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अमानवीयता: जिला अस्पताल में रातभर तड़पता रहा मरीज, हंगामा किया तो सुबह 10 बजे लगाया सिलेंडर

जिला अस्पताल में लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। शनिवार रात वार्ड नंबर 5 में भर्ती एक गंभीर मरीज रात भर आक्सीजन के...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:15 AM IST
जिला अस्पताल में लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। शनिवार रात वार्ड नंबर 5 में भर्ती एक गंभीर मरीज रात भर आक्सीजन के लिए तड़पता रहा, लेकिन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने मरीज को आक्सीजन नहीं लगाया। सुबह मरीज के परिजनों ने हंगामा किया तो मरीज को दूसरा सिलेंडर लगाया, लेकिन उसमें भी आक्सीजन नहीं होने पर फिर से तीसरा सिलेंडर लगाया। इसके बाद मरीज को राहत मिली।

सारनी क्षेत्र के पाथाखेड़ा निवासी मनोज पिता सुंदरलाल ढढोरिया (53) बस एजेंट का काम करता है। वह कई दिनों से अस्थमा, टीबी तथा शुगर की बीमारी से परेशान है। शनिवार को बीमारी से परेशान होकर उसने अपने हाथ की नस काट ली। परिजनों उसे गंभीर हालत में घोड़ाडोंगरी अस्पताल लाए, जहां से उसे जिला अस्पताल रैफर कर दिया। उसे तकलीफ होने के कारण आक्सीजन लगाया था। शनिवार रात को सिलेंडर खत्म हो गया। मरीज की बहन सुनीता नकवाल ने ड्यूटी पर तैनात नर्स और कर्मचारियों को दूसरा सिलेंडर लगाने के लिए कहा, लेकिन किसी ने भी सिलेंडर नहीं लगाया। मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। किसी तरह रात काटने के बाद सुबह मरीज बहन के साथ कलेक्टर शशांक मिश्र के घर पहुंच गया। इसके बाद वह जिला अस्पताल आया।

टीबी के मरीज को रखा वार्ड नंबर 5 में

मनोज को टीबी, अस्थमा की शिकायत होने के बाद भी वार्ड नंबर 5 में रखा जा रहा है, जबकि इस वार्ड में एक्सीडेंट के मरीजों को रखा जाता है। इसके बाद भी इस पेसेंट को यहां रखा जा रहा है। इससे दूसरे मरीज भी प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन को उसे टीबी वार्ड में भर्ती कर इलाज कराना चाहिए।

जिला अस्पताल में भर्ती मरीज मनोज को आक्सीजन लगाने के बाद मिली राहत।