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2 खदानों और पावर हाउस की इकाइयां सिर्फ कागजों में, केवल भ्रमित कर रहे नेता :मोदी

सारनी। उद्योग बचाओ, नगर बचाओ संघर्ष समिति ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। उद्योग लाओ, रोजगार दो, फिर सारी जनता...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 06, 2018, 04:50 AM IST

2 खदानों और पावर हाउस की इकाइयां सिर्फ कागजों में, केवल भ्रमित कर रहे नेता :मोदी
सारनी। उद्योग बचाओ, नगर बचाओ संघर्ष समिति ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया।

उद्योग लाओ, रोजगार दो, फिर सारी जनता सरकार के साथ है

काॅमरेड कृष्णा मोदी ने नपा में सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा नगर पालिका क्षेत्र की स्थिति बेहतर नहीं है। संघर्ष समिति किसी का विरोध नहीं कर रही, लेकिन सभी उद्योग और रोजगार चाहते हैं। तभी सारनी शहर बचेगा। उन्होंने कहा सरकार या किसी दल विशेष का विरोध नहीं किया जा रहा, लेकिन लोग परिणाम चाहते हैं। आश्वासन नहीं। उन्होंने कहा यूनिटें आ रही हैं या खदानें खुल रही हैं तो सांसद, विधायक को जनता के सामने इनके प्रमाण रखने चाहिए। ताकि यहां से पलायन रुके। यदि प्रमाण मिलते हैं तो सारनी की जनता सरकार के साथ है।

रोजगार के लिए परिषद में लेंगे प्रस्ताव

शहर मेें रोजगार की कमी है। समिति के संघर्ष के साथ सभी लाेग शामिल हैं। शहर में रोजगार के अवसर आएं इसके लिए परिषद में प्रस्ताव लिया जाएगा। सरकार का इस ओर ध्यानाकर्षण कराया जाएगा। डब्ल्यूसीएल और पावर जनरेटिंग कंपनी को भी पत्र लिखे जाएंगे। बेहतरी के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। आशा भारती, अध्यक्ष नपा सारनी

50 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार

संघर्ष समिति के राकेश महाले, झब्बूराव वाइकर, अरुण माकोड़े, राजेश पवार, नरेंद्र उघड़े, रामा वाइकर, जयराम सूर्यवंशी, किशोर चौहान, मो. इलियास समेतं ने बताया शहर में हर महीने औसतन 20 लोग रिटायर हो रहे हैं। यानी यहां से हर महीने करीब 100 लोगों का पलायन हो रहा है। इस तरह यदि अंदाजा लगाया जाए तो 50 हजार से ज्यादा लाेग बेरोजगार हैं। अभी भी यहां रोजगार के अवसर नहीं हैं। पावर प्लांट और खदानों के भरोसे पूरा शहर चल रहा है, लेकिन दोनों ही संस्थानों में रोजगार की कमी है।

बाजार बंद होने के बाद भी नहीं आए व्यापारी

संघर्ष समिति लगातार संघर्ष कर रही है, मगर, शहर के व्यापारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। सारनी, पाथाखेड़ा, शोभापुर और बगडोना के व्यापारी इसमें कम नजर आए। संयोजक मोदी ने कहा सभी को एकजुट किया जा रहा है। इधर आमला से आई मोनिका निरापुरे ने बताया सारनी की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा इसके लिए प्रांतीय स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी है। शहर के अस्तित्व की लड़ाई सभी मिलकर लड़ेंगे। रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है।

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