भाेजन कराने का पुण्य मिलता है। धन की कमी ही दरिद्रता है। कर्म करने व भगवान का भजन करने से दरिद्रता खत्म होती है। उन्होंने नर्मदा जल, भगवान शिव व श्रीकृष्ण की कथा सुनाई।

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