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डब्ल्यूसीएल की सप्लाई वाले कई क्षेत्रों में पांच से छह दिन में मिल रहा पानी

गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर में पेयजल संकट ने भी दस्तक दे दी है। पाथाखेड़ा की तकरीबन पूरी सप्लाई टैंकरों के भरोसे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 04:50 AM IST

गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर में पेयजल संकट ने भी दस्तक दे दी है। पाथाखेड़ा की तकरीबन पूरी सप्लाई टैंकरों के भरोसे हो गई है। ऐसे में यहां पानी नहीं मिल रहा है। आने वाले दिनों में संकट और बढ़ने के आसार हैं। इस हालत में नपा के पास कोई ठोस प्लान भी नहीं है। नपा डब्ल्यूसीएल से पानी लेने वाली थी, लेकिन खुद डब्ल्यूसीएल के पास पर्याप्त पानी नहीं है। ऐसे में एकमात्र छोटा मठारदेव के कुएं से ही पानी सप्लाई हो पाएगी।

नगर पालिका ने डब्ल्यूसीएल के फिल्टर प्लांट से पानी लेने की योजना तैयार की थी। इसे लेकर दोनों प्रबंधनों के बीच चर्चा भी हुई, लेकिन ठोस फायदा नहीं मिल पाया। परेशानी यह आ गई डब्ल्यूसीएल के फिल्टर प्लांट पर ही पानी की कमी है। ऐसे में नपा को अलग से पानी कहां से देंगे। अब नपा छोटा मठारदेव स्थित कुएं पर निर्भर है। हालांकि इस कुएं में पर्याप्त पानी है। पूरी गर्मी भर पानी खत्म नहीं होता इसलिए नपा चिंतित नहीं है, लेकिन बड़ी परेशानी डीजल की खपत को लेकर आ रही है। डीजल की खपत ज्यादा होने के कारण नपा परेशान है। फिर भी पूरे सीजन अब टैंकरों से ही पानी सप्लाई होगा। दरअसल सुभाष नगर, आंबेडकर नगर, प्रेम नगर, पटेल नगर के हालत ठीक नहीं हैं। यहां पानी की सप्लाई 4 से 6 दिनों के अंतराल में हो रही है। यही कारण है नपा को टैंकरों से पानी देने में पूरी ताकत झोंकनी पड़ रही है।

सारनी। वार्डों में इस तरह टैंकरों से की जा रही पानी की सप्लाई।

नगर पालिका के पास चार टैंकर, 36 वार्ड, 25 से ज्यादा फेरे, रोज की परेशानी

नगर पालिका के पास चार बड़े टैंकर हैं। इन्हीं से सभी 36 वार्डों में पानी देना है, लेकिन परेशानी यह है कि एक टैंकर दिन भर में पांच से छह चक्कर ही लगा पाता है। यानी दिन भर में टैंकरों के 25 फेरे ही हो पाते हैं। जबकि वार्ड 36 हैं। नपा ने दो नए टैंकर खरीदने पर विचार किया है। मगर, यह कार्रवाई में ही है। हालांकि गर्मी के पहले नए टैंकर खरीद लिए जाएंगे। तब तक परेशानी बरकरार रहेगी। नपा ने कुछ पुराने ट्रैक्टर वाले टैंकर सुधारने की योजना तैयार की है।

पाटाखेड़ा और वार्ड 3 में भी पानी की किल्लत

वार्ड 3 के टॉकीज के पास के हिस्से में भी पानी की बेजा किल्लत है। यहां भी लोग टैंकरों के भरोसे ही काम चला रहे हैं। पूरे साल यहां नगर पालिका के नलों से पानी नहीं आता है। यहां चढ़ाई वाला क्षेत्र होने के कारण ज्यादा दिक्कतें होती हैं। पाइप लाइन होने के बाद भी पानी चढ़ नहीं पाता। इसी कारण यहां साल भर टैंकर से पानी देना पड़ता है। नगर पालिका की सप्लाई वाले वार्ड 1 नंबर में भी पानी संकट है।

टैंकरों काे दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं

नगर पालिका क्षेत्र में अधिकतर सप्लाई टैंकरों के भरोसे होती है। इसलिए इन्हें सुधरवाने के निर्देश दिए हैं। चार टैंकरों से पानी सप्लाई होता है। सभी के फेरे बढ़ाने के लिए कहा है। नपा क्षेत्र में जहां पाइप लाइन है उनका मेंटेनेंस किया जा रहा है। कार्ययोजना तैयार कर पानी सप्लाई किया जाएगा। केके भावसार, प्रभारी सीएमओ, नपा सारनी

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